Russia के ओरेशेनिक मिसाइल जैसा हमला अब भारत भी कर सकेगा, DRDO ने पूरा किया कमाल का टेस्ट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ उद्योग से जुड़े साझेदारों और शिक्षाविदों को स्कम जेट इंजन के सफल जमीनी परीक्षण के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि लंबे समय तक किए गए सफल परीक्षण से भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत आधार मिला है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सक्रिय रूप से ठंडा किए गए स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफल दीर्घकालिक जमीनी परीक्षण करके हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंत्रालय ने स्क्रैमजेट-संचालित हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी पर अद्यतन जानकारी साझा करते हुए कहा कि हैदराबाद स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने ऐसी मिसाइलों के विकास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त की है। डीआरडीएल ने एक बयान में कहा कि उसने 9 जनवरी को अपनी अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट (एससीपीटी) सुविधा में अपने एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट फुल स्केल कंबस्टर का एक व्यापक दीर्घकालिक जमीनी परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें 12 मिनट से अधिक का रन टाइम हासिल किया गया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ उद्योग से जुड़े साझेदारों और शिक्षाविदों को स्कम जेट इंजन के सफल जमीनी परीक्षण के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि लंबे समय तक किए गए सफल परीक्षण से भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत आधार मिला है। यह देश की रक्षा तकनीक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। डीआरडीओ ने 9 जनवरी 2026 को अपनी अत्याधुनिक स्कम जेट कनेक्ट पाइप सेट टेस्ट सुविधा में सक्रिय रूप से इसे ठंडा किए गए और स्कम जेट इंजन के पूर्ण आकार वाले दहन कक्ष का सफलतापूक लंबे समय तक जमीनी परीक्षण किया। यह परीक्षण हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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जनवरी 2025 में डीआरडीओ ने स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफलतापूर्वक जमीनी परीक्षण किया, जिससे हाइपरसोनिक मिसाइलों में इसके परिचालन उपयोग की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
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