प्रिय नरेंद्र...PM मोदी को अचानक आया NATO के इस शक्तिशाली देश से फोन, होर्मुज पर बड़ा फैसला होने वाला है?

मोदी ने मैक्रों के साथ हुई बातचीत के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे। इससे पहले, मोदी और मैक्रों ने पांच मार्च को फोन पर बात की थी तथा पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद तथा कूटनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इमैनुअल मैक्रों का कॉल आया है। होर्मुज पर फ्रांस के राष्ट्रपति से नरेंद्र मोदी की चर्चा हुई है। पश्चिम एशिया के हालात पर प्रधानमंत्री से राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने बात की। क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखेंगे फ्रांस और भारत। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कहा गया। मोदी ने मैक्रों के साथ हुई बातचीत के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे। इससे पहले, मोदी और मैक्रों ने पांच मार्च को फोन पर बात की थी तथा पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद तथा कूटनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा की थी।
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पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा कि मुझे मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फोन किया। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को तत्काल बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे। भारत लगातार यही कहता रहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जिसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी। तब से प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के कई नेताओं से बात की है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बीच, भारत ने बुधवार को व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए अपील की थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
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लेबनान और इजराइल के बीच 10 दिन का युद्धविराम स्थानीय समयानुसार बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से प्रभावी हो गया। लेबनान में स्थित ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथी समूह और इजराइल के बीच एक महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के बाद, दोनों पड़ोसी देशों ने मंगलवार को दशकों बाद अपनी पहली सीधी कूटनीतिक वार्ता की। यह वार्ता वाशिंगटन में हुई। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने लेबनान में 10 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताई है। नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह कदम लेबनान के साथ शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यदि यह युद्धविराम कायम रहता है तो इससे ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच कई हफ्तों से जारी विनाशकारी युद्ध के बाद, युद्धविराम को आगे बढ़ाने के प्रयासों को बल मिल सकता है।
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