Health Tips: सुबह उठते ही क्यों भारी रहता है सिर? ये 6 बड़े Reasons बिगाड़ सकते हैं आपकी Health

Morning headache
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कई लोगों की सुबह की शुरूआत सिरदर्द के साथ होती है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सुबह उठते ही सिरदर्द क्यों होता है और इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है।

कई लोगों की सुबह की शुरूआत सिरदर्द के साथ होती है। कई लोगों को सुबह उठते ही सिर भारी लगना, कनपटी में दर्द या फिर पूरे सिर में दबाव महसूस होता है। जोकि पूरे दिन का मूड खराब कर देता है। अक्सर लोग इसको नॉर्मल थकान समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन अगर आपको अक्सर ही यह समस्या हो रही है, तो इसके पीछ कई वजह हो सकती हैं।

स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, खराब नींद और कुछ हेल्थ समस्या इसकी वजह हो सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि सुबह उठते ही सिरदर्द क्यों होता है और इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है।

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सुबह होने वाले सिरदर्द की वजह

सुबह के समय सिरदर्द होने की सबसे आम वजह खराब या अधूरी नींद होती है। भरपूर नींद न लेना, देर रात तक मोबाइल देखना या फिर बार-बार रात में नींद टूटना आदि दिमाग को पूरा आराम नहीं दे पाता है। इसलिए अक्सर सुबह सिरदर्द होता है।

सुबह सिरदर्द की एक बड़ी वजह स्लीप एपनिया हो सकती है। इस समस्या में सोने के दौरान बार-बार सांस रुकती है। जिस कारण शरीर और दिमाग को सफिशिएंट ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। ऐसे लोगों को भी सुबह सिरदर्द और थकान की समस्या हो सकती है।

शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी सिरदर्द की वजह बन सकती है। रात भर पानी न पीने या गर्म मौसम से शरीर से अधिक पानी निकलता है, जिस कारण सुबह के समय सिर भारी लग सकता है।

कुछ लोगों को नींद में जबड़े कसकर रखने या दांत पीसने की आदत होती है। इससे सिर और जबड़े की मसल्स पर दबाव पड़ता है। जोकि मॉर्निंग हेडक की वजह बन सकता है।

बीपी के अलावा सुबह के समय बीपी बढ़ना, चिंता, ज्यादा स्ट्रेस और पेन रिलीवर दवाओं के बार-बार इस्तेमाल से भी मॉर्निंग हेडेक की समस्या हो सकती है।

मॉर्निंग हेडेक से कैसे बचें

अगर आप भी मॉर्निंग हेडेक की समस्या से बचना चाहते हैं, तो नींद की आदतों पर सबसे पहले ध्यान दें।

रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। वहीं रात में 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।

सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का कम इस्तेमाल करें।

दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, जिससे शरीर में पानी की कमी न होने पाए।

रात में शराब और जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने से बचना चाहिए।

अगर आपको खर्राटे आते हैं या फिर नींद में सांस रुकने की समस्या है या फिर दांत पीसने की आदत है। तो आपको डॉक्टर से संपर्क करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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