Kulgam Terror Attack: छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, UP का युवक घायल, घाटी में High Alert जारी

Terror Attack
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Jul 31 2026 10:22PM

कुलगाम में गैर-स्थानीय मजदूरों पर हुआ लक्षित हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान घाटी में सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवादियों की बदलती रणनीति को रेखांकित करता है। सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे सघन तलाशी अभियान और व्यापक गिरफ्तारियां इस खतरे को विफल करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। कुलगाम आतंकी हमला, जम्मू कश्मीर सुरक्षा, अमरनाथ यात्रा, लक्षित हत्याएं।

जम्मू-कश्मीर से एक बार फिर आतंकवादी हमले की दुखद खबर सामने आई है। कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने बाहरी राज्यों से आए दो मजदूरों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। इस हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने बड़े स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह हमला शुक्रवार शाम कुलगाम जिले के केलम गांव में हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आतंकवादियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर अचानक गोलियां चला दीं। हमले में दीपक नाम के मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि दीपक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। वहीं घायल मजदूर की पहचान भूपेंद्र के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना के तुरंत बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। हमलावरों की तलाश के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादियों को पकड़ने के लिए अभियान लगातार जारी है और क्षेत्र में आने-जाने वाले सभी मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

बता दें कि पिछले दस दिनों के भीतर यह दूसरा लक्षित आतंकवादी हमला है। इससे पहले अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, पुलिस ने पूरे कश्मीर में कार्रवाई करते हुए तीन हजार से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संभावित नेटवर्क की पहचान करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

हालांकि इन व्यापक हिरासतों को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेने से हालात और अधिक जटिल हो सकते हैं। उन्होंने सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों के हितों का भी ध्यान रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा जारी है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा में शामिल होते हैं। यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 670 अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं।

 

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और हमलावरों की तलाश में अभियान जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।

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