• भारत सरकार की खास योजना है 'स्टैंड अप इंडिया'

10 लाख से एक करोड़ के बीच में कार्यशील पूंजी और सावधि ऋण के तहत आप अपना कारोबार इस योजना के तहत शुरू कर सकते हैं। ब्याज दर इसमें बेहद कम रखी गई है जो 3% से अधिक नहीं है। जाहिर तौर पर यह बिजनेस लोन के सबसे कम ब्याज दरों में से एक है।

मोदी सरकार ने सार्वजनिक जीवन के तमाम क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं को लांच किया है, तो बिजनेस के क्षेत्र में भी एक से बढ़कर यह योजनाएं लांच की है। साथ ही उसका ग्राउंड पर इंप्लीमेंटेशन भी सुनिश्चित किया है।

इसी कड़ी में एक स्टैंड अप इंडिया योजना भी है और इसको लेकर नव उद्यमियों में खासा उत्साह देखा गया है, खासकर समाज के वंचित तबके में।

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यहाँ यह समझना महत्वपूर्ण है कि स्टैंड अप इंडिया किसी बिजनेस को खड़ा करने में अच्छा खासा सहायक सिद्ध हुआ है। इसके जरिए किसी भी बैंक की शाखा द्वारा कम से कम एक एससी / एसटी उधार कर्ता और एक महिला उधार कर्ता को 1000000 रुपए से एक करोड़ के बीच में लोन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया। इसमें यह बताया गया कि यह बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस या दूसरे ट्रेडिंग इत्यादि से संबंधित हो सकते हैं। हालांकि इसमें 51% शेयर होल्डिंग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या फिर महिला उद्यमी के पास होने की बात कही गई।

समाज के वंचित वर्ग को ऊपर उठाने के लिए इस तरह की योजना का हर जगह स्वागत हुआ और इसके पीछे पर्याप्त कारण भी मौजूद हैं।

अगर किसी व्यक्ति को इसका लाभ लेना है तो आज भी यह वैलिड है और इसके तहत आपकी उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए, तो ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के अंतर्गत आपका बिजनेस आना चाहिए। साथ ही इसके जरिए आप पहली बार उद्यम लगाने के कार्य में लगे होने चाहिए, मगर यह जान लें कि अगर पहले से आप किसी बैंक के लोन डिफाल्टर हैं, तब आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

10 लाख से एक करोड़ के बीच में कार्यशील पूंजी और सावधि ऋण के तहत आप अपना कारोबार इस योजना के तहत शुरू कर सकते हैं। ब्याज दर इसमें बेहद कम रखी गई है जो 3% से अधिक नहीं है। जाहिर तौर पर यह बिजनेस लोन के सबसे कम ब्याज दरों में से एक है। इसके जरिए आप 18 माह की ऋण स्थगन की अवधि के साथ 7 वर्षों में इस कर्ज को वापस कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस योजना में 25% मार्जिन राशि का भी प्रावधान किया गया है, जो केंद्रीय और राज्य योजनाओं के रूपांतरण से उपलब्ध कराया जा सकता है।

समाज में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार कटिबद्ध नजर आयी है और उसी के तहत स्टैंड अप इंडिया नामक प्रोग्राम लांच हुआ, जो सिड्यूल कास्ट और शेड्यूल्ड ट्राइब के साथ वीमेन इंटरप्रेन्योर को भी बढ़ावा देता है। हालाँकि इसमें दस परसेंट (10%) पैसे आपको स्वयं भी लगाने पड़ते हैं।

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है ना काफी आकर्षक योजना, जिससे समाज के वंचित तबके के लोग बेहतर लाभ उठा सकते हैं, तो महिलाओं को भी आगे बढ़ने का इसमें समान अवसर दिया गया है। बिल्कुल अपने नाम को सार्थक करता हुआ- स्टैंड अप इंडिया!

- मिथिलेश कुमार सिंह