Mohammed Shami ने फिटनेस पर उठ रहे सवालों को नकारा, Bhuvneshwar Kumar की वापसी का किया समर्थन

मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ 30 रन देकर 4 विकेट चटकाए। अपनी फिटनेस पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनका प्रदर्शन मैदान पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही शमी ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी का समर्थन किया।
रविवार को बंगाल और दिल्ली के बीच कल्याणी में रणजी ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन मोहम्मद शमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17.3 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने 9 ओवर मेडन भी डाले। हालांकि, मैदान के बाहर जब उनसे भारतीय टीम में वापसी और फिटनेस को लेकर सवाल पूछे गए, तो उनका जवाब भी काफी साफ और बेबाक रहा।
शमी लंबे समय से भारतीय टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनकी फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी फिटनेस मैदान पर देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह खेल रहे हैं और जहां भी खेलने का मौका मिल रहा है, वहां अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके मुताबिक, सिर्फ बयान देने से कुछ नहीं होगा, उनका प्रदर्शन ही असली जवाब है।
गौरतलब है कि शमी ने आखिरी बार 2025 की शुरुआत में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह संयुक्त अरब अमीरात में खेले गए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की खिताबी जीत का भी हिस्सा थे। इसके बाद से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने से उनकी निराशा साफ नजर आई।
इस दौरान शमी ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी का स्वागत किया। 36 वर्षीय भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में चुना गया है। आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें यह मौका मिला है।
शमी ने कहा कि भुवनेश्वर को काफी पहले ही भारतीय टीम में मौका मिल जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक बाहर रखने का मतलब यह नहीं है कि उसकी प्रतिभा को नजरअंदाज किया जाए। भुवनेश्वर ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और वह इस मौके के हकदार हैं। जब शमी को याद दिलाया गया कि वह भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह अच्छे गेंदबाज नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने फिर स्पष्ट किया कि मेहनत और क्षमता के आधार पर खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए।
दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में पिच को लेकर भी शमी संतुष्ट नहीं दिखे। उन्हें उम्मीद थी कि कल्याणी की पिच तेज गेंदबाजों की मदद करेगी, लेकिन सतह उम्मीद से धीमी थी। उन्होंने कहा कि बंगाल के पास आकाश दीप, मुकेश कुमार और उनके जैसे तेज गेंदबाज हैं, इसलिए टीम को ऐसी पिच मिलनी चाहिए थी, जिस पर तेज गेंदबाजी का फायदा उठाया जा सके। पहले दिन दिल्ली की टीम 240 रन पर सिमट गई।
अपनी गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए शमी ने बताया कि गेंद को दोनों तरफ घुमाना उनके लिए स्वाभाविक कौशल है। उनके मुताबिक, यह समझना जरूरी होता है कि गेंद को कब अंदर लाना है और कब बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि उनकी गेंदबाजी की शैली में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
कल्याणी में उमस भरे मौसम को देखते हुए शमी ने लंबे समय तक लगातार गेंदबाजी करने के बजाय छोटे स्पेल में गेंदबाजी करने की रणनीति अपनाई। उन्होंने 3 से 4 ओवर के स्पेल में गेंदबाजी करने का फैसला किया, ताकि शरीर पर ज्यादा दबाव न पड़े। उनके आंकड़े बताते हैं कि यह तरीका कारगर रहा है।
शमी ने अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा कुछ कहने के बजाय यही दोहराया कि उनका काम लगातार गेंदबाजी करते रहना है। घरेलू क्रिकेट में उनका यह प्रदर्शन भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदों को मजबूत करता है, लेकिन चयन को लेकर फैसला अब भी उनके हाथ में नहीं है। फिलहाल वह मैदान पर विकेट लेकर अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं।
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