मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   17:33
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मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

जयशंकर ने मॉरीशस के विदेश मंत्री से की मुलाकात की।जयशंकर ने ट्वीट किया, “विदेश मंत्री एलन गनू से मुलाकात के साथ अपने मॉरीशस दौरे की शुरुआत से उत्साहित हूं। अपने उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों और सफल विकास साझेदारी की समीक्षा की।

पोर्ट लुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ से मुलाकात की और वहां के विदेश मंत्री एम अलन गनू के साथ वार्ता की जिस दौरान उन्होंने “उत्कृष्ट” द्विपक्षीय संबंधों और सफल विकास साझेदारी की समीक्षा की। दो देशों के अपने दौरे के अंतिम चरण में मालदीव से रविवार रात हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी देश मॉरीशस पहुंचे जयशंकर ने कहा कि मॉरीशस के आर्थिक सुधार और पुनरुद्धार के प्रयासों में भारत साझेदार के तौर पर तैयार रहेगा।

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जयशंकर ने ट्वीट किया, “विदेश मंत्री एलन गनू से मुलाकात के साथ अपने मॉरीशस दौरे की शुरुआत से उत्साहित हूं। अपने उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों और सफल विकास साझेदारी की समीक्षा की। इस बात को दोहराया कि मॉरीशस के आर्थिक सुधार व पुनरुद्धार के प्रयासों में भारत साझेदारी के लिये तैयार होगा।” बाद में जयशंकर ने भारतीय मूल के प्रधानमंत्री जगन्नाथ से मुलाकात की और उन्हें वाणिज्यिक रूप से उत्पादित भारत में निर्मित कोविड-19 रोधी टीकों की एक लाख से ज्यादा अतिरिक्त खुराक सौंपी। उन्होंने ट्वीट किया, “मदद के लिये भारत का हाथ हमेशा रहेगा। प्रतीकात्मक रूप से वाणिज्यिक रूप से उत्पादित भारत में निर्मित कोविड-19 रोधी टीके के एक लाख से ज्यादा अतिरिक्त खुराक सौंपी।” उन्होंने प्रधानमंत्री जगन्नाथ के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं। जयशंकर ने ट्वीट किया, “उनके नेतृत्व में महामारी के प्रबंधन की सराहना की।” उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर व्यापक चर्चा की। उन्हें आगे बढ़ाने में मॉरीशस पक्ष के प्रभावी होने की सराहना की।” जयशंकर राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन से भी मुलाकात करेंगे। वह भी भारतीय मूल के हैं।





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भारत से टीके आने से गरीब देशों के लिए इनकी आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा: ब्रिटेन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:59
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भारत से टीके आने से गरीब देशों के लिए इनकी आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा: ब्रिटेन

ब्रिटेन के टीका मंत्री ने शुक्रवार को उन दावों को खारिज कर दिया कि उनके देश को भारत से जो कोविड-19 के टीके मिल रहे हैं, वे गरीब देशों के लिए थे। मंत्री नाधिम ज़हावी ने एक साक्षात्कार में इस बात की पुष्टि की कि ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा निर्मित टीके की खेप ब्रिटेन भेज रहा है।

लंदन। ब्रिटेन के टीका मंत्री ने शुक्रवार को उन दावों को खारिज कर दिया कि उनके देश को भारत से जो कोविड-19 के टीके मिल रहे हैं, वे गरीब देशों के लिए थे। टीका मंत्री नाधिम ज़हावी ने एक साक्षात्कार में इस बात की पुष्टि की कि ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा निर्मित टीके की खेप ब्रिटेन भेज रहा है। ‘मेडिसिन्स सान्स फ्रंटियर्स’ जैसे गैर सरकारी संगठनों ने इस बात की चिंता जताई थी कि सीरम इंस्टीट्यूट से आने वाली बड़ी खेप से विकासशील देशों के लिए आपूर्ति कम हो जाएगी।ज़हावी ने इस बात से इनकार किया है।

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उन्होंने कहा,‘‘ हमने निश्चिय ही एस्ट्राजेनेका और सीरम से यह आश्वासन मांगा था कि हमारी खेप से दुनिया में कम आय और मध्यम आय वाले देशों के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर असर नहीं पड़ेगा।’’ मंत्री ने कहा,‘‘ वे करीब 30 करोड़ खुराकें कम और मध्यम आय वाले देशों को मुहैया करा रहे हैं। आपने देखा कि टीके की खुराकें पिछले महीने घाना के अकरा पहुंची और इस सप्ताह फिलिपीन्स...आइवरी कोस्ट भी पहुंचीं, और आप देंखेंगे कि इससे कहीं अधिक मात्रा बाहर जाने वाली है।’’ ब्रिटेन में दो करोड़10 लाख लोगों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है, जो देश की कुल आबादी का 30 प्रतिशत है। यहां जुलाई के अंत तक सभी बुजुर्गों को टीका लगाने का लक्ष्य है।





