T20 World Cup: Suryakumar Yadav की तूफानी पारी ने बचाई लाज, Team India ने USA को 29 रन से हराया।

टी20 विश्व कप के शुरुआती मैच में भारत ने अमेरिका को 29 रनों से हरा दिया। लड़खड़ाती पारी को सूर्यकुमार यादव ने अपनी नाबाद 84 रनों की पारी से संभाला, जिसके बाद मोहम्मद सिराज (3 विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों ने अमेरिका को 132 रनों पर रोककर भारत को जीत दिलाई।
गत चैंपियन भारत ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की दबाव में खेली गई 84 रन की नाबाद पारी के बाद मोहम्मद सिराज (29 रन देकर तीन विकेट) की अगुआई में अनुशासित गेंदबाजी से शनिवार को यहां आईसीसी टी20 विश्व कप के शुरूआती मैच में अमेरिका को 29 रन से हराकर अपना अभियान शुरू किया। भारतीय टीम अब ग्रुप ए के अपने दूसरे मुकाबले में 12 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी।
खिताब के प्रबल दावेदार भारत के लिए सूर्यकुमार अपने घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में दबाव भरी परिस्थिति में संभलकर खेलते हुए अंत तक डटे रहे। उन्होंने 49 गेंद की नाबाद पारी में 10 चौके और चार छक्के जड़े। इससे शीर्ष और मध्यक्रम में सामूहिक बल्लेबाजी नाकामी के बावजूद भारत नौ विकेट पर 161 रन बनाने में कामयाब रहा क्योंकि विकेटों के गिरने से एक समय ऐसा लग रहा था कि पारी बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 132 रन ही बना सकी।
उसके लिए संजय कृष्णमूर्ति और शुभम रंजने ने 37-37 रन तथा मिलिंद कुमार ने 34 रन बनाए। भारत के नई गेंद के गेंदबाज अर्शदीप सिंह (18 रन देकर दो विकेट) और सिराज ने अच्छी शुरूआत की जिससे अमेरिका की टीम 10 ओवर में तीन विकेट पर 49 रन ही बना सकी। भारतीय टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के अस्वस्थ होने के कारण सिराज कोअंतिम एकादश में शामिल किया गया, वह दोनों गेंदबाजों में सबसे ज्यादा खतरनाक थे। उन्होंने अमेरिका के दोनों सलामी बल्लेबाज एंड्रीस गॉस (06) और साईतेजा मुक्कमल्ला (02) को आउट किया। उन्होंने पारी की आखिरी गेंद पर रंजने की पारी भी समाप्त की। अर्शदीप (18 रन देकर दो विकेट) ने कप्तान मोनांक पटेल को शून्य पर आउट कर दिया जिससे अमेरिका की टीम चौथे ओवर में 13 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में आ गई।
वरुण चक्रवर्ती ने 12वें ओवर में मिलिंद कुमार (34 रन) को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों स्टंप आउट कराया। अक्षर पटेल (24 रन देकर दो विकेट) ने 16वें ओवर में संजय कृष्णमूर्ति (37 रन) और हरमीत सिंह (शून्य) के दो विकेट झटके जिससे अमेरिका का स्कोर छह विकेट पर 98 रन था। इससे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद सूर्यकुमार के अलावा मेजबान टीम के केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक तक पहुंच सके जिसमें तिलक वर्मा ने 25 रन और ईशान किशन ने 20 रन का योगदान दिया। 13वें ओवर में भारत का स्कोर छह विकेट पर 77 रन हो गया था और टीम बुरी तरह लड़खड़ा गई थी लेकिन सूर्यकुमार ने अकेले दम पर पारी को संभाला। दक्षिण अफ्रीका में जन्में शैडली वान शाल्कविक ने चार ओवर में 25 रन देकर चार विकेट झटके। सूर्यकुमार को छोड़कर भारत का मशहूर बल्लेबाजी लाइन-अप पूरी तरह नाकाम रहा और एक समय टीम बहुत कम स्कोर पर सिमटने की ओर बढ़ती दिख रही थी। संकेत शुरुआत में ही मिल गया था जब भारत पहली चार गेंद पर कोई रन नहीं बना सका।
अमेरिकी गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का बिल्कुल भी मौका नहीं दिया। ईशान ने पांचवीं गेंद पर छक्का जड़कर खाता खोला, लेकिन दूसरे ओवर में अभिषेक शर्मा के पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट होने से भारत को पहला झटका लगा। दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज अभिषेक ने अली खान की गेंद पर सीधे डीप कवर पर संजय कृष्णमूर्ति को कैच थमा दिया और वानखेड़े स्टेडियम खामोश हो गया। अमेरिकी कप्तान मोनांक पटेल की बेहद सटीक तरीके से क्षेत्ररक्षकों के सजाया हुआ था। तिलक ने तीसरे ओवर में सौरभ नेत्रवलकर पर सीधा शॉट लगाकर दबाव कम किया और अगले ओवर में वान शाल्कविक के खिलाफ तीन चौके जड़े। ऐसा लगा कि भारत अब लय पकड़ रहा है। लेकिन ईशान छठे ओवर की पहली ही गेंद पर वान शाल्कविक की गेंद को सीधे मिड-ऑन पर मार बैठे। जबकि इससे पहले उन्हें जीवनदान मिल चुका था। वान शाल्कविक को यकीन नहीं हुआ जब तिलक एक शॉर्ट गेंद को ठीक से टाइम नहीं कर पाए और अमेरिका के कप्तान मोनांक पटेल को आसान कैच दे बैठे। शिवम दुबे एक साधारण सी धीमी बाउंसर से पूरी तरह चकमा खा गए और खाता भी नहीं खोल सके। रिंकू सिंह (14 गेंद में छह रन) मोहम्मद मोहसिन (16 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर अपना आक्रामक शॉट नियंत्रित नहीं कर सके और लांग-ऑन पर कैच दे बैठे।
हार्दिक पंड्या (05) मुंबई के पूर्व स्पिनर हरमीत सिंह (26 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर स्वीपर कवर के ऊपर से मारने की कोशिश में आउट हो गए जबकि अक्षर पटेल (14) भी तेजी से रन बटोरने के प्रयास में पवेलियन लौटे। अब भारत को संकट से उबारने की पूरी जिम्मेदारी अकेले सूर्यकुमार पर आ गई। उन्होंने स्ट्राइक अपने पास रखी और अपने ट्रेडमार्क शॉट्स में शायद ही कोई चूक की। पिच की प्रकृति को पूरी तरह समझने वाले सूर्यकुमार आखिरी दो ओवरों में खुलकर खेले। इन दो ओवरों में उन्होंने 34 रन बटोरे जिनमें अंतिम ओवर में नेत्रवलकर पर बने 21 रन शामिल थे।
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