फिर अंग्रेजों की तानाशाही! British में हिंदू मंदिर के बंद होने का खतरा, बंद दरवाजों के पीछे हुई बड़ी डील

मंदिर प्रशासन पीटरबरो सिटी काउंसिल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए अभियान चला रहा है। इस महीने की शुरुआत में काउंसिल कैबिनेट की बैठक में यह कहा गया कि “संपत्ति की बिक्री से करदाताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ मूल्य दिलाने की उसकी कानूनी जिम्मेदारी” है।
पूर्वी ब्रिटेन के पीटरबरो शहर में स्थित 'भारत हिंदू समाज मंदिर' और कम्युनिटी सेंटर के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्थानीय पीटरबरो सिटी काउंसिल (PCC) द्वारा उस भवन को बेचने के फैसले को सही ठहराया गया है, जिसे मंदिर पिछले 4 दशकों से किराये पर इस्तेमाल कर रहा है। इस फैसले के बाद 13,000 से अधिक हिंदुओं की आस्था के केंद्र के बंद होने का डर सता रहा है।
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मंदिर प्रशासन पीटरबरो सिटी काउंसिल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए अभियान चला रहा है। इस महीने की शुरुआत में काउंसिल कैबिनेट की बैठक में यह कहा गया कि “संपत्ति की बिक्री से करदाताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ मूल्य दिलाने की उसकी कानूनी जिम्मेदारी” है। वहीं, मंदिर ने एक बयान में कहा, “हम भारत हिंदू समाज से जुड़े भवन की बिक्री की कड़ी निंदा करते हैं। समुदाय द्वारा बनाई गई संस्था को बंद दरवाजों के पीछे बिना पारदर्शिता या सहमति के नहीं बेचा जाना चाहिए।”
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इसमें कहा गया, ‘‘यह सिर्फ संपत्ति के बारे में नहीं है, बल्कि विरासत, भरोसे और जवाबदेही के बारे में है। समुदाय जवाब पाने का हक रखता है, गोपनीयता का नहीं। इस फैसले पर सवाल उठाए जाने चाहिए और इसका विरोध किया जाना चाहिए।’’ हिंदू काउंसिल यूके, जो ब्रिटिश हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख संस्था है, ने लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली पीटरबरो सिटी काउंसिल (पीसीसी) के नए प्रशासन पर मंदिर के ‘‘सामाजिक प्रभाव मूल्य’’ को पूर्व में मानने और भारत हिंदू समाज को इसका स्वामित्व हस्तांतरित करने की प्रतिबद्धता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
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