टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन बनाने वाले 11वें भारतीय बने यह खिलाड़ी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 11, 2021   10:49
  • Like
टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन बनाने वाले 11वें भारतीय बने यह खिलाड़ी

स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने वाले 11वें भारतीय बने।आईसीसी ने लिखा, ‘‘चेतेश्वर पुजारा टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने वाले 11वें भारतीय बल्लेबाज बने। कितने शानदार बल्लेबाज हैं वह।’’

सिडनी। स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा सोमवार को टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने वाले 11वें भारतीय बने। अपना 80वां मैच खेल रहे पुजारा ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी क्रिकेट मैदान पर तीसरे टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन यह उपलब्धि हासिल की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी। आईसीसी ने लिखा, ‘‘चेतेश्वर पुजारा टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने वाले 11वें भारतीय बल्लेबाज बने। कितने शानदार बल्लेबाज हैं वह।’’

इसे भी पढ़ें: भारत के जाने माने रेसर सीएस संतोष डकार रैली 2021 में हुए हादसे का शिकार

पुजारा से पहले भारतीय बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर (15921), राहुल द्रविड़ (13265), सुनील गावस्कर (10122), वीवीएस लक्ष्मण (8781), वीरेंद्र सहवाग (8503), विराट कोहली (7318), सौरव गांगुली (7212), दिलीप वेंगसरकर (6868), मोहम्मद अजहरूद्दीन (6215) और गुंडप्पा विश्वनाथ टेस्ट क्रिकेट में 6000 से अधिक रन बना चुके हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




यूसुफ पठान ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   18:31
  • Like
यूसुफ पठान ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की

पठान ने अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में टी20 विश्व कप फाइनल में किया था और अगले साल जून में इसी टीम के खिलाफ अपना पहला वनडे खेले थे। केकेआर के अलावा वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिये भी खेले थे।

नयी दिल्ली। भारतीय आल राउंडर और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिये मशहूर यूसुफ पठान ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की और कहा कि उनकी जिंदगी की इस पारी को खत्म करने का समय आ गया है। पठान 2007 में शुरूआती टी20 विश्व कप विजेता टीम और घरेलू धरती पर 2011 वनडे विश्व कप में जीत दर्ज करने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। अड़तीस वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपने ट्विटर पर पोस्ट किये बयान में कहा, ‘‘आज अपनी जिंदगी की इस पारी को खत्म करने का समय आ गया है। मैं खेल के सभी प्रारूपों से आधिकारिक रूप से संन्यास की घोषणा करता हूं।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मैं अपने परिवार, दोस्तों, प्रशंसकों, टीमों, कोचों और पूरे देश का सहयोग और प्यार करने के लिये तहेदिल से शुक्रिया करता हूं।’’

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान के बड़े भाई यूसुफ ने 57 वनडे खेलकर 113.60 के स्ट्राइक रेट से 810 रन बनाये हैं जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 22 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी हिस्सा लिया जिसमें उन्होंने 146.58 के स्ट्राइक रेट से 236 रन बनाये और वह कोलकाता नाइटराइडर्स की इंडियन प्रीमियर लीग में खिताबी जीत का भी हिस्सा रहे। उन्होंने भारत के लिये अपना अंतिम मैच 2012 में खेला था। युसूफ ने कहा, ‘‘मुझे अब भी वह दिन याद है जब मैंने पहली बार भारतीय टीम की जर्सी पहनी थी। मैंने उस दिन सिर्फ जर्सी ही नहीं पहनी थी, बल्कि अपने परिवार, कोच, दोस्तों, पूरे देश और अपनी खुद की उम्मीदें अपने कंधों पर ली थीं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये दो विश्व कप जीतना और सचिन तेंदुलकर को अपने कंधों पर उठाना मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ पलों में से कुछ हैं। मैंने एम एस धोनी की कप्तानी में अपना अंतरराष्ट्रीय, शेन वार्न के नेतृत्व में आईपीएल और जैकब मार्टिन की कप्तानी में रणजी पदार्पण किया। मुझ पर भरोसा करने के लिये उनका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा।’’ 

इसे भी पढ़ें: मध्यम गति के गेंदबाज विनय कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

वह पिछले दो सत्र से आईपीएल की खिलाड़ियों की नीलामी में नहीं बिके। घरेलू स्तर पर यूसुफ उन कुछ खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने 100 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, इसके अलावा उन्होंने 199 लिस्ट ए और 274 टी20 मैच में भी खेले। विश्व कप जीतने के क्षण को याद करते हुए यूसुफ ने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और आईपीएल में केकेआर टीम के अपने कप्तान गौतम गंभीर का धन्यवाद दिया और अपने भाई इरफान को अपनी ताकत बताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं गौतम गंभीर का धन्यवाद करता हूं जिनके साथ हमने केकेआर के लिये दो आईपीएल ट्राफी जीती। मैं अपने भाई और अपनी ताकत इरफान पठान का भी शुक्रिया करना चाहूंगा जो हमेशा मेरे करियर में उतार चढ़ाव में मेरे साथ रहे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीसीसीआई और बड़ौदा क्रिकेट संघ का भी शुक्रिया करना चाहूंगा कि जिन्होंने मुझे देश और राज्य के लिये खेलने का मौका दिया। ’’ पठान ने अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में टी20 विश्व कप फाइनल में किया था और अगले साल जून में इसी टीम के खिलाफ अपना पहला वनडे खेले थे। केकेआर के अलावा वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिये भी खेले थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




