Super Bowl में Bad Bunny के शो पर भड़के Donald Trump, कहा- यह America का अपमान है

सुपर बाउल में पहले स्पेनिश भाषी कलाकार बैड बनी के प्यूर्टो रिको की संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले शो ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ और देश के लिए अपमानजनक करार दिया है।
सुपर बाउल एलएक्स का हाफटाइम शो खत्म होते ही अमेरिका की राजनीति और मनोरंजन की दुनिया में हलचल मच गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मशहूर लैटिन सिंगर बैड बनी के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे अमेरिका की छवि के खिलाफ बताया।
बता दें कि ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह हाफटाइम शो बेहद खराब था और अब तक के सबसे कमजोर प्रदर्शनों में से एक रहा। उनके मुताबिक यह न तो अमेरिका की सफलता को दर्शाता है और न ही रचनात्मकता या उत्कृष्टता के मानकों पर खरा उतरता है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने बैड बनी पर निशाना साधते हुए कहा कि आम दर्शक उनके गीतों को समझ ही नहीं पाते और डांस स्टेप्स बच्चों के लिए अनुचित हैं। उन्होंने इसे पूरे देश के लिए अपमानजनक बताते हुए कहा कि ऐसा शो उस अमेरिका की पहचान नहीं हो सकता, जो हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है, चाहे वह शेयर बाजार हो या रिटायरमेंट फंड्स हों।
ट्रंप यहीं नहीं रुके और एनएफएल की नई किकऑफ नियम व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज’ इस शो की तारीफ करेगी, क्योंकि उसे असली दुनिया की समझ नहीं है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बैड बनी सुपर बाउल हाफटाइम में परफॉर्म करने वाले पहले स्पेनिश भाषा के लैटिन सोलो कलाकार रहे हैं। उनके शो में प्यूर्टो रिको की संस्कृति की झलक, कई डांस परफॉर्मेंस, रिकी मार्टिन और लेडी गागा के गानों का इस्तेमाल और हालिया ग्रैमी अवॉर्ड भाषण की झलक भी शामिल रही हैं।
शो के अंत में आतिशबाजी के जरिए प्यूर्टो रिको का झंडा दिखाया गया और बड़े स्क्रीन पर लिखा गया कि नफरत से ज्यादा ताकतवर सिर्फ प्यार है। यह संदेश बैड बनी के उस बयान से जुड़ा माना जा रहा है, जो उन्होंने हाल ही में ग्रैमी अवॉर्ड लेते समय दिया था।
गौरतलब है कि बैड बनी के चयन को लेकर पहले से ही आलोचना हो रही थी। ट्रंप ने इससे पहले एक इंटरव्यू में साफ कहा था कि उन्हें ऐसे कलाकार पसंद नहीं हैं और उनका मानना है कि ये चुनाव समाज में नफरत फैलाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुपर बाउल में न जाने का फैसला कलाकारों की वजह से नहीं, बल्कि दूरी की वजह से था।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सुपर बाउल जैसे वैश्विक मंच पर कला, राजनीति और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, जबकि प्रतिक्रियाएं लगातार बंटी हुई नजर आ रही है।
अन्य न्यूज़











