रूस ने यूक्रेन पर किया हमला, पुतिन ने अमेरिका-नाटो को चेताया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 24, 2022   16:45
रूस ने यूक्रेन पर किया हमला, पुतिन ने अमेरिका-नाटो को चेताया

रूसी सैनिकों ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन पर व्यापक स्तर पर हमला किया।अपने इस अभियान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा एवं प्रतिबंधों को नजरंदाज करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अन्य देशों को चेतावनी दी कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ‘‘ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे।

मास्को। रूसी सैनिकों ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन पर व्यापक स्तर पर हमला किया।अपने इस अभियान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा एवं प्रतिबंधों को नजरंदाज करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अन्य देशों को चेतावनी दी कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ‘‘ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे। कीव(यूक्रेन की राजधानी), खार्कीव, ओडेसा और यूक्रेन के अन्य शहरों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। यूक्रेन के सीमा रक्षकों द्वारा इस संबंध में तस्वीरें एवं वीडियो जारी किए गए और कहा गया कि रूसी सैन्य वाहन क्रीमिया से यूक्रेन में दाखिल हुए।

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वहीं, रूसी सेना ने दावा किया है कि उसने कुछ ही घंटे में यूक्रेन की पूरी वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया। यूक्रेन के लोगों को कुछ शहरों को छोड़ कर जाते देखा गया और यूरोपीय प्राधिकार ने यूक्रेन के वायु क्षेत्र को एक सक्रिय संघर्ष क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि रूस के हमले के बाद उनके देश ने मास्को के साथ राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं। वहीं, उनके सलाहकार ने कहा किरूसी हमले में अब तक लगभग 40 लोग मारे गए हैं। दुनिया के कई देशों के नेताओं ने रूसी आक्रमण की निंदा की, जिससे बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान हो सकता है और यह (हमला) यूक्रेन की निर्वाचित सरकार को अपदस्थ कर सकता है। रूसी सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बीच एशियाई शेयर बाजार में गिरावट देखी गई और तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई। यूक्रेन संकट के समधान के लिये कई सप्ताह तक चले कूटनीतिक प्रयासों के विफल होने के बाद अमेरिका से लेकर एशिया और यूरोप के देश मास्को पर नये प्रतिबंधों की तैयारी में है।

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हालांकि, वैश्विक ताकतों का कहना है कि वे यूक्रेन के बचाव में सैन्य हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वहीं, रूस के सैन्य हमले शुरू करने पर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश में ‘मार्शल लॉ’ की घोषणा की और नागरिकों से नहीं घबराने को कहा।उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन के सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाया है और देशभर में धमाके सुने गए हैं। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात की है और अमेरिका, यूक्रेन के लिये अंतररष्ट्रीय समर्थन जुटा रहा है। यूक्रेन के प्रशासन ने उनके देश को वायु हमले एवं गोला बारूद से निशाना बनाये जाने की बात कही है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि नये प्रतिबंध रूस को उसके आक्रमण के लिये दंडित करने के लिए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस हमले की कई सप्ताह से आशंका थी, लेकिन कूटनीति के माध्यम से इसे रोका नहीं जा सका। इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में इस कार्रवाई को जायज ठहराया। पुतिन ने कहा कि यह हमला पूर्वी यूक्रेन में नागरिकों की सुरक्षा के लिये जरूरी था। पुतिन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर यूक्रेन को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल करने से रोकने तथा मास्को को सुरक्षा गारंटी देने की रूस की मांग को नजरंदाज करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन द्वारा पेश किए जा रहे खतरों के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि रूस का लक्ष्य यूक्रेन पर कब्जा करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र को सैन्य प्रभाव से मुक्त बनाना एवं अपराध करने वालों को न्याय के दायरे में लाना है। पुतिन ने अन्य देशों को आगाह किया कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास ‘‘के ऐसे परिणाम होंगे,जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखे होंगे।’’ रूस की ओर से सबसे पहला हमला वायु क्षेत्र से किया गया, हालांकि यूक्रेन के सीमा रक्षकों द्वारा बाद में सुरक्षा कैमरों से बनाई गई वीडियो क्लिप जारी की गई, जिसमें रूस द्वारा अधिग्रहित क्रीमिया से रूसी सैन्य वाहनों को यूक्रेन में प्रवेश करते देखा गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच ने कहा कि रूसी सेना यूक्रेन के इलाके में खार्कीव और चेर्निहिव क्षेत्र एवं संभवत: कुछ अन्य क्षेत्रों में पांच किलोमीटर अंदर तक घुस गई है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक लिखित बयान में कहा, ‘‘ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक पूर्व नियोजित युद्ध का विकल्प चुना है, जिसका लोगों के जीवन पर विनाशकारी प्रभाव होगा।

