Rajasthan के Sachin Yadav और Karan Lamba ने ठोके 194 रन Railways के खिलाफ 338 रन की साझेदारी

रणजी ट्रॉफी में राजस्थान के बल्लेबाज सचिन यादव और करण लांबा रेलवे के खिलाफ 194-194 रन बनाकर दोहरे शतक से सिर्फ छह रन से चूक गए। दोनों बल्लेबाजों के बीच 338 रन की शानदार साझेदारी की बदौलत राजस्थान की टीम 497 रन पर सिमटी। दिन का खेल खत्म होने तक रेलवे ने 1 विकेट पर 46 रन बना लिए थे।
रणजी ट्रॉफी में राजस्थान और रेलवे के बीच खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रख सकते हैं। राजस्थान के बल्लेबाज सचिन यादव और करण लांबा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 194-194 रन बनाए, लेकिन दोनों ही खिलाड़ी दोहरे शतक से केवल 6 रन दूर रह गए। दोनों का एक ही स्कोर पर आउट होना इस मुकाबले का सबसे खास संयोग बन गया।
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले जा रहे ग्रुप डी के इस मुकाबले में राजस्थान ने दूसरे दिन सुबह 247 रन पर 2 विकेट से आगे खेलना शुरू किया। सचिन और करण ने अपनी शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और रेलवे के गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया। दोनों के बीच 338 रन की बड़ी साझेदारी हुई, जिसने राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि, सचिन के आउट होने के बाद मेजबान टीम की पारी लड़खड़ा गई और पूरी टीम 497 रन बनाकर आउट हो गई।
सचिन यादव ने अपनी 194 रन की पारी के लिए 358 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने 22 चौके और 4 छक्के लगाए। दूसरी ओर, अपना 11वां फर्स्ट क्लास मुकाबला खेल रहे करण लांबा ने केवल 284 गेंदों पर 194 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। करण ने इस दौरान अपना तीसरा रणजी शतक भी पूरा किया। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता के बीच अच्छा तालमेल दिखाया।
सुबह नई गेंद आने के बाद बल्लेबाजों को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रेलवे के गेंदबाजों ने किनारे लगवाने में सफलता हासिल की, लेकिन खराब क्षेत्ररक्षण के कारण टीम कुछ आसान मौके गंवा बैठी। इसका फायदा राजस्थान के बल्लेबाजों को मिला। शुरुआती दबाव से निकलने के बाद सचिन और करण ने खुलकर रन बनाए और रेलवे के गेंदबाजी आक्रमण को थका दिया। सचिन स्टंप आउट हुए, जबकि करण पॉइंट पर कैच दे बैठे।
दोनों बल्लेबाज कई वर्षों से राजीव गांधी क्रिकेट अकादमी में साथ अभ्यास करते रहे हैं। करण ने बताया कि लंबे समय से साथ खेलने के कारण दोनों एक-दूसरे की ताकत और खेल को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने यह भी माना कि दोहरे शतक से चूकने का थोड़ा अफसोस जरूर था, लेकिन वह इस बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोच रहे थे। करण के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी के लिए इतनी अच्छी पिच कम ही मिलती है और उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की कोशिश की।
दिन के आखिरी सत्र में राजस्थान के गेंदबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज दानिश भांबू ने सटीक गेंदबाजी की, जबकि चेतन शर्मा और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने उनका साथ दिया। बाएं हाथ के स्पिनर मोहित चांगड़ा ने सलामी बल्लेबाज विवेक सिंह को पगबाधा आउट कर रेलवे को पहला झटका दिया।
दिन का खेल समाप्त होने तक रेलवे ने 1 विकेट पर 46 रन बना लिए थे और वह राजस्थान से 451 रन पीछे है। ऐसे में मुकाबले में वापसी करने के लिए रेलवे के बल्लेबाजों को अगले दिन बड़ी साझेदारियां करनी होंगी।
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