Fatty Liver को न करें नजरअंदाज! जानें कैसे करें Reverse, ये 5 चीजें हैं रामबाण इलाज

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फैटी लिवर मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन को प्रभावित करता है, जिसे आयुर्वेद में कुछ उपायों से रिवर्स किया जा सकता है। अपनी डाइट में हल्दी-अदरक की चाय, कड़वी सब्जियां शामिल करें और गर्म भोजन खाकर लिवर पर जमी चर्बी को कम करें।

क्या आपने कभी सोचा है कि लिबर पर चर्बी जमती है। अक्सर लोग फैटी लिवर को ये समझकर नजरअंदाज कर देते हैं कि इसमें केवल लिवर पर चर्बी जमती है और इसका शरीर पर कुछ खास असर नहीं होता है, लेकिन ये पूरी तरह गलत है। आमतौर पर फैटी लिवर का असर आपके मेटाबॉलिज्म, डाइजेशन, एनर्जी लेवल और वजन सहित कई चीजों पर होता है। ऐसे में इसकी शुरुआती स्टेज में ही इसे रिवर्स करने की कोशिश करना जरुरी है। आयुर्वेद में फैटी लिवर को यकृत योग कहा जाता है, यह शरीर में कफ और पित्त इंबैलेंस करता है, अग्नि धीमी हो जाती है और पाचन कमजोर होने लगता है। इससे लिवर चैनल्स ब्लॉक हो जाता है और फैट जमा होने लगता है, तो शरीर में ट्राईग्लिसाइड्स और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगते हैं। आइए आपको बताते हैं फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल बदलने से क्या फायदा होगा। 

 

फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए करें ये 5 काम

- अपने डाइजेस्टिव अग्नि को तीव्र करने की कोशिश करें। इसके लिए आप डाइट में बदलाव करें। दिन की शुरुआत हल्दी और अदरक वाली चाय से करें। इसके सेवन से फैट मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है।

- हल्दी और अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये लिवर पर जमी चर्बी को कम करते हैं। यह बाइल जूस का प्रोडक्शन को बढ़ाते हैं। ये लिवर में फैट भी जमा नहीं होने देते हैं। 

- डाइट में कड़वी सब्जियों को शामिल करें । करेला, मेथी के पत्ते और पालक को डाइट का हिस्सा बनाएं। इसके सेवन से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है और लिवर डिटॉक्स होता है।

- पका हुआ गर्म खाना खाएं। इसमें अग्नि बेहतर होती है और शरीर में टॉक्सिन्स जमा नहीं होते हैं। आप ठंडा खाने की जगह दाल, सूप और पकी हुई सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाएं।

- इसके अलावा, योग और मेडिटेशन को रुटीन का हिस्सा बनाएं। इससे आपकी सेहत और भी बेहतर होती है। शरीर में जमा टॉक्सिंस भी बाहर निकलते हैं। सही समय पर सोएं, जिससे आपका शरीर नेचुरल रिदम को फॉलो कर सके। 

- वहीं, अदरक और डैंडेलियन जैसे हर्ब्स को डाइट में शामिल करें। ये इंफ्लेमेशन को कम करते हैं। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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