बाढ़ से तबाह Rasuwagadhi सड़क के पुनर्निर्माण के लिए नेपाल ने China से मांगी आर्थिक मदद

बाढ़ से तबाह Rasuwagadhi सड़क के पुनर्निर्माण के लिए नेपाल ने China से मांगी आर्थिक मदद
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

नेपाल ने पिछले महीने आई भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई रणनीतिक स्याफ्रुबेसी-रसुवागढ़ी सड़क की मरम्मत के लिए चीन से सहायता का आग्रह किया है। यह मार्ग दोनों देशों के बीच व्यापार का प्रमुख संपर्क सूत्र है और इसके बड़े हिस्से को बाढ़ ने बहा दिया था। अधिकारियों के मुताबिक रसुवागढ़ी और गल्छी के बीच क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत पर लगभग 55 अरब नेपाली रुपये खर्च होने का अनुमान है।

(शिरीष बी. प्रधान) काठमांडू, 14 सितंबर नेपाल ने पिछले महीने आई भयावह बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई स्याफ्रुबेसी-रसुवागढ़ी सड़क को फिर से बनाने के लिए चीन से मदद मांगी है। चीन के साथ व्यापार के लिये अहम माने जाने वाले इस मार्ग को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ से काफी नुकसान पहुंचा था। इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई।

इस आपदा में करीब 1,400 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5,000 से अधिक लोग लापता हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार की खबर के मुताबिक, स्याफ्रुबेसी को रसुवागढ़ी से जोड़ने वाली लगभग 16 किलोमीटर लंबी सड़क का 6.5 अरब नेपाली रुपये की चीनी निधि वाली परियोजना के तहत उन्नयन किया जा रहा था। लेकिन बाढ़ ने इसके बड़े हिस्से को बहा दिया, जिससे सड़क को भारी नुकसान पहुंचा और दोनों देशों के बीच व्यापार का एक अहम संपर्क टूट गया।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, रसुवागढ़ी और गल्छी के बीच क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत में कुल मिलाकर लगभग 55 अरब नेपाली रुपये (करीब 36.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का खर्च आएगा। अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लमसाल ने शनिवार को अखबार को बताया, “चीन ने हमें मदद देने का मौखिक भरोसा दिया है, हालांकि अभी तक कोई लिखित समझौता नहीं हुआ है।” लमसाल ने कहा, “यह रास्ता न सिर्फ नेपाल और चीन के बीच व्यापार का गलियारा है, बल्कि इसके किनारे कई बस्तियां भी हैं।” उन्होंने कहा, “फिलहाल, हम रसुवागढ़ी जाने वाले रास्ते को खुला रखने के लिए एक अस्थायी मार्ग का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं। लंबे समय के लिए हमें एक सुरक्षित सड़क बनाने की जरूरत है, लेकिन अभी हम अस्थायी मार्ग से ही काम चला लेंगे।

All the updates here:

अन्य न्यूज़