इस हमले में लोगों की मौत और तबाही के लिए केवल रूस जिम्मेदार होगा।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी एवं साझेदार एकजुट होकर एवं निर्णायक तरीके से इसका जवाब देंगे। दुनिया रूस की जवाबदेही तय करेगी।’’ बाइडन ने कहा कि सात नेताओं के समूह की बैठक के बाद बृहस्पतिवार को अमेरिकियों से संवाद करने की उनकी योजना है। बृहस्पतिवार को रूस के खिलाफ और प्रतिबंधों की घोषणा की जा सकती है। इस बीच, यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने इस कार्रवाई को यूक्रेन पर पूरी ताकत से हमला और अतिक्रमणकारी युद्ध करार दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी रक्षा करेगा और जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया को पुतिन को रोकना चाहिए और वह रोक सकती है।

यह समय काम करने का है। ’’ यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने निवासियों को महत्वपूर्ण कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उन्हें घर खाली करने की आवश्यकता हो तो आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना सामान तैयार रखें। इस घटनाक्रम के बीच रूसी सेना ने कहा है कि उसने यूक्रेन के वायु सेना अड्डे एवं अन्य सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है। इस बीच, रूस द्वारा यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट करने और यूक्रेन द्वारा रूस के कई विमानों को मार गिराने के दावे की तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकी है। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पुरानी है और यह सोवियत संघ के समय की है तथा वह रूस के व्यापक वायु शक्ति के सामने नहीं टिकती है। रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने दावा किया कि नागरिक आबादी को कोई खतरा नहीं है। इस बीच, एसोसिएट प्रेस के फोटोग्राफर ने मुरीपोल से रिपोर्ट किया कि वहां धमाके सुने गए और लोगों को अपने कुछ सामान के साथ कारों में शहर छोड़ते देखा गया है।

यूरोपीय संघ उड्डयन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने सभी ‘एयर ऑपरेटर’ को यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में नागरिक विमानों के लिए खतरे को लेकर आगाह किया है। एजेंसी ने ‘एयर ऑपरेटर’ से कहा, ‘‘ वह अब एक संघर्षरत क्षेत्र’’ है। यूक्रेन के गृह मंत्री के सलाहकार एंटोन गेराशेचेंको ने फेसबुक पर कहा कि रूसी सेना ने कीव, खार्कीव और निप्रो में यूक्रेन की कमान सुविधा, वायु सेना अड्डे एवं सैन्य भंडार पर मिसाइल से हमला किया है। रूस द्वारा पूरी ताकत से यूक्रेन पर हमला करने की स्थिति में काफी संख्या में जानमाल का नुकसान हो सकता है और इसके परिणामस्वरूप यूक्रेन की निर्वाचित सरकार अपदस्थ हो सकती है। इस संघर्ष का परिणाम रूस पर दुनियाभर से प्रतिबंध के रूप में सामने आ सकता है, जिसका असर यूरोप को ऊर्जा की आपूर्ति पर पड़ सकता है और वैश्विक वित्तीय बाजार पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है। वहीं, सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बीच एशियाई शेयर बाजार में गिरावट देखी गई और तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई। वाल स्ट्रीट के सूचकांक में 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हमले के कारण तेल की कीमतों में करीब 6 डालर प्रति बैरल की वृद्धि दर्ज की गई है।

