2 साल बाद आज क्या कहेंगी शेख हसीना, भारत से क्यों उलझा बांग्लादेश?

5 अगस्त 2024 को हुए इस तख्तापलट का मुख्य कारण बना था छात्रों का आंदोलन। छात्रों का आंदोलन इतना हिंसक हो गया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना ही देश छोड़ना पड़ गया था। 2 साल से शेख हसीना भारत में निर्वासन कर रही थी। लेकिन आज वे मीडिया के सामने आने वाली हैं।
बांग्लादेश इन दिनों घबराया हुआ है। इसकी बजाय देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर हुई नई घोषणा। आज बांग्लादेश में हुए तख्तापलट को दो साल हो गए हैं। इस तख्तापलट के बाद आज पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सबके सामने आने वाली हैं। शेख हसीना शाम 6 बजे आज मीडिया को संबोधित करने वाली हैं। 5 अगस्त 2024 को हुए इस तख्तापलट का मुख्य कारण बना था छात्रों का आंदोलन। छात्रों का आंदोलन इतना हिंसक हो गया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना ही देश छोड़ना पड़ गया था। 2 साल से शेख हसीना भारत में निर्वासन कर रही थी। लेकिन आज वे मीडिया के सामने आने वाली हैं।
इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्रालय का Pakistan पर तीखा प्रहार, PoK Elections को बताया ढकोसला, Sheikh Hasina और China से संबंधों को लेकर भी कह दी बड़ी बात
दरअसल बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेने वाली शेख हसीना दो सालों में पहली बार मीडिया से लाइव जुड़ेंगी। वह मीडिया से सीधा मुखातिब होंगी और उनके सवालों के जवाब भी देंगी। इस कार्यक्रम के ऐलान के बाद से बांग्लादेश बेचैन हो गया है। ढाका ने भारत से इस कार्यक्रम को रोकने की गुहार लगाई है। हालांकि भारत ने बांग्लादेश को टका सा जवाब दे दिया। बता दें आपको बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गई थी और तब से यहां किसी गुप्त स्थान पर रह रही हैं। बुधवार को वे वर्चुअल तरीके से विदेशी पत्रकार क्लब में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगी। इससे पहले उन्होंने सिर्फ लिखित बयान ही जारी किए थे। अब भारत पहुंचने के बाद वह पहली बार वर्चुअल तरीके से ही सही पहली बार लोगों से रूबरू होंगी।
बांग्लादेश सरकार ने इस आयोजन पर सवाल उठाए। बांग्लादेश के विदेशी राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने बयान दिया है कि एक भगोड़े नेता को भारत किस आधार पर ऐसी राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति दे रहा है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम नहीं चाहते कि इस प्रक्रिया पर कोई असर पड़े इसलिए भारत को अपना रुख साफ करना चाहिए। व शेख हसीना के इस कदम को लेकर जानकारों का कहना है कि अपना पक्ष रखने से हसीना बांग्लादेश के लोगों की सहानुभूति बटोर सकती हैं। ढाका इस बात को लेकर ही चिंतित है। गौरतलब है कि इससे पहले बांग्लादेश की एक ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। उन पर जुलाई अगस्त 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हिंसक कारवाई के आरोप लगे हैं।
इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina Virtual Address: यह भारत का Official Event नहीं, पूर्व राजनयिक ने बताया FCC का कार्यक्रम
हालांकि हसीना ने इन आरोपों से पूरी तरह इंकार किया है। ऐसे में तारिक रहमान सरकार को डर है कि शेख हसीना अपना पक्ष मजबूत करने के लिए यह तरीका अपना रही है। इस बीच भारत ने बांग्लादेश को सदा हुआ जवाब दे दिया है। बांग्लादेश की चिंताओं पर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी कार्यक्रम है। इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक साक्षात्कार की प्रक्रिया में सरकार की भूमिका नहीं है। मीडिया ईमेल के जरिए सीधे उनसे संपर्क कर रहा है। और साक्षात्कार देना या ना देना उनका फैसला है। सुद्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और साक्षात्कार देकर शेख हसीना बांग्लादेश की जनता समेत दुनिया के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी। यह बात बांग्लादेश सरकार को नागवार गुजर रही है। बांग्लादेश की सरकार ने कई बार शेख हसीना को ढाका भेजने की मांग दोहराई। बांग्लादेश ने उनके प्रतारण के लिए औपचारिक अनुरोध भी किया। हालांकि भारत में भी अभी कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जानकारों की मानें तो भारत का मानना है कि अगर हसीना खुद वापस जाने का फैसला करती हैं तो फिर इसकी जरूरत ही नहीं रहेगी। इससे पहले हसीना ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में संकेत दिए थे कि वह दिसंबर में वतन वापसी कर सकती हैं।
अन्य न्यूज़













