18th BRICS Summit: दिल्ली पहुंचे Antonio Guterres, भारत के नेतृत्व में Global Governance Reforms पर बड़ा मंथन

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अभिनय आकाश । Sep 11 2026 2:57PM

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे थे। कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने दोनों का स्वागत किया। दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स का सदस्य देश है, जबकि युगांडा 10 साझेदार देशों में से एक है। इस बीच, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन भी नई दिल्ली पहुँच गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली पहुँचे। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने महासचिव का स्वागत किया। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे थे। कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने दोनों का स्वागत किया। दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स का सदस्य देश है, जबकि युगांडा 10 साझेदार देशों में से एक है। इस बीच, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन भी नई दिल्ली पहुँच गए हैं। 

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समिट से पहले नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुकु और फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मारिया थेरेसा पी. लाज़ारो भी पहुँचीं। 18वें ब्रिक्स समिट से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी नई दिल्ली पहुँच गए हैं। उनके पहुँचने पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने पुतिन का स्वागत किया। सुबह जल्दी पहुँचने वाले रूस के अन्य प्रमुख प्रतिनिधियों में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव शामिल थे। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की अध्यक्ष ज़ू जियायी भी 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए पहुँचीं। भारत अपनी 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट की मेज़बानी कर रहा है। भारत की अध्यक्षता "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) थीम पर आधारित है, जिसमें विकास, स्थिरता और नवाचार मुख्य फोकस क्षेत्र हैं। 

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ब्रिक्स प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल और बहुपक्षीय संस्थानों में 'ग्लोबल साउथ' के हितों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इसके एजेंडे में विकास, वित्त, प्रौद्योगिकी, व्यापार और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान शामिल हैं। इस समूह में वर्तमान में 11 देश शामिल हैं, यानी ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE। भारत की 2026 की अध्यक्षता से जुड़ी जानकारी के अनुसार, BRICS सदस्य देश मिलकर दुनिया की कुल आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, ग्लोबल GDP का 40 प्रतिशत और ग्लोबल व्यापार का 26 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। भारत की BRICS अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया आर्थिक बंटवारे, तकनीकी बदलावों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। यह बढ़ा हुआ समूह विकास, जलवायु से जुड़े कदमों, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और वित्तीय मजबूती के मामलों में सहयोग के लिए एक मंच देता है, साथ ही ग्लोबल संस्थाओं में सुधारों पर होने वाली चर्चाओं में भी योगदान देता है।

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