'CCTV से नज़र रखी गई', शादी के महज़ डेढ़ महीने बाद 26 साल की महिला ने की आत्महत्या, आरोपी डॉक्टर पति गिरफ्तार

विशाखा के परिवार के अनुसार, टिळेकर के साथ उसकी शादी 30 अप्रैल को हुई थी और शादी तक रिश्ते अच्छे रहे। लेकिन इसके तुरंत बाद, उसे दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
महाराष्ट्र के अंबरनाथ से एक बेहद दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 26 वर्षीय नवविवाहिता ने शादी के महज़ डेढ़ महीने बाद ही कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतका के परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए बेरहमी से प्रताड़ित करने और हर पल अत्यधिक मानसिक दबाव (CCTV निगरानी) में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक महिला की पहचान विशाखा टिळेकर के रूप में हुई है। 17 जून को वह अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई। शिवाजीनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पति, डॉ. नितिन टिळेकर को गिरफ्तार कर लिया है और दहेज उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोप
विशाखा के परिवार के अनुसार, टिळेकर के साथ उसकी शादी 30 अप्रैल को हुई थी और शादी तक रिश्ते अच्छे रहे। लेकिन इसके तुरंत बाद, उसे दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। परिवार का दावा है कि ससुराल वालों की उम्मीद के मुताबिक शादी में 'काफी' नकदी और गहने न लाने पर उसे बार-बार ताने मारे जाते थे।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि टिळेकर ने विशाखा की हर हरकत पर नज़र रखने के लिए घर के अंदर और बाहर CCTV कैमरे लगवाए थे। खबरों के मुताबिक, विशाखा को अपने माता-पिता या पड़ोसियों से खुलकर बात करने की इजाज़त नहीं थी। मौत से दो दिन पहले, पड़ोस में रहने वाली एक महिला से बात करने पर उसके साथ मारपीट की गई थी। यह कदम उठाने से पहले, विशाखा ने अपनी माँ को प्रताड़ना के बारे में बताया था। इसके बाद, परिवार विशाखा को वापस अपने घर लाने की योजना बना रहा था।
जांच जारी
विशाखा के परिवार की शिकायत के बाद, शिवाजीनगर पुलिस ने टिळेकर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की। डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस परिवार के सदस्यों और अन्य गवाहों के बयानों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही है, जिसमें घर में लगा CCTV सिस्टम भी शामिल है। जांचकर्ता इन आरोपों की भी जांच कर रहे हैं कि महिला को उसके परिवार से अलग-थलग कर दिया गया था और मौत से पहले के हफ्तों में उसे लगातार भावनात्मक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया था।
त्विशा शर्मा मामले जैसी घटना
अंबरनाथ की इस दुखद घटना की तुलना मध्य प्रदेश के चर्चित त्विशा शर्मा मामले से की जा रही है। 33 साल की पूर्व एक्टर-मॉडल ट्विशा की शादी के सिर्फ़ पाँच महीने बाद, मई में भोपाल में उनके ससुराल में मौत हो गई। उनके परिवार ने पति और सास पर दहेज के लिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की और शुरुआती जांच में प्रक्रियात्मक खामियों के आरोपों के बीच इसे CBI को सौंप दिया।
हालाँकि दोनों मामलों की परिस्थितियाँ अलग-अलग हैं और जाँच अभी भी चल रही है, लेकिन इन दोनों मामलों ने दहेज से जुड़ी प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के मामलों पर सार्वजनिक बहस को तेज़ कर दिया है, जबकि इसके खिलाफ़ कड़े कानूनी सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। साथ ही, यह वैवाहिक प्रताड़ना की शिकायतों पर समझदारी भरे और तत्काल हस्तक्षेप की ज़रूरत को भी रेखांकित करता है।
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