Hormuz Strait में US की कार्रवाई से गरमाई सियासत, World Energy सप्लाई पर बढ़ा संकट का खतरा।

Strait of Hormuz
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Apr 21 2026 8:13PM

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई ने अमेरिका, चीन और ईरान को आमने-सामने ला दिया है, जिससे मध्य पूर्व में एक नया संकट पैदा हो गया है। जहाज में सैन्य उपयोग की सामग्री होने के अमेरिकी आरोपों के बीच, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो इस रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और गरमा दिया है। अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज को जब्त किए जाने के बाद अब चीन और ईरान भी इस मामले में खुलकर आमने-सामने आ गए हैं।

बता दें कि अमेरिका की एक प्रमुख नेता निक्की हेली ने दावा किया है कि यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और इसमें मिसाइलों से जुड़े रासायनिक सामान ले जाए जा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि जहाज को कई बार रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उसने उनका पालन नहीं किया, जिसके बाद कार्रवाई करनी पड़ी। गौरतलब है कि उन्होंने चीन पर ईरान की सरकार को सहयोग देने का आरोप भी लगाया है।

हालांकि, चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, चीन का कहना है कि यह एक सामान्य विदेशी मालवाहक जहाज था और उसका इस तरह के किसी सैन्य या संवेदनशील सामान से कोई संबंध नहीं है। चीन ने इन दावों को बेबुनियाद बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप पड़ी हुई है और समुद्री क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने इस ईरानी झंडे वाले जहाज को रोका था, जिसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स से जुड़ा बताया जा रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जहाज में ऐसे सामान हो सकते हैं जो आम उपयोग के साथ-साथ सैन्य काम में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसमें धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे सामान शामिल बताए जा रहे हैं।

बता दें कि यह जहाज ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास रोका गया था और कई घंटों तक चेतावनी देने के बावजूद नहीं रुकने पर अमेरिकी बलों ने इसमें सवार होकर कार्रवाई की। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह जहाज उनके द्वारा लागू समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।

वहीं, ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे सशस्त्र लूट करार दिया है। गौरतलब है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इसका जवाब दे सकता है, हालांकि जहाज में मौजूद आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से जुड़ा हुआ है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाल सकती है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़