'27 बार घोंपा चाकू, खून से सने नोटों का मिला सुराग!' जानिए कैसे 10वीं के दो नाबालिगों ने रची प्रिंसिपल की खौफनाक मर्डर स्क्रिप्ट!

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ANI
रेनू तिवारी । Aug 20 2026 12:08PM

जाँच में नाराज़गी, घर की रेकी और खून से सने नोटों की कहानी सामने आई है। यह हत्या 11 अगस्त को हुई थी। नलगोंडा के SP शरथ चंद्र पवार ने बताया कि शुरू में पुलिस ने पाँच टीमें बनाईं और कातिलों की पहचान करने के लिए लगभग 70 CCTV कैमरों की फुटेज की जाँच की।

तेलंगाना के नलगोंडा जिले में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की उनके घर में घुसकर नृशंस हत्या कर दी गई। इस खौफनाक हत्याकांड को किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि 10वीं कक्षा के ही दो नाबालिग छात्रों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने महज एक शब्द और खून से सने नोटों के सुराग के जरिए इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली।

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रेड्डी की हत्या के मामले में दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। जाँच में नाराज़गी, घर की रेकी और खून से सने नोटों की कहानी सामने आई है। यह हत्या 11 अगस्त को हुई थी। नलगोंडा के SP शरथ चंद्र पवार ने बताया कि शुरू में पुलिस ने पाँच टीमें बनाईं और कातिलों की पहचान करने के लिए लगभग 70 CCTV कैमरों की फुटेज की जाँच की।

पुलिस को अहम सुराग रूपा रेड्डी की अपनी मौसी के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत से मिला, जो हत्या के समय के आस-पास हुई थी। हालाँकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि फ़ोन कॉल ठीक किस समय हुई थी, लेकिन उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने किसी को "बाबू" कहकर संबोधित किया था।

जाँचकर्ताओं को पता चला कि वह स्कूल में छात्रों को संबोधित करते समय अक्सर इसी शब्द का इस्तेमाल करती थीं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने उन छात्रों पर बारीकी से नज़र रखना शुरू किया जो हत्या के समय स्कूल से ग़ायब थे।

अहम सुराग

पुलिस ने शुरू में 13 छात्रों की पहचान की, जिनमें से पाँच 10वीं क्लास के थे और ग़ायब थे; पुलिस ने उनसे पूछताछ की। जाँचकर्ताओं को जल्द ही कुछ अजीब लगा - ग़ायब रहने वाले छात्रों में से दो छात्र बेहिसाब पैसे खर्च कर रहे थे।

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इससे शक पैदा हुआ। आगे की जाँच में पुलिस को एक नाबालिग के पास 1.54 लाख रुपये नकद मिले। नाबालिग ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसे पैसे दिए थे। लेकिन, जाँचकर्ताओं ने नोटों पर खून के धब्बे देखे और उन्हें फ़ोरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया। नोटों पर मिला खून रूपा रेड्डी का ही निकला, जिससे नाबालिग मुख्य संदिग्ध बन गए। इसके बाद जाँचकर्ताओं ने हत्या से पहले उनके संभावित मकसद और गतिविधियों की कड़ियाँ जोड़ना शुरू किया।

पुलिस के अनुसार, नाबालिगों में से एक पहले स्कूल हॉस्टल में रहता था और उसे शराब और मोटरसाइकिल का शौक था। रूपा रेड्डी को उसके बैग में नकद और एक फ़ोन मिला था। उन्होंने उसे डाँटा था और बाद में उसे हॉस्टल से हटाकर डे-स्कॉलर (बिना हॉस्टल के रहने वाला छात्र) बना दिया था।

पुलिस को शक है कि इस कार्रवाई से वह उनसे नाराज़ हो गया था। जांच में यह भी पता चला कि हत्या से करीब एक महीने पहले वह छात्र गोवा गया था और कथित तौर पर पैसे कमाने के तरीके ढूंढ रहा था।

हत्या

इसके बाद, रूपा रेड्डी की हत्या से पांच दिन पहले, उसने कथित तौर पर उनके घर की रेकी की। पुलिस ने बताया कि उसे पता चला था कि स्कूल की फीस से इकट्ठा किए गए पैसे घर पर रखे जा सकते हैं, जिससे वह घर एक संभावित टारगेट बन गया।

11 अगस्त को रूपा रेड्डी स्कूल से घर लौटीं। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद दो नाबालिगों ने कंपाउंड की दीवार फांदी, मास्क पहनकर घर में घुसे और उन पर हमला कर दिया। लेकिन हमले के दौरान, कथित तौर पर एक आरोपी का मास्क गिर गया। पुलिस का मानना ​​है कि इसी वजह से रूपा रेड्डी उसे पहचान पाईं।

पुलिस का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने चाकू से उन पर कई बार हमला किया और 27 बार चाकू घोंपा। हत्या के बाद, वे कथित तौर पर उनके घर से नकदी और दो मोबाइल फोन लेकर भाग गए।

पुलिस ने बताया कि बाद में जांच के दौरान आरोपियों के पास से 1.54 लाख रुपये नकद, एक आईफोन और रूपा रेड्डी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने कहा कि उन्हें जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई व जांच जारी रहेगी।

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