आर्ट्स से छात्र 12वीं के बाद कर सकते हैं यह कोर्स

By वरूण क्वात्रा | Publish Date: Aug 2 2019 5:44PM
आर्ट्स से छात्र 12वीं के बाद कर सकते हैं यह कोर्स
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आर्ट्स के स्टूडेंट 12वीं के बाद बैचलर ऑफ आर्ट्स का तीन साल का कोर्स कर सकते हैं। आप चाहें तो कई विषयों जैसे साहित्य, इतिहास, भूगोल, राजनीतिक विज्ञान आदि में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। वैसे तो यह ग्रेजुएशन कोर्स है, लेकिन इस कोर्स को करने का लाभ यह है कि इसके बाद आपके लिए सरकारी नौकरी के रास्ते खुलते हैं।

वो जमाने लद गए, जब साइंस स्टीम को ही सबसे अच्छा माना जाता था और हर माता−पिता अपने बच्चे को डॉक्टर या इंजीनियर बनते हुए देखना चाहते थे। बदलते जमाने ने बच्चों को उनके इंटरस्ट के अनुसार कॅरियर की राह चुनने का मौका दिया है। आप चाहे किसी भी स्टीम के छात्र हो, लेकिन आपके लिए कॅरियर की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। तो चलिए आज हम आपको बता रहे हैं आर्ट्स से छात्र 12वीं के बाद इन कोर्स को कर सकते हैं−
 
बीए
आर्ट्स के स्टूडेंट 12वीं के बाद बैचलर ऑफ आर्ट्स का तीन साल का कोर्स कर सकते हैं। आप चाहें तो कई विषयों जैसे साहित्य, इतिहास, भूगोल, राजनीतिक विज्ञान आदि में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। वैसे तो यह ग्रेजुएशन कोर्स है, लेकिन इस कोर्स को करने का लाभ यह है कि इसके बाद आपके लिए सरकारी नौकरी के रास्ते खुलते हैं। वहीं आप प्राइवेट जॉब्स के लिए भी आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। बी.ए करने के बाद अगर आप अपनी शैक्षणिक योग्यता में इजाफा करना चाहते हैं तो एम.ए किया जा सकता है।


बीबीए
बीबीए अर्थात बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्टेशन तीन साल का कोर्स है, जिसे करने के बाद आप मैनेजमेंट की दुनिया में पूरे आत्मविश्वास के साथ कदम रख सकते हैं। बीबीए कोर्स के दौरान छात्रों को फाइनेंशियल मैनेजमेंट से लेकर बिजनेस कम्युनिकेशन व अकाउंटिंग आदि के बारे में सिखाया जाता है। बीबीए करने के बाद छात्रों के लिए कारपोरेट हाउसेज और बिजनेस फर्म्स में जॉब के रास्ते खुलते हैं। 12वीं में आर्ट्स के स्टूडेंट्स के लिए इसे एक अच्छा विकल्प माना जाता है।


 
बीएफए
बीएफए अर्थात बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स बीए की तरह ही तीन साल का कोर्स है। अगर आप किसी क्रिएटिव फील्ड जैसे पेंटिंग, स्कल्पटिंग, नृत्य या फोटोग्राफी में अपना भविष्य देख रहे हैं तो यह कोर्स करना आपके लिए अच्छा रहेगा। भारत में कई प्राइवेट व सरकारी संस्थान बीएफए का कोर्स करवाते हैं। 
 


जर्निलज्म एंड मास कम्युनिकेशन
यह एक जॉब ओरिएंटिड कोर्स है, जो काफी डिमांड में है। अगर आप मीडिया के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं तो इस कोर्स को कर सकते हैं। कोर्स करने के बाद आप प्रिंट, इलेक्टानिक और ऑनलाइन मीडिया कहीं पर भी रास्ते बना सकते हैं। मास कम्युनिकेशन में आप डिग्री, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। जहां डिग्री कोर्स तीन साल का होता है, वहीं डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स एक से दो साल तक का हो सकता है।
होटल मैनेजमेंट
यह भी एक ऐसा कोर्स है, जिसे करने के तुरंत बाद आप होटल या हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जॉब कर सकते हैं। आज के समय में यह एक डिमांडिंग क्षेत्र है, इसलिए इस होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद आपको बिल्कुल भी निराश नहीं होना पड़ेगा। आप चाहें तो तीन साल का डिग्री कोर्स कर सकते हैं या फिर एक से दो साल के डिप्लोमा कोर्स करना भी एक अच्छा विचार है।
 
इवेंट मैनेजमेंट
यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें छात्रों के स्किल को निखारा जाता है और कोर्स के तुरंत बाद आप अपने करियर की राहें बना सकते हैं। अगर आप इवेंट मैनेजमेंट का डिग्री कोर्स करते हैं, तो यह लगभग तीन साल का होगा। वहीं आप चाहें तो इसमें डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करके आगे कदम बढ़ा सकते हैं।

फैशन डिजाइनिंग
अगर आप क्रिएटिव हैं और फैशन की दुनिया में अपना भविष्य देखते हैं तो फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करना आपके लिए ज्यादा अच्छा रहेगा। फैशन डिजाइनिंग में बैचलर डिग्री प्रोग्राम करीबन चार साल का होता है और इस दौरान छात्रों को थ्योरी व प्रैक्टिकल दोनों की नॉलेज दी जाती है।
 
ग्राफिक डिजाइन  
ग्राफिक डिजाइनिंग के क्षेत्र में आपको कई तरह के कोर्सेस मिलेंगे। आप अपनी इच्छानुसार उनमें से चुन सकते हैं। इस क्षेत्र में आप एनिमेशन से लेकर ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स कर सकते हैं। अगर आप ग्राफिक डिजाइनिंग में बैचलर डिग्री लेते हैं तो इसकी अवधि तीन से चार साल की होगी। वहीं इस फील्ड एक से दो साल के डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध हैं। 
 
टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज
12वीं के बाद टीचर ट्रेनिंग कोर्स एक बेहतरीन कॅरियर ऑप्शन माना जाता है। यह टीचर ट्रेनिंग कोर्स करने के बाद आप स्कूल में जॉब कर सकते हैं और बेहतरीन भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। टीचर ट्रेनिंग कोर्स में आप बीएड, बीपीएड यानी बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन, बीएलएड अर्थात् बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन या डीएलएड मतलब डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन कर सकते हैं। इसके अलावा नर्सरी स्तर का टीचर ट्रेनिंग कोर्स भी मौजूद है। यह टीचर ट्रेनिंग कोर्स करने के बाद आप छोटे बच्चों को आसानी से पढ़ा सकते हैं।
 
वरूण क्वात्रा
 

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