श्रीलंका में राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन के लिए संसदीय चर्चा स्थगित

parliamentary-discussion-suspended-for-the-formation-of-a-national-unity-government-in-sri-lanka
यह प्रस्ताव अगर पारित होता तो इससे प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने में सक्षम होते और उससे भी महत्वपूर्ण वह साधारण बहुमत सुरक्षित कर लेते।

कोलंबो। श्रीलंका में राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन के एक प्रस्ताव पर संसदीय चर्चा को गुरुवार को सरकार द्वारा एक प्रस्ताव वापस लेने के बाद टाल दिया गया। कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने कहा था कि वो ऐसे किसी कदम का विरोध करेंगे। युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) महासचिव अकिला विराज कारियवासम ने कहा कि राष्ट्रीय सरकार के गठन पर मंजूरी के लिये संसद में रखे गए प्रस्ताव को वापस ले लिया गया। उन्होंने कहा, “प्रस्ताव को आज पेश नहीं किया जाएगा।” 

इसे भी पढ़ें- फर्जी विश्वविद्यालय के स्टिंग ऑपरेशन का अमेरिकी विधि विशेषज्ञों ने मांगा पूरा ब्यौरा

यह प्रस्ताव अगर पारित होता तो इससे प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने में सक्षम होते और उससे भी महत्वपूर्ण वह साधारण बहुमत सुरक्षित कर लेते।

इसे भी पढ़ें- भारतीय अमेरिकी सिख गुरिंदर ने चुनावी राजनीति में आने की घोषणा की

संविधान के 19वें संशोधन के मुताबिक विक्रमसिंघे को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या 30 तक ही सिमित रखनी होगी। वह उसी स्थिति में मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं जब वह किसी दूसरे दल के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय सरकार बनाएं। 

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़