तेहरान में भारत ने दिखाया दम, फूट-फूट कर रोए ईरानी राष्ट्रपति

Tehran
ANI
अभिनय आकाश । Jul 4 2026 1:31PM

ईरान के बड़े-बड़े नेता अधिकारी अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनाई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसैनी, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर, कलीबा और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागाची हैं।

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड सैयद अता हसनैन और भारत के विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरी ईरान पहुंचे। ईरान में यह ईरान के सर्वोच्च धर्मुगुरु अयातुल्ला अली खमनाई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इनका तेहरान के हवाई अड्डे पर स्वागत किया गया और इनकी मुलाकात वहां के तमाम अधिकारियों से हुई। वहीं दूसरी तरफ ईरान के बड़े-बड़े नेता अधिकारी अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनाई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसैनी, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर, कलीबा और विदेश मंत्री  सैयद अब्बास अरागाची हैं। इसके अलावा कई और अहम नेता हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान और उनके साथ तमाम दूसरे जो बड़े नेता हैं वो फूट-फूट कर रोते हुए अपने सर्वोच्च नेता के ताबूत के सामने दिखाई दे रहे हैं। 

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ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई के जनाजे की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। कई दिनों के अंतिम संस्कार से पहले तेहरान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में दुनिया भर का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है। जिसमें भारत का भी एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचा। भावुक माहौल जिस तरह का देखने को मिल रहा है उसी में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान सांसद अध्यक्ष मोहम्मद बगैर गलीबाब भावुक होकर रोते हुए दिखाई पड़े। लज़ कुतू फी सवा व वहीं दूसरी तरफ जनाजे में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इनमें दर्जनों देश के नेता भी शामिल हैं। तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला परिसर में खामन का राष्ट्रीय ध्वज से ढका ताबूत रखा गया है। उनके साथ उनके परिजनों के ताबूत भी हैं। जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन हवाई हमले में हुई। इसमें उनके दामाद, बड़ी बेटी, 14 महीने की पोती और नए सर्वोच्च नेता आया मुस्ताब खमनाई की पत्नी भी हैं। 

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वहीं दूसरी तरफ ईरान की राजधानी में भारी भीड़ को सुरक्षित रखने की तैयारी भी की गई है। शहर भर में निकलने वाले अंतिम संस्कार जुलूस में बताया जा रहा है लगभग डेढ़ से 2 करोड़ लोग शामिल होंगे। भारी भीड़ को संभालने के लिए तेहरान में सभी सार्वजनिक परिवहन मुक्त होंगे। शहर के मुख्य इलाकों को वाहन के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वहां केवल पैदल चलने वालों को ही जाने की अनुमति होगी। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉब्स को सौंप दी गई है। तेहरान के कार्यक्रम के बाद 7 जुलाई को कोम शहर में खामेनेई और उनके परिवार के लिए अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा। अंतिम दफन समारोह 9 जुलाई को मशहद में होगा जो उत्तरपूर्वी ईरान का एक पवित्र और दिवंगत सर्वोच्च नेता का जन्म स्थान रहा है। 

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