Punjab Police की बड़ी कामयाबी! Operation Eastern Reach के तहत मोल्दोवा से लाया गया गैंगस्टर Amritpal Singh, दर्ज हैं 21 संगीन आपराधिक मामले

AMRIT PAL
ANI
रेनू तिवारी । Sep 12 2026 10:26AM

पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के जरिए एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के मुख्य शूटर और कथित सहयोगी अमृतपाल सिंह (उर्फ अमृत डलम, उर्फ गुरपाल सिंह) को पूर्वी यूरोपीय देश मोल्दोवा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है।

पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के जरिए एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के मुख्य शूटर और कथित सहयोगी अमृतपाल सिंह (उर्फ अमृत डलम, उर्फ गुरपाल सिंह) को पूर्वी यूरोपीय देश मोल्दोवा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। यह किसी यूरोपीय देश से पंजाब पुलिस द्वारा किया गया पहला सफल प्रत्यर्पण है। छह महीने लंबे इंटेलिजेंस-आधारित अंतरराष्ट्रीय अभियान 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' के तहत यह कार्रवाई पूरी की गई।

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पंजाब पुलिस के अनुसार, अमृतपाल सिंह नकली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से भाग गया था और बाद में मोल्दोवा में पकड़ा गया, जब वह कथित तौर पर यूक्रेन में घुसने की कोशिश कर रहा था। यह ऑपरेशन पंजाब पुलिस की AGTF और OFTEC टीमों ने केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से चार मामले अभी ट्रायल (मुकदमे) के चरण में हैं, जबकि बाकी 17 मामलों में जांच चल रही है।

अमृतपाल सिंह ने नकली पहचान का इस्तेमाल करके भारत से कैसे भागने में कामयाबी पाई?
पुलिस के अनुसार, अमृतपाल सिंह अक्टूबर 2024 के आखिरी हफ्ते में चंडीगढ़ से जारी नकली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से भागा था। पासपोर्ट पर 'गुरपाल सिंह' की पहचान दर्ज थी। भारत छोड़ने के बाद, वह पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) गया और फिर कई देशों से होते हुए आखिरकार मोल्दोवा पहुँचा।

यूक्रेन जाने की कोशिश करते समय मोल्दोवा में गिरफ्तारी
मोल्दोवा के अधिकारियों ने अमृतपाल सिंह को 24 फरवरी, 2026 को गिरफ्तार किया, जब वह कथित तौर पर ओटासी (Otaci) राज्य सीमा पार करके यूक्रेन में घुसने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने उसे भारत लाने (प्रत्यर्पण) की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। उसकी लोकेशन और नकली पासपोर्ट की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की गई, जिसके बाद रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई और बाद में यह नोटिस हासिल कर लिया गया।

'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' नाम का छह महीने का अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन
पंजाब पुलिस की AGTF और OFTEC पंजाब ने अमृतपाल सिंह का पता लगाने और उसे भारत वापस लाने के लिए लगभग छह महीने तक इंटेलिजेंस-आधारित अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन चलाया। 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' कोड-नाम वाले इस ऑपरेशन में भारत और विदेशों की कई एजेंसियों के बीच लगातार निगरानी और तालमेल शामिल था। पुलिस ने बताया कि यह ऑपरेशन केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से चलाया गया। पंजाब पुलिस ने इस प्रत्यर्पण को एक बड़ी कामयाबी बताया है, खासकर इसलिए क्योंकि पुलिस के मुताबिक, किसी यूरोपीय देश से बल द्वारा किया गया यह पहला प्रत्यर्पण है।इसे भी पढ़ें: Tech Tips: क्या आप Smart TV का सही इस्तेमाल कर रहे हैं? इन शानदार फीचर्स के बारे में शायद नहीं जानते होंगे

मोल्दोवा की अदालत ने प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी
मोल्दोवा में गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल सिंह को भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया कई महीनों तक चली। 26 मई, 2026 को एक अदालत ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने की मंज़ूरी दे दी। इसके बाद अमृतपाल सिंह ने इस फैसले को चुनौती दी, लेकिन 'कोर्ट ऑफ़ अपील सेंट्रू' ने 16 जुलाई, 2026 को उसकी अपील खारिज कर दी। अपील खारिज होने के साथ ही प्रत्यर्पण का आदेश अंतिम हो गया।

पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम उसे वापस लाई
कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद, पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम आरोपी को अपनी कस्टडी में लेने के लिए मोल्दोवा गई। टीम ने 11 सितंबर, 2026 को चिसिनाउ एयरपोर्ट पर अमृतपाल सिंह को अपनी कस्टडी में लिया और उसे भारत वापस ले आई। आरोपी और पंजाब पुलिस की टीम 12 सितंबर को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचे।

अमृतपाल सिंह के खिलाफ 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं
पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, अमृतपाल सिंह पर पंजाब में 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में UAPA और विस्फोटक, हत्या, आर्म्स एक्ट, NDPS, जबरन वसूली, पासपोर्ट एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अन्य प्रावधानों से जुड़े आरोप शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड में हत्या के पाँच मामले, आर्म्स एक्ट के तहत नौ मामले, एक NDPS मामला और UAPA व विस्फोटक से जुड़ा एक मामला शामिल है। 21 मामलों में से 17 की अभी जांच चल रही है, जबकि चार मामले ट्रायल के चरण में हैं।

उसके खिलाफ किन जिलों में मामले दर्ज हैं?
जांच के दायरे में चल रहे 17 मामले पंजाब के कई जिलों और कमिश्नरेट में फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बटाला में सात FIR, गुरदासपुर में चार, अमृतसर कमिश्नरेट में दो, होशियारपुर में दो, लुधियाना कमिश्नरेट में एक और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), अमृतसर के पास एक मामला दर्ज है। ट्रायल के चरण में चल रहे चार मामले बटाला में दर्ज हैं। अमृतपाल सिंह कथित तौर पर जग्गू भगवानपुरिया का मुख्य शूटर था।


पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह की पहचान गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कथित मुख्य सहयोगी और मुख्य शूटर के तौर पर की है। संगठित अपराध से उसके कथित संबंधों और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों की वजह से, जांच एजेंसियों के लिए उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर नज़र रखना प्राथमिकता बन गई थी। उसकी भारत वापसी पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और मोल्दोवा के अधिकारियों के आपसी सहयोग से संभव हो पाई, जिसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई।

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