इजरायल का सनसनीखेज दावा: IRGC नेवी कमांडर Alireza Tangsiri की हत्या, Iran ने साधी चुप्पी

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के लिए जिम्मेदार ईरान के IRGC नौसेना प्रमुख अलीरेज़ा तंगसिरी बंदर अब्बास में एक हमले में मारे गए हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने अभी तक इस घटना की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह कथित हत्या संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
इजरायली अधिकारी ने गुरुवार को जेरूसलम पोस्ट को बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी बंदर अब्बास में हुए हमले में मारे गए। टाइम्स ऑफ इज़राइल ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि तंगसिरी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के लिए जिम्मेदार थे। बंदर अब्बास होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे स्थित है, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक समुद्री मार्गों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और शांति काल में दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन करता है।
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यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि तंगसिरी इजरायल या अमेरिका द्वारा किए गए हमले में मारे गए या किन परिस्थितियों में। ईरान की ओर से तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई और इजरायल रक्षा बलों ने हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की। तंगसिरी की कथित हत्या संघर्ष में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, क्योंकि ईरान के समुद्री अभियानों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर नौसेना (आईआरजीसी नौसेना) की केंद्रीय भूमिका और खाड़ी क्षेत्र में इसकी रणनीतिक स्थिति महत्वपूर्ण है।
ईरान ने भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान एवं इराक जैसे ‘‘मित्र देशों’’ को वाणिज्यिक नौवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यह जानकारी दी। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा नौवहन मार्ग है जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का परिवहन होता है।
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पश्चिम एशिया, भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है। ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अराघची ने कहा कि हमने कुछ ऐसे देशों को (होर्मुज जलडमरूमध्य से) गुजरने की अनुमति दी है जिन्हें हम मित्र मानते हैं। हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को आवागमन की अनुमति दी है। ईरानी विदेश मंत्री ने साथ ही स्पष्ट किया कि ईरान के शत्रुओं से जुड़े पोतों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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