Epstein Files का सबसे बड़ा पर्दाफाश! Ro Khanna ने खोले 6 नए नाम, Justice Department पर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिकी सांसद रो खन्ना और थॉमस मैसी ने न्याय विभाग जाकर एपस्टीन फाइल्स से 6 रसूखदार नामों का खुलासा किया है, जिन्हें कथित तौर पर छिपाया जा रहा था। खन्ना ने ट्रंप प्रशासन की FBI पर फाइलों से छेड़छाड़ और सबूत मिटाने का गंभीर आरोप लगाते हुए सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
जेफ्री एपस्टीन का मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस कहानी में एक नया मोड़ आया है, जहाँ दो अमेरिकी सांसदों डेमोक्रेट रो खन्ना और रिपब्लिकन थॉमस मैसी ने जासूसी फिल्मों के अंदाज में सीधे न्याय विभाग (DOJ) में घुसकर वो राज निकाल लिए हैं जिन्हें दबाने की कोशिश की जा रही थी।
रो खन्ना ने आरोप लगाया है कि कई "ताकतवर और अमीर" लोगों को बचाने के लिए फाइलों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसलिए रो खन्ना और थॉमस मैसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और उससे पहले दोनों ने खुद जस्टिस डिपार्टमेंट जाकर इस मुद्दे पर जांचपड़ताल की ताकि सबूत सबके सामने आ सकें।
वो 6 नाम, जिन्हें छुपाने की कोशिश हुई
रो खन्ना और थॉमस मैसी को जब लगा कि सार्वजनिक की गई फाइलों में बहुत कुछ अधूरा है, तो वे खुद जस्टिस डिपार्टमेंट पहुँच गए। दो घंटे तक बिना कांट-छाँट (Un-redacted) वाली फाइलों को खंगालने के बाद उन्होंने उन 6 रसूखदार पुरुषों के नाम उजागर किए, जिन्हें अब तक पर्दे के पीछे रखा गया था। ये नाम हैं:
- लेस्ली वेक्सनर (अरबपति बिजनेसमैन)
- सुल्तान अहमद बिन सुलेयम
- निकोला कापुतो
- लिओनिक लिओनोव
- जुराब मिकेलाद्ज़े
- साल्वातोर नुआरा
रो खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सवाल उठाया, "अगर हम खुद वहाँ न जाते, तो क्या इन लोगों के नाम कभी सामने आते?" रो खन्ना ने इस मुद्दे पर ट्रम्प प्रशाशन को घेरा और इन गुप्त फाइलों की सफाई और ट्रंप प्रशासन पर हमला बोला।
रो खन्ना का गुस्सा सिर्फ नामों तक सीमित नहीं था, उन्होंने सीधे तौर पर सिस्टम पर सवाल उठाए।
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खन्ना के मुताबिक, 30 लाख पन्नों की फाइलों में से 70-80% हिस्सा अब भी काला (Redacted) कर दिया गया है ताकि कुछ पढ़ा न जा सके। यानी की 80% डेटा गायब गायब कर दिया गया है ताकि कोई उसे एक्सेस नहीं कर पाए। साथ ही उन्होंने FBI पर भी आरोप लगाए और दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप की FBI ने मार्च में ही इन फाइलों को 'साफ' (Scrubbed) कर दिया था, यानी कानून पास होने से पहले ही जरूरी जानकारियां हटा दी गई थीं।
खन्ना ने कहा कि 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत कथित साजिशकर्ताओं के नाम छुपाने की अनुमति नहीं है, फिर भी विभाग ऐसा कर रहा है जो की स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।
30 लाख पन्ने और हजारों वीडियो
जनवरी में जारी की गई इन फाइलों का अंबार छोटा-मोटा नहीं है। इसमें शामिल हैं
30 लाख से ज्यादा पन्ने, 2,000 से अधिक वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें। रो खन्ना का कहना है कि जब सिर्फ 6 नामों को बाहर लाने के लिए सांसदों को खुद दफ्तर जाना पड़ा, तो सोचिए उन लाखों पन्नों में और कितने रसूखदारों के काले कारनामे दफन होंगे।
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एपस्टीन की मौत के सालों बाद भी उसका 'नेटवर्क' पूरी दुनिया के पावरफुल लोगों की नींद उड़ाए हुए है। रो खन्ना और मैसी की इस 'रेड' ने साफ कर दिया है कि मामला जितना दिखता है, उससे कहीं ज्यादा गहरा है।
.@RepThomasMassie and I forced last night the DOJ to disclose the identities of 6 men:
— Rep. Ro Khanna (@RepRoKhanna) February 10, 2026
Salvatore Nuara, Zurab Mikeladze, Leonic Leonov, Nicola Caputo, Sultan Ahmed Bin Sulayem, and billionaire businessman Leslie Wexner.
I share details of what more we learned to hold the… pic.twitter.com/5JwKwRUNIF
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