पाक चरमपंथी धार्मिक समूह ने इस्लामाबाद की आंशिक घेराबंदी वापस ली, फ्रांसीसी राजदूत को की थी निष्कासित करने की मांग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 17, 2020   18:07
  • Like
पाक चरमपंथी धार्मिक समूह ने इस्लामाबाद की आंशिक घेराबंदी वापस ली, फ्रांसीसी राजदूत को की थी निष्कासित करने की मांग

पाकिस्तान के चरमपंथी धार्मिक समूह ने सरकार से बातचीत के बाद इस्लामाबाद की आंशिक घेराबंदी वापस कर दी है।यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी। मौलवी खादिम हुसैन रिजवी के संगठन तहरीक ए लबैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने रविवार को रावलपिंडी के मुर्री रोड पर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की थी।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक चरमपंथी धार्मिक समूह के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री से बातचीत के बाद अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है। इन लोगों ने फ्रांस की एक पत्रिका में मोहम्मद पैगंबर से संबंधित कार्टून छापे जाने की निन्दा करने और फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के क्रम में दो दिन पहले राजधानी इस्लामाबाद की आंशिक घेराबंदी शुरू की थी। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी। मौलवी खादिम हुसैन रिजवी के संगठन तहरीक ए लबैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने रविवार को रावलपिंडी के मुर्री रोड पर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की थी। दंगा पुलिस ने सोमवार को टीएलएपी के लोगों की ओर से पथराव के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े थे। ये प्रदर्शनकारी फैजाबाद पहुंचने में कामयाब हो गए थे जो इस्लामाबाद और रावलपिंडी को आपस में जोड़ता है।

इसे भी पढ़ें: कमला हैरिस को भरोसा, विशेषज्ञों की सलाह मानकर कोविड-19 को कर लेंगे नियंत्रित

हालांकि रिजवी प्रदर्शन में शामिल नहीं थे, लेकिन उनके प्रतिनिधि प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे। इन लोगों का कहना था कि जब तक फ्रांस के राजदूत को वापस भेजने की उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं की जाती, तब तक वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने धार्मिक मामलों के मंत्री नूर उल हक कादरी को प्रदर्शनकारियों से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी। कादरी ने गृह मंत्री एजाज अहमद शाह के साथ प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें मनाने में सफल हो गए। इस्लामाबाद के जिला आयुक्त हमजा शफाकत ने आधी रात के आसपास घोषणा की कि सभी सड़कें खोल दी गई हैं। टीएलपी के एक प्रवक्ता ने चार सूत्री समझौते की प्रति साझा की और कहा कि सरकार फ्रांस के राजदूत के निष्कासन के मुद्दे को संसद में रखेगी तथा मुद्दे पर तीन महीने के भीतर आवश्यक कानून लाएगी।

इसे भी पढ़ें: ट्रंप अफगानिस्तान, इराक में सैनिकों की संख्या और कम करने का जारी कर सकते हैं आदेश

प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने इस मांग को भी स्वीकार कर लिया है कि फ्रांस में पाकिस्तान अपना राजदूत नियुक्त नहीं करेगा तथा फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करेगा और टीएलपी के हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं को रिहा करेगा। हालांकि, समझौते के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसी खबर है कि संगठन के 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। रावलपिंडी और इस्लामाबाद में मोबाइल फोन सेवा बहाल हो गई है जो प्रदर्शन खत्म होने का संकेत है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   11:22
  • Like
भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था।

संयुक्त राष्ट्र। भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम की सीमा पर हाल ही में हुई झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जतायी है कि दोनों देशों में उत्पन्न तनाव को बातचीत के जरिये कम किया जाएगा। एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था। 

इसे भी पढ़ें: LAC पर तनाव घटाने के लिए भारत-चीन तैयार, सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पऱ हुई बात 

भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था कि इसे निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया। संयक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम उम्मीद करते हैं कि सीमा पर जारी तनाव बातचीत के जरिए कम हो जाए।’’ दुजारिक से पूछा गया था कि क्या ‘‘भारत-चीन सीमा पर हुई हालिया झड़प’’ पर संयुक्त राष्ट्र सचिव या महासचिव कोई टिप्पणी करना चाहते हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   10:43
  • Like
बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर से सोमवार को फोन पर बात की और अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की अपनी इच्छा जाहिर की। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि दोनों नेता विदेश नीति की समान प्राथमिकताओं पर साथ मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं जिसमें अफगानिस्तान, चीन, ईरान, रूस, यूक्रेन और पश्चिमी बलकान से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। बयान के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेता वैश्विक सहयोग की अहमियत पर सहमत हुए जिसमें बहुपक्षीय संगठनों के लिए अमेरिका द्वारा फिर से जताई गई प्रतिबद्धता, जलवायु परिवर्तन से निपटना, कोविड-19 को नियंत्रित करना, स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाना और स्थायी वैश्विक आर्थिक सुधार का लक्ष्य शामिल है। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष 

बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया। बीस जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह पांचवीं बार है जब बाइडेन ने किसी विदेशी नेता को फोन किया हो। इससे पहले, उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू, मेक्सिको के राष्ट्रपतिएंद्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्रादोर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रों से फोन पर बात की थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   09:48
  • Like
अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है।

अमेरिकी सीनेट ने विख्यात अर्थशास्त्री जेनेट येलेन के अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया। सीनेट में सोमवार को पुष्टि की सुनवाई के दौरान येलेन के समर्थन में 84 तथा विरोध में 15 वोट पड़े। सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है। 

इसे भी पढ़ें: आधिकारिक आवास में मरम्मत के कार्य के कारण ब्लेयर हाउस में ठहरी हैं कमला हैरिस 

येलेन फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष रही हैं। उनके जल्द ही शपथ लेने की संभावना है। वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के कैबिनेट की ऐसी तीसरी मंत्री हैं, जिनके नाम की पुष्टि सीनेट अब तक कर चुका है। अमेरिका के विदेश मंत्री पद के लिए नामित टॉनी ब्लिंकेन के नाम पर भी सीनेट की मोहर जल्द ही लगने की संभावना है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept