प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) क्या है? इसके तहत कैसे और कितना मिलेगा लोन?

प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) क्या है? इसके तहत कैसे और कितना मिलेगा लोन?

पीएमईजीपी लोन उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), संस्थानों, को-ऑपरेटिव सोसाइटी और ट्रस्ट्स द्वारा लिया जा सकता है। इस कार्यक्रम के तहत आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, जबकि कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ही मौलिक प्रवृत्ति वाली जिन विभिन्न योजनाओं को एकसूत्र में पिरोकर और अधिक उपादेय, लाभकारी व जनहितैषी बनाने का यत्न किया है, प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम उन्हीं में से एक है। इसको पहले की दो योजनाएं, प्रधानमंत्री रोजगार योजना (पीएमआरवाई) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (आरईजीपी) को मिलाकर बनाया गया है। 

वास्तव में, ये दोनों योजनाएं युवाओं के बीच रोज़गार पैदा करने के लिए समान काम कर रही थीं। इस योजना के तहत लाभार्थी को प्रोजेक्ट की लागत का 5-10 प्रतिशत ही निवेश करना होता है, जबकि सरकार विभिन्न मानदंडों के आधार पर प्रोजेक्ट की लागत की 15-35 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है। वहीं, कार्यकम में भाग लेने वाले बैंक व्यवसायिक व्यक्ति या संस्था को शेष धनराशि टर्म लोन के रूप में प्रदान करते हैं। 

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पीएमईजीपी लोन उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), संस्थानों, को-ऑपरेटिव सोसाइटी और ट्रस्ट्स द्वारा लिया जा सकता है। इस कार्यक्रम के तहत आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, जबकि कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है। हालांकि बैंक अधिकतम आयु सीमा को निर्धारित करने के लिए अपने स्वयं के मानदंड का इस्तेमाल कर सकते हैं। जहां तक शैक्षणिक योग्यता की बात है तो लाभार्थी कम से कम कक्षा 8 पास होना चाहिए।

# शहरी क्षेत्र में रहने वाला व्यक्ति भी ले सकता है पीएमईजीपी लोन

इस कार्यक्रम के तहत शहरी क्षेत्र में रहने वाला व्यक्ति भी पीएमईजीपी लोन ले सकता है। यह लोन योजना सभी योग्य आवेदकों के लिए उपलब्ध है, चाहे वे कहीं भी रहें। हालांकि, सब्सिडी कितनी मिलेगी, इस पर कुछ सीमाएं हैं। जैसे, शहरी क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी 15 प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह 25 प्रतिशत है। वहीं, समाज के कमज़ोर वर्गों के लिए, यह शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत है।

पीएमईजीपी लोन उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), संस्थानों, को-ऑपरेटिव सोसाइटी और ट्रस्ट्स द्वारा लिया जा सकता है। प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, हालांकि बैंक अधिकतम आयु सीमा को निर्धारित करने के लिए अपने स्वयं के मानदंड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लाभार्थी कम से कम कक्षा 8 पास होना चाहिए।

पीएमईजीपी के तहत मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में परियोजना के लिए अधिकतम 25 लाख रु. और बिज़नेस या सर्विस सेक्टर में 10 लाख रु. तक का लोन मिल सकता है। दरअसल, पीएमईजीपी, एमएसएमईज को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय सरकार द्वारा ऑफर की जाने वाली एक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम हैै, जिसकी ब्याज दर अलग अलग बैंक व संस्थानों पर निर्भर करती है। 

# ये हैं पीएमईजीपी के चार मुख्य उद्देश्य 

प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के चार मुख्य उद्देश्य हैं- पहला, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोज़गार पैदा करने के लिए नए व्यवसाय या प्रोजेक्ट शुरू करना; दूसरा, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक रूप से बिखरे हुए पारंपरिक कारीगरों और बेरोज़गार युवाओं को साथ लाना और स्वरोज़गार के रास्ते बनाना; तीसरा, ग्रामीण लोगों के शहरों में प्रवास को रोकने के लिए स्थायी रोज़गार देना, रोज़गार की तलाश करना। यह विशेष रूप से उन पारम्परिक कारीगरों, भावी कारीगरों और ग्रामीण- शहरी बेरोज़गार युवाओं के लिए है जो पारंपरिक या मौसमी काम करने के बाद साल के बाकी दिनों में बेरोज़गार रहते हैं; और चतुर्थ, कारीगरों की आय कमाने की क्षमता बढ़ाने, ग्रामीण और शहरी रोज़गार की वृद्धि दर बढ़ाना।

