Rohit Sharma की वनडे फॉर्म पर सवाल, भूख और भविष्य को लेकर फिर शुरू हुई बहस

Rohit Sharma
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Ankit Jaiswal । 19-01-2026

रोहित शर्मा की हालिया वनडे फॉर्म में गिरावट और न्यूज़ीलैंड सीरीज़ में केवल 61 रन बनाने के बाद उनके भविष्य को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है, जिसमें विशेषज्ञों ने उनकी प्रेरणा को मुख्य मुद्दा बताया है। भले ही उनका पिछला रिकॉर्ड मजबूत रहा हो, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव और खेल के प्रति जज़्बा बनाए रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

रोहित शर्मा न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में जिस आत्मविश्वास के साथ उतरे थे, वैसी तस्वीर मैदान पर पूरी तरह नहीं दिख पाई। मौजूद जानकारी के अनुसार, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ से पहले रोहित ने अपने पिछले छह वनडे मैचों में चार बार पचास से ज्यादा रन बनाए थे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा था कि उनका फॉर्म बरकरार है। लेकिन इस सीरीज़ में कहानी कुछ और ही रही।

तीनों मुकाबलों में रोहित शर्मा कुल मिलाकर सिर्फ 61 रन ही बना सके, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 26 रन रहा। इससे एक बार फिर उनके वनडे भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे। गौरतलब है कि सीरीज़ का निर्णायक मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत को 338 रनों का बड़ा लक्ष्य मिला था। रोहित ने पारी की पहली ही गेंद पर चौका लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन यह आक्रामक शुरुआत लंबी नहीं चल सकी और वह 11 रन बनाकर ज़ैकरी फाउल्क्स का शिकार हो गए।

जब रोहित पवेलियन लौट रहे थे, उसी दौरान कमेंट्री बॉक्स में मौजूद पूर्व न्यूज़ीलैंड तेज़ गेंदबाज़ साइमन डूल ने उनकी तकनीक नहीं, बल्कि उनकी भूख और जज़्बे पर सवाल खड़े किए। डूल ने कहा कि रोहित के करियर में हमेशा कोई न कोई बड़ा लक्ष्य रहा है, चाहे वह टी20 वर्ल्ड कप हो या 50 ओवर का वर्ल्ड कप। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 2027 का वनडे वर्ल्ड कप अभी काफ़ी दूर है और सवाल यह है कि क्या रोहित के भीतर वही भूख अभी भी मौजूद है।

डूल ने भारत के वनडे शेड्यूल पर भी ध्यान दिलाया और कहा कि हाल के महीनों में और आने वाले समय में वनडे क्रिकेट बहुत कम खेला जा रहा है। उनके मुताबिक, जब खिलाड़ी ज़्यादातर एक ही फॉर्मेट खेलते हैं, तो लय और मोटिवेशन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी माना कि इस स्तर पर भूख ही सबसे अहम चीज़ होती है। शास्त्री ने साफ शब्दों में कहा कि जब कोई खिलाड़ी खेल में लगभग सब कुछ हासिल कर लेता है, तो असली चुनौती खुद को लगातार प्रेरित रखना होती है।

बता दें कि इन सवालों के बावजूद रोहित शर्मा का हालिया वनडे रिकॉर्ड पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज़ चुना गया था, जहां उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। घरेलू क्रिकेट में भी रोहित ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए सिक्किम के खिलाफ शानदार 155 रन की पारी खेली थी, हालांकि अगले ही मैच में वह उत्तराखंड के खिलाफ खाता खोले बिना आउट हो गए।

मौजूद जानकारी के अनुसार, रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों इस साल के अंत में इंग्लैंड दौरे पर वनडे क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। उससे पहले दोनों खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

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