लाइलाज बीमारी की तरह है महेश भट्ट की सड़क 2, फिल्म देखकर हो सकता है डिप्रेशन

लाइलाज बीमारी की तरह है महेश भट्ट की सड़क 2, फिल्म देखकर हो सकता है डिप्रेशन

देशभर में बॉलीवुड में फैले नेपोटिस्म को लेकर लोगों के बीच नाराजगी है। इसका गुस्सा लोगों ने महेश भट्ट की फिल्म सड़क 2 के ट्रेलर पर निकाला। इस गुस्से के साथ ही सड़क 2 का ट्रेलर दुनिया का सबसे ज्यादा डिसलाइक किया गया ट्रेलर बन गया।

देशभर में बॉलीवुड में फैले नेपोटिस्म को लेकर लोगों के बीच नाराजगी है। इसका गुस्सा लोगों ने महेश भट्ट की फिल्म सड़क 2 के ट्रेलर पर निकाला। इस गुस्से के साथ ही सड़क 2 का ट्रेलर दुनिया का सबसे ज्यादा डिसलाइक किया गया ट्रेलर बन गया। अब बारी आती है फिल्म की,  28 अगस्त 2020 को ओटीटी प्लेटफॉर्म हॉटस्टार पर फिल्म सड़क 2 को रिलीज किया गया। जिस तरह से फिल्म के ट्रेलर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ कर 1 करोड़ 20 लाख डिस लाइक हासिल किए हैं , ट्रेलर को काटे की टक्कर देते हुए फिल्म सड़क 2 ने भी अबतक की सभी बुरी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए, शीर्ष पर मुकाम बना लिया है। अगर आप हद से ज्यादा खाली है तो फिल्म सड़क 2 तो देखने की गलती कर सकते हैं और अगर रिस्क लेना आपको पसंद है तो कुछ सावधानियों के साथ आप ये रिस्क ले सकते है बशर्ते है कि फिल्म को देखकर वक्त जरा भी दिमाग न लगाए वरना आप डिप्रेशन के भी शिकार हो सकते हैं। 

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क्या है फिल्म की कहानी 

फिल्म की शुरुआत होती है एक अंधेरी रात से जहां कुछ लोग पूजा-पाठ कर रहे होते हैं। पूजा पाठ वाले मैदान में एक बाबा का बड़ा सा पोस्टर लगा होता है, जिसे एक लड़की जला देती है। इस लड़की का नाम होता है आर्या (आलिया भट्ट)। पूरी फिल्म की कहानी आर्या पर ही केंद्रित है। आर्या बाबा से बदला लेना चाहती है क्योंकि उसे लगता है उसकी मां का कातिल बाबा गुरूजी (मकरंद देशपांडे) है। बदला लेने के लिए वह एक टीम बनाती है जहां उसे विशाल (आदित्य रॉय कपूर) मिलते हैं। दोनों को प्यार हो जाता है। जीने-मरने की कसमें खाते हैं। अब बाबा से दोनों मिलकर बदला लेना चाहते हैं। एक दिन एक ऐसा हादसा हो जाता है जिसकी वजह से विशाल को जेल में डाल दिया जाता है और आर्या को पागल घोषित करके मेंटल हॉस्पिटल में पहुंचा दिया जाता है। एक दिन आर्या अस्पताल से भाग जाती है और एक टैक्सी ड्राइवर रवि (संजय दत्त) से मिलती है। रवि अपनी पत्नी की मौत के गम में होता है और सुसाइड करने की भी कोशिश कर चुका होता है। आर्या रवि को अपनी कहानी बताती है और कहती है कि वह उसे टैक्सी से रानी खेत तक छोड़ दे। ताकि वह बाबा गुरूजी का पर्दाफाश कर सके। अब क्या आलिया अपने सफर पर पहुंच पाती है या नहीं उसे जानने लिए आपको रिस्क लेना पड़ेगी। 

फिल्म सड़क 2 रिव्यू

महेश भट्ट के डायरेक्शन में बनीं सड़क 2 फिल्म के कलाकारों के लिए एक काला धब्बा है क्योंकि फिल्म में एक भी ऐसी चीज नहीं है जिसकी तारिफ की जा सके। संजय दत्त ने अपनी एक्टिंग से थोड़ी भार अपने कंधे पर उठाया लेकिन बहुत ही जल्दी वो उम्मीद भी टूट गयी। पापा की परी आलिया भट्ट ने भी फिल्म में क्यूट बनने के चक्कर में काफी ज्यादा ओवर एक्टिंग कर दी। आदित्य राय कपूर ने हर फिल्म की तरह ही इसमेंमें भी अपने पुराने किरदारों की तरह ही एक्टिंग की है। फिल्म में गुलशन ग्रोवर का भी केमियो रोल है। मकरंद देशपांडे और गुलशन ग्रोवर जैसे कलाकार फिल्म को कुछ रोचक बना सकते थे लेकिन महेश भट्ट साहब ने उन्हें कुछ खान रोल नहीं दिया। फिल्म पूरी तरह ने महेश भट्ट की बेटी आलिया भट्ट पर ही केंद्रित है। 

किरदारों के बाद आते है कहानी पर, कहते है अगर किसी फिल्म की कास्ट अगर कमजोर है लेकिन कहानी मजबूत है तो फिल्म को हिट करवाया जा सकता है लेकिन सड़क 2 में कहानी का तो कोई सिर-पैर ही नहीं था। आखिर हो क्या रहा है। 20 साल बाद महेश भट्ट ने सड़क 2 से  निर्देशन में वापसी की है। इस डायरेक्शन से तो बेहतर है कि उन्हें निर्देशन से सन्यास ले लेना चाहिए।