पीएमईजीपी के तहत कुल परियोजना लागत की बाकी बची हुई राशि बैंकों द्वारा माइक्रो यूनिट उद्यमी को टर्म लोन के रूप में दी जाती है, जिसको आमतौर पर पीएमईजीपी  लोन के रूप में जाना जाता है। इस योजना के तहत दी जाने वाली ब्याज दर और सब्सिडी एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग-अलग हो सकती है और आवेदक की प्रोफाइल, व्यवसाय स्थिरता और प्रोजेक्ट लागत पर निर्भर करेगी।

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पीएमईजीपी के तहत विभिन्न योग्य राष्ट्रीयकृत बैंक, जैसे एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा, बैंक ऑफ इंडिया, साथ ही अन्य निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और एनबीएफसी लोन दिया जाता है। यह लोन व्यक्तियों के साथ-साथ अन्य संगठनों को भी दिया जाता है जो इस तरह के टर्म लोन के लिए तय मानदंडों को पूरा करते हैं। 

स्वयं-सहायता समूह भी पीएमईजीपी लोन ले सकते हैं बशर्ते कि उन्होंने योजना के तहत कोई अन्य लाभ नहीं लिया हो और सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत रजिस्टर हो। खास बात यह कि उत्पादन को-ऑपरेटिव समितियाँ, चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए इस लोन का लाभ उठाने के लिए कोई आय सीमा नहीं है। 

# केवल नई व्यवसायों को दिया जाता है पीएमईजीपी लोन

पीएमईजीपी लोन केवल नई व्यवसायों को दिया जाता है और यह पीएमआरवाई और आरईजीपी योजना के तहत स्थापित मौजूदा व्यवसायों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, कोई भी व्यवसाय जिसने अन्य योजना के तहत सब्सिडी का लाभ उठाया है, वह पीएमईजीपी लोन के लिए योग्य नहीं है।

मौजूदा पीएमईजीपी, आरईजीपी, मुद्रा व्यवसायों को बढ़ाने के लिए, आवेदक अब दूसरे 1 करोड़ रु. तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक पीएमईजीपी योजना के तहत, दूसरे लोन के लिए 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की सरकारी सब्सिडी का भी लाभ उठा सकते हैं।

पीएमईजीपी के तहत लोन देने वाले बैंकों में निम्नलिखित अग्रगण्य हैं:- ऐक्सिस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक लिमि., यूको बैंक, आईसीआईसीआई बैंक लिमि., यूनियन बैंक ऑफ इंडिया।

पीएमईजीपी योजना के तहत लोन निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), सहकारी बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी), एनबीएफसी, विदेशी बैंक और अनुसूचित शहरी बैंक द्वारा दिए जाते है। पीएमईजीपी के लिए एप्लीकेशन फॉर्म पीडीएफ फ़ॉरमेट में इसकी आधिकारिक वेबसाइट से क्लिक करके डाउनलोड किया जा सकता है।

# पीएमईजीपी लोन आवेदन के लिए चाहिए निम्नलिखित दस्तावेज

पीएमईजीपी लोन आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जैसे- प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, आठवीं पास का प्रमाण पत्र, पहचान और पता प्रमाण, यदि आवश्यक हो तो विशेष श्रेणी का प्रमाण पत्र, उद्यमी विकास कार्यक्रम (ईडीपी) प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र, एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, भूतपूर्व सैनिक, पीएचसी के लिए प्रमाण पत्र, शैक्षणिक और तकनीकी का प्रमाण पत्र।

