Taiwan Strait में नहीं थम रही चीनी ड्रैगन की दादागिरी, 24 घंटे में दर्जनों Warships-Jets Active

चीन ने ताइवान सीमा पर अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं, जहां उसके लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया है। इस घुसपैठ के जवाब में ताइवान की सेना ने अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।
दुनिया की निगाहें इन दिनों जहां अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर टिकी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ ताइवान को भी चीन के हमले का डर सता रहा है। ताइवान के आस-पास चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। आए दिन ताइवान के क्षेत्र में चीनी लड़ाकू विमान और युद्धपोत देखे जा रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है।
क्या है पूरा मामला?
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तक चीन के चार लड़ाकू विमान और छह नौसैनिक जहाज ताइवान के आस-पास सक्रिय पाए गए। मंत्रालय के मुताबिक, इन चार में से तीन चीनी लड़ाकू विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी व दक्षिण-पूर्वी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में घुस गए।
इसे भी पढ़ें: Iran पर जल्द होगा Big Announcement? अमेरिकी मंत्री Marco Rubio बोले- आखिरी फैसला Donald Trump लेंगे
चीनी गतिविधियों पर ताइवान की पैनी निगाह
चीनी सेना की इस हरकत के बाद ताइवान की सेना भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश की सेनाएं पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही हैं और स्थिति को देखते हुए उचित जवाबी कार्रवाई की गई है।
शनिवार को भी चीन ने की थी घुसपैठ की कोशिश
आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी चीन की तरफ से बड़े स्तर पर सैन्य हलचल देखी गई थी। तब ताइवान के आस-पास चीन के 16 विमानों और 8 नौसैनिक जहाजों का पता चला था। उन 16 विमानों में से 13 ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार कर उकसाने वाली कार्रवाई की थी।
इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका दोनों देशों में मौजूद हैं बेवकूफ लोग, USA में Racism पर बोले Marco Rubio
ताइवान और चीन के बीच विवाद की वजह
दरअसल, ताइवान पर चीन का दावा एक बेहद पुराना और जटिल मुद्दा है। बीजिंग का हमेशा से यह दावा रहा है कि ताइवान चीन का ही एक हिस्सा है और वह इसे अपने में मिलाना चाहता है। दूसरी तरफ, ताइवान खुद को एक पूरी तरह आजाद देश मानता है। ताइवान की अपनी लोकतांत्रिक सरकार, अलग सेना और खुद की मजबूत अर्थव्यवस्था है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ताइवान की यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है और इसी वजह से दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
अन्य न्यूज़














