London में चीन के विवादित Super Embassy निर्माण को मिली अदालत से मंजूरी

ब्रिटेन में 'टावर ऑफ लंदन' के पास चीन के विवादित नए 'सुपर दूतावास' के निर्माण को शुक्रवार को इंग्लैंड उच्च न्यायालय से मंजूरी मिल गई। रॉयल मिंट कोर्ट रेजिडेंट्स एसोसिएशन ने सरकार द्वारा दी गई निर्माण अनुमति के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। स्थानीय निवासियों का यह संगठन सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए अब इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाने की तैयारी कर रहा है।
(अदिति खन्ना) लंदन, 31 जुलाई ब्रिटेन के ‘टावर ऑफ लंदन’ के पास चीन के विवादित नये ‘सुपर दूतावास’ के निर्माण का रास्ता शुक्रवार को इंग्लैंड उच्च न्यायालय में कानूनी बाधा दूर होने के बाद साफ हो गया। ब्रिटेन की राजधानी में चीन के स्वामित्व वाली रॉयल मिंट कोर्ट साइट पर रहने वाले लोगों के एक संगठन ने इस विवादित परियोजना के लिए ब्रिटेन सरकार द्वारा दी गई निर्माण अनुमति को कानूनी चुनौती देने के लिए हजारों पौंड की राशि जुटाई थी। रॉयल मिंट कोर्ट रेजिडेंट्स एसोसिएशन (आरएमसीआरए) ने इस साल की शुरुआत में आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार मंत्रालय तथा ‘लंदन बरो ऑफ टावर हैमलेट्स’ द्वारा लिये गए फैसले की न्यायिक समीक्षा का अनुरोध किया था।
रॉयल मिंट कोर्ट रेजिडेंट्स एसोसिएशन इस क्षेत्र में रहने वाले परिवारों और व्यवसायों का प्रतिनिधित्व करता है। अदालत की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस नथाली लीवेन और लॉर्ड जस्टिस जेम्स डिंगेमन्स ने कहा कि इसमें ‘कोई संदेह नहीं’ है कि सरकार ने इस बात को ध्यान में रखा था कि निर्माण अनुमति चीन सरकार द्वारा मांगी गई थी। उन्होंने फैसला दिया कि इस प्रक्रिया के दौरान निवासियों के संगठन के साथ ‘कोई अन्याय नहीं’ हुआ।
एसोसिएशन ने कहा कि वह अपनी लड़ाई जारी रखेगा और इस सप्ताह उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए जुटाए गए 2,20,000 पौंड से अधिक की राशि में और बढ़ोतरी के लिए लोगों से समर्थन मांगना जारी रखेगा। एक प्रवक्ता ने कहा, “एसोसिएशन हमेशा से इस मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाने के लिए तैयार रहा है।” उन्होंने कहा, “मकसद अब भी वही है। हम इस विशाल दूतावास से हमारे निवासियों के सामने उत्पन्न होने वाले गंभीर और अनसुलझे सुरक्षा जोखिमों को स्वीकार नहीं कर सकते।
साथ ही, हम अपने ऐतिहासिक इलाके को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के यूरोपीय शक्ति केंद्र में बदलने की अनुमति नहीं देंगे।’’ प्रवक्ता ने कहा, “हमने साबित कर दिया है कि जब हम एकजुट होकर खड़े होते हैं, तो हम दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियों को भी चुनौती दे सकते हैं। अब हमें इस लड़ाई के अगले चरण में ले जाने की जरूरत है।” चीन ने 2018 में इस ऐतिहासिक स्थल को 22.5 करोड़ पौंड में खरीदा था और इसके बाद स्थानीय ‘टावर हैमलेट्स काउंसिल’ के पास इस जगह को लंदन में अपने मौजूदा दूतावास से कहीं बड़ा दूतावास बनाने की योजना पेश की थी। वर्तमान दूतावास बेकर स्ट्रीट के पास पोर्टलैंड प्लेस में है।
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