# पीएमईजीपी ई-पोर्टल पर ऐसे भरिये ऑनलाइन व ऑफलाइन फॉर्म 

पीएमईजीपी ई-पोर्टल आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन भरने और ऑनलाइन फॉर्म https://www.kviconline.gov.in/pmegp.jsp पर जमा करके पीएमईजीपी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने की सुविधा प्रदान करता है। पीएमईजीपी लोन हेल्पलाइन नंबर 1800 3000 0034 है और राज्यवार संपर्क नंबर प्राप्त करने के लिए आवेदक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यहाँ क्लिक कर सकते हैं।https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/pmegphome/index.jsp

इसके अलावा, आइए, पीएमईजीपी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में चर्चा करते हैं जिससे विभिन्न लोग लाभान्वित हो सकते हैं। पीएमईजीपी लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन का तरीका निम्नलिखित है:

सर्वप्रथम, ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए पीएमईजीपी, खादी और ग्रामोद्योग आयोग की वेबसाइट, की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। या यहाँ क्लिक करें  https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/jsp/pmegponline.jsp

ततपश्चात ऑनलाइन पीएमईजीपी एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए दिशानिर्देशों का पालन करें और सभी आवश्यक जानकारी भरें। फिर, सभी आवश्यक जानकारी भरने के बाद, जानकारी सेव करने के लिए  ‘सेव एप्लिकेंट डेटा’ पर क्लिक करें। पुनः अपने डेटा को सेव करने के बाद आपको एप्लीकेशन फॉर्म को अंतिम रूप से जमा करने के लिए सभी दस्तावेजों को अपलोड करना होगा। उसके बाद एक बार आवेदन जमा हो जाने के पश्चात, आवेदक का आईडी नंबर और पासवर्ड उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।

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जहां तक पीएमईजीपी लोन के लिए ऑफलाइन अप्लाई करने की बात है तो सर्वप्रथम आवेदन फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरें। फिर, सभी जानकारी भरने के बाद, आवेदन को ड्राफ्ट के रूप में सेव करें। पुनः आवेदन फॉर्म का एक प्रिंटआउट लें। ततपश्चात, आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट निकटतम कार्यालय में जमा करें। उसके बाद संबंधित बैंक द्वारा निष्पादित सभी संबंधित औपचारिकताओं को समाप्त करें।

# ऐसे चेक कीजिए पीएमईजीपी लोन का एप्लीकेशन स्टेटस 

जहां तक पीएमईजीपी लोन एप्लीकेशन स्टेटस चेक करने का सवाल है तो इसके लिए सबसे पहले पीएमईजीपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या इस लिंक पर क्लिक करें: kviconline.gov.in/pmegp/ फिर, एक नया पेज खोलने के लिए ‘लॉगिन फॉर्म फ़ॉर रजिस्टर्ड एप्लिकेंट’ पर क्लिक करें। तत्पश्चात, अपनी आईडी और पासवर्ड दर्ज करें और लॉग-इन पर क्लिक करें। अंत में, अपने पीएमईजीपी लोन एप्लीकेशन स्टेटस ट्रैक करने के लिए, आपको ‘व्यू स्टेटस' पर पीएमईजीपी लोन की जानकारी मिलेगी। पीएमईजीपी लोन के नीचे विभिन्न पहलू दिए गए हैं, जहां प्रत्येक पार्टी के प्रतिशत शेयर से लेकर फंड्स का आवंटन, ब्याज दर और कार्यकाल की जानकारी मिलेगी।

यहां पीएमईजीपी लोन के तहत दी गई लोन राशि के आवंटन बारे में दिया गया है। लोन आवेदन मंजूर होने के बाद बैंक, प्रोजेक्ट लागत का 95% (समाज के कमज़ोर वर्गों के लिए) या 90% (सामान्य आवेदकों के लिए) देता है। इसमें से 15-35% मार्जिन मनी या सब्सिडी है जो सरकार द्वारा दी जाती है। बैंकों द्वारा ली जाने वाली मार्जिन मनी की राशि आवेदक द्वारा प्राप्त वास्तविक पूंजी व्यय के अनुरुप होगी। बाकी मार्जिन मनी जो उपयोग नहीं हुआ है, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) को वापस कर दिया जाएगा। बकाया धनराशि (यानी दिए जाने वाले 90% या 95% फण्ड से 15-35% सब्सिडी घटाकर) बैंक द्वारा टर्म-लोन या पीएमईजीपी लोन के रूप में दी जाती है।

