यमन में जारी संघर्षविराम को खतरे में न डालें : संयुक्त राष्ट्र

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 4 2019 11:16AM
यमन में जारी संघर्षविराम को खतरे में न डालें : संयुक्त राष्ट्र
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्ष मौके पर मौजूद अपने कमांडरों को आदेश दें कि वह किसी भी ऐसे उल्लंघन से बचें जिससे यमन में शांति के लिये हुआ समझौता खतरे में पड़ जाए।

दुबई। यमन में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख ने सऊदी समर्थित सरकार और हूती विद्रोहियों को चेतावनी दी है कि होदेदा शहर में सात सप्ताह से जारी संघर्षविराम बहुत संवेदनशील है और वह मौके पर मौजूद अपने कमांडरों से इस संघर्षविराम का सम्मान करने को कहें। डच जनरल (सेवानिवृत्त) पैट्रिक कामाएर्ट ने रविवार को होदेदा बंदरगाह पर एक जहाज में संघर्षविराम जारी रखने के मकसद से सरकारी प्रतिनिधियों और हूती विद्रोहियों के साथ बैठक की। संयुक्त राष्ट्र के एक बयान में कहा गया है कि बातचीत सोमवार को भी जारी रहेगी।

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उसने बैठक को "मैत्रीपूर्ण और रचनात्मक" बताया। यह बैठक स्वीडन में दोनों पक्षों के बीच दिसंबर में हुए संघर्षविराम समझौते को लागू करने में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के लिये हुई है। स्वीडन समझौते में हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले होदेदा बंदरगाह में संघर्षविराम लागू करने, वहां से बलों को पीछे हटाने और मानवीय मदद के लिये रास्ता खोलने के लिये कहा गया था।

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संयुक्त राष्ट्र के बयान के अनुसार, कामाएर्ट ने दोनों पक्षों को संघर्षविराम की संवेदनशीलता को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्ष मौके पर मौजूद अपने कमांडरों को आदेश दें कि वह किसी भी ऐसे उल्लंघन से बचें जिससे यमन में शांति के लिये हुआ समझौता खतरे में पड़ जाए। इससे पहले पोप फ्रांसिस ने भी यमन में मानवीय मदद पहुंचाने के लिये संघर्षविराम समझौते का सम्मान करने की अपील की थी।

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