इससे पहले यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय निंदा एवं जवाबी कदमों को भांपते हुए पुतिन ने दूसरे देशों को चेतावनी दी कि वे रूसी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने का प्रयास नहीं करें। पुतिन ने कहा, ‘‘ जो यह समझते हैं कि वे इस समय जारी घटनाक्रम में हस्तक्षेप कर सकते हैं, उनके लिये मेरी ओर से कुछ शब्द हैं... जो भी बाधा पहुंचाने का प्रयास करेगा, हमारे देश और लोगों के लिये खतरा उत्पन्न करेगा, उन्हें यह जानना चाहिए कि रूस का जवाब तत्काल होगा और इसके परिणाम ऐसे होंगे जो इतिहास में नहीं देखे गये होंगे।’’ रूस के परमाणु सम्पन्न देश होने के संदर्भ मे पुतिन ने चेतावनी दी कि किसी को यह संदेह नहीं होना चाहिए कि ‘‘हमारे देश पर सीधा हमला विनाश पैदा करेगा’’ और संभावित आक्रमणकर्ता के लिये भयावह परिणाम पेश करने वाला होगा। उन्होंने कहा कि रूस परमाणु शक्ति सम्पन्न है और अत्याधुनिक हथियारों को लेकर कई मायने में वह मजबूत स्थिति में है।

अमेरिका ने मंगलवार को बाल्टिक क्षेत्र में अपने सैन्य बलों की तैनाती के बारे में कुछ घोषणाएं की थी लेकिन कहा था कि वह अपने सैनिकों को रूस से लड़ने के लिये नहीं भेजेगा। वहीं, रूस ने कहा है कि पूर्वी यूक्रेन में विद्रोही नेताओं ने यूक्रेन की ‘‘आक्रामकता’’ से बचाव के लिए रूस से सैन्य सहायता मांगी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि विद्रोही नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पत्र लिखकर बताया है कि यूक्रेन की सेना द्वारा की गई गोलाबारी में कई नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं। यह कार्रवाई पुतिन द्वारा पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित विद्रोही क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने और उनके साथ मित्रता संधियों पर हस्ताक्षर करने के बाद की गई है। पुतिन की ओर से कार्रवाई की घोषणा तब की गई जब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मास्को के उस दावे को खारिज कर दिया कि उनका देश, रूस के समक्ष खतरा उत्पन्न कर रहा है।

वहीं, जेलेंस्की ने रात में रूसी में भावनात्मक संदेश ने कहा कि यूक्रेन के लोग और यूक्रेन की सरकार शांति चाहती है, लेकिन अगर हमारे ऊपर हमला हुआ और हमारे देश, स्वतंत्रता, लोगों की जीवन छीनने का प्रयास किया गया, तब हम अपनी रक्षा करेंगे। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने बुधवार को पुतिन के साथ बातचीत (कॉल) की व्यवस्था करने को कहा था लेकिन क्रेमलिन की ओर से कोई जवाब नहीं आया। संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गिय किस्लित्सिया ने सुरक्षा परिषद को बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ‘‘यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा’’ कर दी है। उन्होंने अपने रूसी समकक्ष पर यह कहने के लिए भी दबाव डाला कि रूस यूक्रेन के शहरों पर गोलाबारी और बमबारी नहीं करेगा। नाटो के महासचिव जेन स्टोलटेनबर्ग ने बयान जारी करके रूस के लापरवाह और बिना उकसावे के यूक्रेन पर किये गए हमले की निंदा की, जिसने नागरिकों के जीवन को खतरें में डाल दिया है। वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिसेल और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सूला वोन डेर लियेन ने क्रेमलिन की जवाबदेही तय करने की बात कह। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान की घोषणा किये जाने को ‘‘अपने कार्यकाल का सबसे दुखद क्षण’’ करार दिया है।





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