वर्ल्ड कप में भारतीय गेंदबाजों का ओपन चैलेंज !

open-challenge-of-indian-bowlers-in-the-world-cup
दीपक मिश्रा । Jun 25, 2019 6:02PM
गौरतलब है कि टीम इंडिया के पास एक गेंदबाजी लाइनअप है जो हर मायनों में काफी मजबूत दिखाई पड़ती है। टीम चाहे दक्षिण अफ्रीका हो या ऑस्ट्रेलिया या फिर अफगानिस्तान भारतीय गेंदबाजों का राज हर जगह चला है। चाहें तेज गेंदबाज हो या स्पिनर्स टीम इंडिया हर जगह सूरमा है।

वर्ल्ड कप में अगर सबसे बेहतर गेंदबाजी का तमगा लिए कोई टीम उतरी थी तो टीम इंडिया ही थी। भारतीय गेंदबाजों ने अब तक अपने प्रदर्शन से इस बात को साबित भी कर दिखाया। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने गेंदबाजी भी एक नंबर वाली की थी। बुमराह ने जहां मैच में अहम विकेट निकाले वहीं शमी ने भारत के लिए वर्ल्ड कप में हैट्रिक लेने का कारनामा किया। शमी ने दिखा दिया कि भुवनेश्वर के बाहर रहने पर भी टीम की गेंदबाजी इतनी धारदार है जो अकेले दम पर मैच जिता सकती है। भारत के लिए बुमराह एक वरदान की तरह है जो किसी भी तरह के हालात या पिच पर विकेट निकालकर दे सकते है। वह इस समय दुनिया के नंबर 1 गेंदबाज है और उनकी गेंदों का तोड़ किसी भी टीम के पास नहीं है। अजीब से एक्शन वाले बुमराह की गेंद का निशाना बिल्कुल सटीक बैठता है। जिसकी वजह से वो इस समय भारतीय टीम के स्टार गेंदबाज है। वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया के गेंदबाजों ने बता दिया कि इस वर्ल्ड कप में भारत की असली ताकत गेंदबाजी है। यह टीम इंडिया की गेंदबाजी ही है जिससे विराट को असली सुरक्षा मिलती है। विराट कोहली इस बार रफ्तार के दम पर विरोधी टीम को घुटने टिकवा सकते है। वहीं फिरकी की ताकत के साथ विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को नचाना भी टीम इंडिया को आता है।

इसे भी पढ़ें: मिडिल आर्डर को कैसे दुरूस्त कर सकती है टीम इंडिया !

जाहिर है ये टीम इंडिया के गेंदबाज ही थे जिसने मैच में भारत को जीत दिलाई। अफगानिस्तान के खिलाफ टीम के पेसर ने तो अच्छा प्रदर्शन किया ही लेकिन स्पिनर भी किसी से कम नहीं थे। कुलचा की जोड़ी अभी तक वर्ल्ड कप में किफायती गेंदबाजी करने के साथ विकेट भी ले रही है और टीम इंडिया को लगातार मैच भी जिता रही है। भारतीय टीम के पास ऐसी स्पिन जोड़ी है जिसने वनडे क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में धमाल मचा रखा है। दोनों की जोड़ी विरोधी टीम के उपर कहर बनकर टूट पड़ती है। ये दोनों मिडिल ओवर्स में जमकर विकेट निकालते है। जिसकी वजह से सामने वाली टीम के लिए रन बनाना काफी मुश्किल हो जाता है। 

गौरतलब है कि टीम इंडिया के पास एक गेंदबाजी लाइनअप है जो हर मायनों में काफी मजबूत दिखाई पड़ती है। टीम चाहे दक्षिण अफ्रीका हो या ऑस्ट्रेलिया या फिर अफगानिस्तान भारतीय गेंदबाजों का राज हर जगह चला है। चाहें तेज गेंदबाज हो या स्पिनर्स टीम इंडिया हर जगह सूरमा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और उन्हें 250 से भी कम स्कोर पर रोक दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़े स्कोर का पीछा करने वाली कंगारू टीम के बल्लेबाजों को अहम मौके पर पवेलियन भेजा जिसकी वजह से ही भारत मैच जीत पाया। उसके बाद पाकिस्तान और फिर अफगानिस्तान इन टीमों को हराने में भारत के गेंदबाजों का अहम योगदान था। 

इसे भी पढ़ें: वर्ल्ड कप में बाकी है टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा !

साफ है इस टीम इंडिया की गेंदबाजी काफी मजबूत है जिसका तोड़ वर्ल्ड कप में किसी भी टीम के पास दिखाई नहीं दे रहा है। टीम के पास बुमराह जैसा गेंदबाज है जो किसी भी हालात में विकेट लेने का दम रखता है। इस टीम में शमी जैसा तूफान है जो अपनी रफ्तार से किसी भी टीम को हिला के रख सकता है। वहीं इस टीम में ऐसे स्पिनर है जो किसी भी बल्लेबाज को अपनी गेंद पर नचा सकते है। इन सभी गेंदबाजों के बाद टीम के पास हार्दिक पांड्या जैसा ऑलराउंडर है जो अपनी तेज गेंदबाजी से अहम मौके पर विकेट निकाल देता है। हालांकि पांड्या के पास बुमराह और शमी जैसी रफ्तार तो नहीं है। लेकिन वह विरोधी टीम के ऊपर दबाव बनाना अच्छे से जानते है। इसके अलावा अगर टीम को कही जरूरत पड़ती है तो केदार जाधव पार्ट टाइम गेंदबाज के रूप में मौजूद रहते है। जिनसे विराट सेना गेंदबाजी करवा सकती है। और पिछले कई मौके पर वह विकेट निकालकर अपने आप को साबित भी कर चुके है। उम्मीद है टीम इंडिया के गेंदबाजों का प्रदर्शन वर्ल्ड कप में इसी तरह से जारी रहेगा। भारतीय बल्लेबाज तो रन बना ही रहे है। वहीं मिडिल आर्डर में भी जल्द ही सुधार होने की संभावना है। ऐसे में अगर भारत की गेंदबाजी इस तरह का प्रदर्शन जारी रखती है तो हिंदुस्तान तीसरी बार विश्व चैंपियन बन सकता है।

- दीपक मिश्रा

अन्य न्यूज़