आस्था व धर्म की स्वतंत्रता पर वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा ब्रिटेन

Liz Trus

इस आयोजन का मकसद अंतरराष्ट्रीय सरकारों और पंथ नेताओं को एक साथ लाना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर कोई सभी जगह अपने धर्म या आस्था का स्वतंत्र रूप से पालन कर सके।

 लंदन| ब्रिटेन की सरकार ने धर्म या आस्था की स्वतंत्रता (एफओआरबी) को बढ़ावा देने के लिए जुलाई 2022 में लंदन में एक वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की घोषणा की है ताकि उत्पीड़न से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ावा मिल सके।

विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने मंगलवार को कहा कि पांच और छह जुलाई को दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के विभिन्न धार्मिक और गैर-धार्मिक समुदायों के बीच सम्मान को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: भारतीय छात्रों की वापसी के बारे में चीन का रुख अब भी स्पष्ट नहीं

इस आयोजन का मकसद अंतरराष्ट्रीय सरकारों और पंथ नेताओं को एक साथ लाना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर कोई सभी जगह अपने धर्म या आस्था का स्वतंत्र रूप से पालन कर सके।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज़ ट्रस ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हर जगह, सभी लोग भेदभाव और उत्पीड़न से मुक्त हों, भले ही उनकी राय और आस्था कुछ भी हो।

हमने इस साल जी7 की अपनी अध्यक्षता का इस्तेमाल इन मौलिक स्वतंत्रताओं की रक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए किया है...।’’

लंदन में होने वाले शिखर सम्मेलन के पहले अमेरिका और पोलैंड ने पिछले एफओआरबी कार्यक्रमों का आयोजन किया था।

इसे भी पढ़ें: चीन ने पहली बार हिंद-प्रशांत पहल को स्वीकार किया

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़