मध्यम गति के गेंदबाज विनय कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   16:18
  • Like
मध्यम गति के गेंदबाज विनय कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

आर विनय कुमार ने अपने बयान में कहा कि वह भाग्यशाली रहे कि उन्हें अपने करियर में सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला।

नयी दिल्ली। भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके कर्नाटक के अनुभवी मध्यम गति के गेंदबाज आर विनय कुमार ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। सैंतीस साल के इस खिलाड़ी ने अपने राज्य की टीम का नेतृत्व करते हुए लगातार रणजी ट्राफी खिताब भी दिलाये हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह भाग्यशाली रहे कि उन्हें अपने करियर में सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। 

इसे भी पढ़ें: टेस्ट क्रिकेट में शानदार पदार्पण पर बोले अक्षर पटेल, यह सब आत्मविश्वास की बात है 

उन्होंने बयान में कहा, ‘‘आज ‘दवंगेरे एक्सप्रेस’ 25 साल दौड़ने और क्रिकेटिया जिंदगी के इतने सारे स्टेशन पास करने के बाद उस स्टेशन पर आ गयी है जिसे ‘संन्यास’ कहते हैं। इतनी सारी भावनाओं के साथ मैं, विनय कुमार आर, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा करता हूं। ’’ उन्होंने ट्विटर पर अपने बयान में कहा, ‘‘यह फैसला करना आसान नहीं था, हालांकि हर खिलाड़ी की जिंदगी में ऐसा समय आता है जब उसे संन्यास लेना पड़ता है। ’’ भारत के लिये उन्होंने एक टेस्ट, 31 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




टेस्ट क्रिकेट में शानदार पदार्पण पर बोले अक्षर पटेल, यह सब आत्मविश्वास की बात है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   13:01
  • Like
टेस्ट क्रिकेट में शानदार पदार्पण पर बोले अक्षर पटेल, यह सब आत्मविश्वास की बात है

अक्षर पटेल ने सात साल पहले बांग्लादेश के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस दिन के बाद से टीम में वह स्थायी जगह नहीं बना सके क्योंकि स्पिन हरफनमौला के रूप में रविंद्र जडेजा की जगह पक्की थी।

अहमदाबाद। अक्षर पटेल के लिये इंतजार काफी लंबा था और पिछले तीन साल से हर व्यक्ति उनसे बस एक ही सवाल पूछता था ,‘‘ तुम भारतीय टीम में क्यो नहीं हो ?’’ पटेल को हालांकि पता था कि उनका समय आयेगा और वह कभी इससे विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा ,‘‘ यह सब आत्मविश्वास की बात है।’’ गुजरात के आणंद के रहने वाले पटेल मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन स्कूल के एक दोस्त के कहने पर क्रिकेट खेलने लगे। इंग्लैंड के खिलाफ दिन रात के तीसरे टेस्ट में रिकॉर्ड 11 विकेट लेकर बायें हाथ के इस स्पिनर को वह बड़ा ब्रेक मिल गया जिसकी उन्हें सात साल से तलाश थी। उन्होंने सात साल पहले बांग्लादेश के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस दिन के बाद से टीम में वह स्थायी जगह नहीं बना सके क्योंकि स्पिन हरफनमौला के रूप में रविंद्र जडेजा की जगह पक्की थी। 

इसे भी पढ़ें: इंग्लैंड WTC फाइनल की दौड़ से बाहर, भारत तालिका में शीर्ष पर पहुंचा 

इस श्रृंखला में भी जडेजा के चोटिल होने के कारण उन्हें मौका मिला। वह 2018 से राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं और इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में दूसरे टेस्ट में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। अक्षर ने हार्दक पंड्या को बीसीसीआई टीवी के लिये इंटरव्यू में बताया ,‘‘ मैं तीन साल से टीम से बाहर हूं और अपने खेल केपहलुओं पर मेहनत करता रहा। मैने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर काफी मेहनत की।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ जब आप टीम से बाहर होते हैं तो दोस्त और दूसरे लोग बार बार पूछते हैं कि अच्छा प्रदर्शन करने पर भी टीम में क्यो नहीं हो। ये चीजें दिमाग में आती रहती हैं।’’ 

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं खुद से यही कहता था कि मौके का इंतजार करो और जब भी मौका मिलेगा, मैं अपना शत प्रतिशत दूंगा।’’ अक्षर 15 वर्ष की उम्र में स्कूल के एक दोस्त के कहने पर क्रिकेट में आये। उनकी दादी ने उनका पूरा साथ दिया लेकिन उनके भारतीय टीम में आने से पहले ही दादी का देहांत हो गया। 

इसे भी पढ़ें: विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में तोड़ा धोनी का रिकॉर्ड, सरजमीं पर जीते 22 टेस्ट मैच 

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं पूरा श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और साथी खिलाड़ियों को दूंगा जिन्होंने कठिन समय में मेरा साथ दिया।’’ यह पूछने पर कि क्या उन्हें टेस्ट क्रिकेट आसान लगा, अक्षर ने कहा ,‘‘ मुझसे हर कोई यह सवाल पूछ रहा है। जब चीजें अनुकूल हो तो आसान लगता है लेकिन जब आप फुलटॉस चूक जाये तो पता चलता है कि यह कितना आसान है।’’ इंटरव्यू के आखिर में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी अक्षर के प्रदर्शन की गुजराती में तारीफ की। उन्होंने कहा ,‘‘ ऐ बापू तारी बोलिंग कमाल छे (बापू तुम्हारी गेंदबाजी शानदार है)।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept