काल्पनिक ऐतिहासिक विषयों पर लिखने वाली महान लेखिका थीं हिलेरी मेंटल

Historical Fiction and Hilary Mantel
प्रतिरूप फोटो
pbs.org
हिलेरी को मुख्य रूप से ब्रिटेन के शाही परिवार ट्यूडर के राजनीतिज्ञ थॉमस क्रॉमवेल के जीवन पर उनकी पुस्तकों के लिए याद किया जाएगा। इन मनोरंजक उपन्यासों की आकर्षक शैली ने ऐतिहासिक कथा साहित्य की शक्ति के बारे में हमारी समझ और विचारों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया।

दीना बिर्च, सांस्कृतिक आदान-प्रदान विभाग की सम-कुलपति एवं अंग्रेजी साहित्य की प्रोफेसर, लिवरपूल विश्वविद्यालय लिवरपूल (ब्रिटेन), 25 सितंबर (द कन्वरसेशन) बुकर पुरस्कार विजेता डेम हिलेरी मेंटल अपार कौशल की धनी थीं, जिन्होंने अपने लेखन में मौलिकता को बरकरार रखते हुए साहित्य जगत में अपनी एक विशेष पहचान बनाई। हिलेरी मेंटल का निधन ब्रिटिश साहित्य के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उन्हें काल्पनिक ऐतिहासिक विषयों पर शानदार लेखन के लिए जाना जाता था।

हिलेरी को मुख्य रूप से ब्रिटेन के शाही परिवार ट्यूडर के राजनीतिज्ञ थॉमस क्रॉमवेल के जीवन पर उनकी पुस्तकों के लिए याद किया जाएगा। इन मनोरंजक उपन्यासों की आकर्षक शैली ने ऐतिहासिक कथा साहित्य की शक्ति के बारे में हमारी समझ और विचारों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। हिलेरी के ये उपन्यास असाधारण रूप से सफल रहे। हिलेरी के उपन्यास ‘वुल्फ हॉल’ (2009) और ‘ब्रिंग अप द बॉडीज’ (2012) ने बुकर पुरस्कार जीते थे। हिलेरी एक बार से अधिक बार बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थीं।

उनके उपन्यास ‘द मिरर एंड द लाइट’ (2020) को बुकर पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। मैं उस जूरी (निर्णायक मंडल) की सदस्य थी जिसने ‘ब्रिंग अप द बॉडीज’ (2012) को बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया था, और हम जूरी के सभी सदस्य उस उपन्यास की शानदार गुणवत्ता के बारे में एकमत थे। ब्रिंग अप द बॉडीज उपन्यास पर टेलीविजन सीरियल बने और उसे रंगमंच पर नाटक के रूप में भी प्रदर्शित किया गया।

यह क्रॉमवेल के नाटकीय जीवन के आस-पास की अस्पष्टताओं की हिलेरी मेंटल की खोज की ताकत के लिए एक श्रद्धांजलि है। इसने कई उत्साही नए पाठकों को उनके उपन्यासों की ओर आकर्षित किया। हिलेरी मेंटल के उपन्यासों की लोकप्रियता उनकी रचनात्मकता के व्यापक फलक पर हावी नहीं होनी चाहिए। ------हिलेरी मेंटल का जीवन परिचय हिलेरी ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और शेफील्ड विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद 1972 में गेराल्ड मैकवान नामक एक भूविज्ञानी से शादी की। दोनों का 1981 में तलाक हो गया।

हिलेरी ने 1982 में दोबारा शादी की। हिलेरी ने कुछ समय तक एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने के बाद लेखन कार्य शुरू किया और फिर ‘एवरी डे इज मदर्स डे’(1985) नामक उपन्यास प्रकाशित हुआ। इसके बाद इसका सीक्वल ‘वेकेंट पोजेशन’ (1986) प्रकाशित हुआ। इसके बाद हिलेरी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी लेखन कला के जरिए साहित्य जगत में अपनी विशेष पहचान बनाई।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़