हट जाओ वरना उड़ा देंगे... भारत के बाद अब चीनी जहाज को भी खदेड़ा

Chinese
AI Image
अभिनय आकाश । Apr 20 2026 12:44PM

आईआरजीसी ने क्लियर कर दिया है कि अब कोई भी जहाज बिना अलग-अलग मंजूरी के इस रास्ते से गुजर नहीं सकता। यानी ब्लैंकेट अप्रूवल जैसा कोई सिस्टम नहीं है।

होर्मुज में भूचाल आ चुका है। जंग फिर से कभी भी छिड़ सकती है और अब खबर है कि आईआरजीसी इस वक्त फिर से बेकाबू होती जा रही है जो सिर्फ इमाम मुस्तबा खामिनेई के इशारे पर काम कर रही है। दरअसल भारतीय जहाज पर हमले के बाद अब एक और बड़ी खबर सामने आई है और वह यह है कि चीन के जहाज को भी आईआरजीसी ने होर्मुज पार करने से रोक दिया है। उसे साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि अगर तुरंत वो पीछे नहीं हटा तो निशाना बनाया जा सकता है। यानी अब हालत यह हो गई है कि जिस चीन को अब तक ईरान का सबसे बड़ा साझेदार माना जा रहा था उसके जहाज को भी बिना इजाजत हो होर्मुज गुजरने नहीं दिया गया। मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास की तरफ से खुद इस बात की पुष्टि की गई है कि सन प्रॉफिट नाम के चीनी जहाज को स्टेट ऑफ फोरमोस से वापस लौटना पड़ा। वजह साफ है। 

इसे भी पढ़ें: भारत के जहाज पर फायरिंग के बाद ईरान ने चीन के जहाजों को रोका, बड़ा ऐलान!

आईआरजीसी ने क्लियर कर दिया है कि अब कोई भी जहाज बिना अलग-अलग मंजूरी के इस रास्ते से गुजर नहीं सकता। यानी ब्लैंकेट अप्रूवल जैसा कोई सिस्टम नहीं है। हर जहाज को अलग से क्लीयरेंस लेना होगा। इसका मतलब समझिए होर्मू अब जब पूरी तरह ईरान के कंट्रोल में है और वहां से गुजरना अब किसी भी देश के लिए आसान नहीं रह गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हो पाती। इससे पहले भारत के दो जहाजों पर फायरिंग की खबर आई थी। जिसके बाद भारत सरकार हरकत में आ गई। दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया गया। विदेश सचिव ने सीधे तौर पर अपनी नाराजगी जताई और साफ कहा कि हुरमुस से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। भारत ने यह भी कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला बेहद गंभीर मामला है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। हालांकि ईरान की तरफ से सिर्फ इतना कहा गया कि वो भारत की चिंता अपने अधिकारियों तक पहुंचाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर ईरान ऐसा कर क्यों रहा है? 

इसे भी पढ़ें: ईरान की गद्दारी, भारत आने वाले जहाज पर मारी गोली, फिर हुए बड़ा खेल!

दरअसल फरवरी के आखिर से ही ईरान ने होर्मुज पर सख्त नियंत्रण लागू कर रखा है। पहले कहा गया था कि चीन भारत पाकिस्तान समेत कुछ देशों को छूट दी जाएगी। लेकिन अब जो हालात बन रहे हैं उससे साफ है कि ईरान अपने ही नियम बदल रहा है और हर जहाज को केस बाय केस आधार पर देख रहा है। यानी आज दोस्त कल रूप ऐसी स्थिति बन चुकी है। ईरान का मानना है कि हर जहाज को अलग से क्लीयरेंस लेनी होगी क्योंकि ऐसे वक्त में दुश्मन बहुत ज्यादा चौकन्ना है और वो किसी तरीके की हरकत कर सकता है। शायद इसी वजह से वो हर जहाज को रोक रहे हैं और फिर अपने नियम के मुताबिक उन्हें जाने की एक-एक करके क्लीयरेंस दे रहे हैं। सबसे अहम बात यह है इजराइल लेबनान सीज फायर के बाद ईरान ने होरबूज खोलने का ऐलान किया था। लेकिन कुछ ही वक्त बाद उसने यू टर्न लेते हुए इसे फिर से उसी पुराने कंट्रोल मोड में ला दिया। इसके पीछे की वजह बताई गई डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार दी जा रही धमकियां।

All the updates here:

अन्य न्यूज़