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‘भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ती चीनी आक्रामकता और प्रभुत्व कायम करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है’

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:42
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‘भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ती चीनी आक्रामकता और प्रभुत्व कायम करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है’

पेंटागन नीति से संबंधित शीर्ष पद के लिए बाइडन द्वारा नामित कोलिन कहल ने सांसदों से कहा कि भारत चीन के बीच सीमा पर मौजूदा तनाव बढ़ती चीनी आक्रामकता और क्षेत्र में तथा अमेरिका के सहयोगियों एवं भागीदार देशों पर प्रभुत्व कायम करने की उसकी चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है।

 वाशिंगटन। पेंटागन नीति से संबंधित शीर्ष पद के लिए बाइडन द्वारा नामित कोलिन कहल ने सांसदों से कहा कि भारत चीन के बीच सीमा पर मौजूदा तनाव बढ़ती चीनी आक्रामकता और क्षेत्र में तथा अमेरिका के सहयोगियों एवं भागीदार देशों पर प्रभुत्व कायम करने की उसकी चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। रक्षा नीति उपमंत्री के पद के लिए सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों के समक्ष अपने बयान में कहल ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों और भागीदार देशों के साथ खड़ा रहने के लिए दृढ़संकल्प है।

कहल ने कहा, ‘‘भारत-चीन सीमा पर तनाव, क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता एवं प्रभुत्व कायम करने की उसकी बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है जो चिंताजनक है।’’ अपने नाम की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान सवालों के लिखित जवाब में कहल ने कहा, ‘‘हालांकि हमलोग अपने सहयोगियों और भागीदार देशों के साथ खड़े रहेंगे और तनाव कम करने के उनके प्रयासों का समर्थन करेंगे। अगर मेरे नाम की पुष्टि होती है तो मैं स्थिति पर पैनी नजर रखूंगा और दोनों पक्षों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करने पर नजर रखूंगा।’’

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत-अमेरिका रक्षा कारोबार, प्रौद्योगिकी संबंध में उत्साहजनक चलन देखने को मिला है और अगर उनके नाम की पुष्टि होती है तो वह इसे जारी रखने की दिशा में काम करेंगे। साथ ही बड़ी खरीद और उच्च गुणवत्ता वाली प्रौद्योगिकी पर फोकस करेंगे। कहल ने कहा कि वह भारत के ‘‘प्रमुख रक्षा सहयोगी’’ का दर्जा बरकरार रखेंगे।





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सिडनी में कृषि कानूनों को लेकर सिखों पर हुआ हमला, हथौड़े से वाहन पर किया हमला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 5, 2021   16:16
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सिडनी में कृषि कानूनों को लेकर सिखों पर हुआ हमला, हथौड़े से वाहन पर किया हमला

कृषि कानूनों को लेकर भारतीय समुदाय में मतभेद बढ़ने के बीच सिडनी में सिखों पर हमला किया। चैनल ने बताया कि पुलिस ने समुदाय के नेताओं से बात कर उन्हें संयम बरतने को कहा है और इस हमले के पीछे की मंशा का पता लगाया जा रहा है।

मेलबर्न।भारतीय सिखों के एक समूह ने कहा है कि भारत के कृषि कानूनों को लेकर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बीच बढ़ रहे मतभेद के बीच सिडनी में वतन के ही कुछ लोगों ने बेसबॉल बैट और हथौड़े से उन पर हमला कर दिया। ‘‘7 न्यूज’’ चैनल के मुताबिक सिडनी के हैरिस पार्क में रविवार रात अज्ञात लोगों के एक समूह ने बेसबॉल बैट, लाठियों और हथौड़े के साथ वाहन पर हमला किया। चैनल ने एक पीड़ित के हवाले से बताया, ‘‘उन्होंने चारों तरफ से कार को घेर लिया। हमलावर जान ले सकते थे।’’ व्यक्ति का मानना है कि पगड़ी पहने होने के कारण उन्हें और उनके दोस्तों को निशाना बनाया गया। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गयी। एक कार से चार लोग बैट और हथौड़ा लेकर बाहर निकले।

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पीड़ित वहां से भागने लगे लेकिन उनका पीछा किया गया और फिर से उन पर हमला किया गया। हमले में कार को भी नुकसान हुआ। चैनल के मुताबिक पुलिस की गश्त बढ़ा दी गयी है और गुनाहगार लोग वतन भेजे जा सकते हैं क्योंकि प्रशासन सिडनी की सड़कों पर भारतीय समूहों के बीच झगड़े को रोकना चाहती है। चैनल ने बताया कि पुलिस ने समुदाय के नेताओं से बात कर उन्हें संयम बरतने को कहा है और इस हमले के पीछे की मंशा का पता लगाया जा रहा है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या राजनीतिक मतभेद और नस्लीय नफरत के कारण यह घटना हुई। संदिग्ध व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है।





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