Yoga For Fatty Liver: Fatty Liver की समस्या का रामबाण इलाज, ये 5 Yoga आसन देंगे Liver को नई जिंदगी

Yoga For Fatty Liver
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लिवर हमारे शरीर के अहम अंगों में से एक है। जोकि शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अलावा यह शरीर में और भी कई जरूरी काम करता है। इसलिए जरूरी है कि अपने लिवर का खास ख्याल रखा जाए, जिससे किसी गंभीर परिणामों बचा जा सके।

इन दिनों फैटी लिवर एक आम समस्या है, जो इन दिनों तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है। इस कारण जातक को अक्सर कई तरह की सेहत संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह एक गंभीर समस्या है, जिसको नजरअंदाज करने की गलती आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। वहीं लंबे समय तक फैटी लिवर का इलाज न कराने से यह लिवर फेलियर की वजह बन जाता है।

बता दें कि लिवर हमारे शरीर के अहम अंगों में से एक है। जोकि शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अलावा यह शरीर में और भी कई जरूरी काम करता है। इसलिए जरूरी है कि अपने लिवर का खास ख्याल रखा जाए, जिससे किसी गंभीर परिणामों बचा जा सके। फैटी लिवर से बचाव के लिए जरूरी है कि डाइट के साथ एक्सरसाइज और योग भी जरूरी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे आसनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो फैटी लिवर से बचाव में मददगार हो सकते हैं।

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त्रिकोणासन

यह एक ऐसा ट्राएंगल पोज है, जिसको फायदेमंद आसन माना जाता है। यह आसन बाहों, कोर और पैरों को मजबूत करने के अलावा कमर, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग की स्ट्रेचिंग जैसे शारीरिक फायदे भी देता है। इस आसन को करने से पाचन बेहतर होता है।

ऐसे करें ये आसन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और फिर अपने पैरों को फैलाएं।

अब दाहिने हाथ को नीचे पैर की ओर झुकाएं और बाएं हाथ को ऊपर की तरफ उठाएं।

फिर 30 सेकेंड तक इस पोजिशन में बने रहें और फिर दूसरे हाथ से भी इस पोजिशन को ट्राई करें।

स्फिंक्स आसन

इस आसन को रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद माना जाता है। स्फिंक्स आसन को करने से स्पाइनल कार्ड मजबूत होती है। इस आसन का अभ्यास करने से कंधे, छाती और पेट स्ट्रेच होते हैं और पेट के अंगों की फंक्शनिंग बेहतर होती है। यह आसन थकान और तनाव दूर करने में भी मददगार है।

ऐसे करें ये आसन

इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।

अब कोहनियों को अपने कंधों के नीचे रखें और छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

इस दौरान आपको सीधा देखना है।

इस पोजिशन में करीब 1 मिनट तक रहें और फिर पहले जैसी स्थिति में आ जाएं।

भुजंगासन

भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह कई सारे फायदे पहुंचाता है। इसे करने से रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, पोश्चर में सुधार होता है और पीठ में लचीलापन बढ़ता है।

ऐसे करें ये आसन

इस आसन को करने से पेट के बल लेट जाएं और दोनों हथेलियों को कंधों के नीचे रखें।

फिर सांस लेते हुए छाती और सिर एक साथ ऊपर उठाएं।

अब 30 सेकेंड तक इसी पोजिशन में रहें और इस प्रोसेस को 1 से 3 बार रिपीट करें।

धनुरासन

बता दें कि धनुरासन को बो पोज भी कहा जाता है। इस आसन को करने से पीठ और पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। नियमित रूप के इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार आता है। यह छाती और कंधों को खोलता है। पोश्चर में सुधार करता है, थकान, पाचन और तनाव कम करने में मदद करता है।

ऐसे करें ये आसन

इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।

फिर पैरों को मोड़कर टखनों को पकड़ें।

इसके बाद अपनी छाती और पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।

अब 30 सेकेंड तक इस पोजिशन में रहें और फिर इसको 1-2 बार दोहराएं।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

यह आसन पाचन और रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद होता है। यह आसम तनाव से भी राहत दिलाने में मदद करता है। इसको करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है और पीठ दर्द से राहत मिलेती है। इस आसन के अभ्या से पेट के अंगों की फंक्शनिंग भी बेहतर होती है, जिससे पाचन में सुधार होता है और कब्ज की समस्या भी दूर होती है।

ऐसे करें ये आसन

इस आसन को करना बेहद आसान है। इस आसन को करने के लिए एक पैर को मोड़ें और दूसरे पैर को बाहर रखें।

फिर शरीर को घुमाएं और पीछे की तरफ देखें।

1 मिनट तक इसी तरह रुकें और फिर दूसरी तरफ भी ऐसा ही करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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