# पीएमईजीपी लोन पर एमएसएमई क्षेत्र पर लागू होने वाली सामान्य दर जितनी ही होगी ब्याज दर 

पीएमईजीपी लोन पर ब्याज दर एमएसएमई क्षेत्र पर लागू होने वाली सामान्य दर जितनी ही होगी। इसकी शुरुआती अवधि (जो आमतौर पर 6 महीने से अधिक नहीं होती है) के बाद, बैंक आवदकों को पीएमईजीपी लोन का भुगतान करने के लिए 3-7 वर्षों की अवधि दे सकते हैं। वहीं, मार्जिन मनी को एक अलग सेविंग अकाउंट में रखा जाता है, जो लोन अकाउंट से जुड़ा होता है और 3 साल की अवधि के लिए लॉक किया जाता है, जिसके बाद इसे पीएमईजीपी लोन के साथ मिलाया जाता है।

पीएमईजीपी लोन के लिए आवश्यक है कि मार्जिन मनी लॉक होने के बाद तीन साल में कम से कम एक बार वर्किंग कैपिटल खर्च, कैश क्रेडिट लिमिट के बराबर हो, और उपयोग स्वीकृत सीमा के 75% से कम नहीं होना चाहिए।

पीएमईजीपी लोन निम्नलिखित क्षेत्रों में उद्यमों के लिए दिया जाता है: कृषि आधारित खाद्य प्रोसेसिंग, वन-आधारित उत्पाद, हैंड मेड कागज़ और फाइबर, खनिज आधारित उत्पाद, पॉलिमर और रसायन-आधारित उत्पाद, रूरल इंजीनियरिंग एंड बायो-टेक, सेवा क्षेत्र और टेक्सटाइल।

# पीएमईजीपी के तहत सिर्फ इतनी मिलेगी आर्थिक मदद

यह योजना विभिन्न मापदंडों के आधार पर लोगों की आर्थिक मदद करती है। हालाँकि, इस योजना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं। आवेदक से योगदान की राशि सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत और विशेष श्रेणियों के लिए 5 प्रतिशत है, जैसे कि एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व-रक्षा कर्मचारी, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति और उत्तर पूर्व के लोग क्षेत्र, पहाड़ियों और सीमा क्षेत्र आदि।

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यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि केवीआईसी, केवीआईबी, डीआईसी, सीओआईआर, किसी भी निजी संस्थान, व्यक्ति, एजेंसी या फ्रैंचाइज़ी के साथ पीएमईजीपी प्रोजेक्ट को प्रोमोट करने या पीएमईजीपी के तहत किसी फंडिंग के लिए शामिल नहीं है। 

# पीएमईजीपी लोन के तहत मार्जिन मनी क्या है? इससे  कैसे फायदा होता है? 

सवाल है कि पीएमईजीपी लोन के तहत मार्जिन मनी क्या है? इससे मुझे कैसे फायदा होता है? तो जवाब होगा कि मार्जिन मनी का तात्पर्य खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) से मिलने वाली सब्सिडी से है। यह वह राशि है जो सरकार पीएमईजीपी लोन के तहत आपके व्यवसाय में योगदान करती है। यह मार्जिन मनी बैंक को दी जाती है और 3 साल की लॉक-इन अवधि के अधीन होती है।

प्रश्न है कि क्या बैंक मुझे मार्जिन मनी देगा? तो उत्तर होगा कि हां, बैंक आपको लॉक-इन अवधि के बाद मार्जिन मनी देता है। बशर्ते आपने बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने फंड का इस्तेमाल किया हो।

सवाल है कि क्या फंड के इस्तेमाल पर कोई दिशा-निर्देश हैं? तो जवाब होगा कि पीएमईजीपी लोन के लिए आवश्यक है कि वर्किंग कैपिटल खर्च 3 साल में कम से कम एक बार नगद लोन सीमा के बराबर हो। इसके बाद मार्जिन लॉक किया जाता है। इसके अलावा, यह मंजूर सीमा के 75 प्रतिशत से कम इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में परियोजना के लिए अधिकतम 25 लाख रु. और बिज़नेस या सर्विस सेक्टर में 10 लाख रु. तक का लोन मिल सकता है।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार