Bangladesh Cricket में Election धांधली पर बड़ा एक्शन, बोर्ड भंग, Tamim Iqbal के हाथों में अब कमान

चुनावी गड़बड़ी और लगातार विवादों के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भंग कर दिया गया है, जिसके बाद पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी प्राथमिकता बोर्ड की खोई प्रतिष्ठा को बहाल करना और अगले तीन महीने में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना होगा।
बांग्लादेश क्रिकेट में, जहां सरकार ने अहम फैसला लेते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की मौजूदा कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। बता दें कि इसके साथ ही पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यह फैसला पिछले साल अक्टूबर में हुए बोर्ड चुनावों में अनियमितताओं और आरोपों की जांच के बाद लिया गया है। गौरतलब है कि पांच सदस्यीय जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने यह कदम उठाया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया में कई खामियां सामने आई थीं।
नई व्यवस्था के तहत तमीम इकबाल 11 सदस्यीय अंतरिम समिति का नेतृत्व करेंगे, जिसमें पूर्व कप्तान मिन्हाजुल आबेदीन और पूर्व खिलाड़ी व कमेंटेटर अतहर अली खान भी शामिल हैं। इसके अलावा समिति में कई अन्य सदस्य भी शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य अगले तीन महीनों के भीतर निष्पक्ष चुनाव कराना होगा।
बता दें कि तमीम इकबाल ने साफ किया है कि वह आगामी चुनाव में हिस्सा लेंगे और चाहते हैं कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। उनका कहना है कि बोर्ड की छवि पिछले डेढ़ साल में प्रभावित हुई है और उसे सुधारना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के कारण यह फैसला लिया गया है और इस बारे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को भी जानकारी दे दी गई।
गौरतलब है कि हाल के समय में बोर्ड के भीतर लगातार विवाद सामने आ रहे थे। कई निदेशकों के इस्तीफे, टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों ने स्थिति को और जटिल बना दिया था।
तमीम इकबाल का क्रिकेट करियर भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने बांग्लादेश के लिए तीनों प्रारूपों में लंबा समय खेला और टीम की कप्तानी भी की है। हालांकि 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उनका करियर अचानक तब थम गया जब घरेलू मैच के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।
अब नए अध्यक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी न केवल प्रशासनिक सुधार करना है बल्कि क्रिकेट संरचना को स्थिर करना भी है। ऐसे में आने वाले तीन महीने बांग्लादेश क्रिकेट के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं, जहां पारदर्शी चुनाव और बेहतर प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।
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