डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के लिए तैयार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 13, 2021   11:56
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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के लिए तैयार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा बुधवार को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के लिए तैयार है।प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने मंगलवार रात को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई के प्रबंधकों को नियुक्त किया। इसके मुख्य प्रबंधक सांसद रस्किन हैं।

वाशिंगटन। कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) पर पिछले सप्ताह हुए हिंसक हमले के मद्देनजर अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा बुधवार को मतदान करने के लिए तैयार है। महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन सकते हैं जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया। सांसदों जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू ने महाभियोग का प्रस्ताव तैयार किया है जिसे प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों ने सह-प्रायोजित किया। इसे सोमवार को पेश किया गया था। इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को ‘‘ राजद्रोह के लिए उकसाने’’का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

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प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने मंगलवार रात को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई के प्रबंधकों को नियुक्त किया। इसके मुख्य प्रबंधक सांसद रस्किन हैं। उनके अलावा डियाना डीगेटे, स्टेसी प्लास्केट, मैडेलीने डियान, डेविड सिसिलिने, टेड लियू और जो नेगुसे इसके प्रबंधक हैं। पेलोसी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति के खिलाफ अभियोग चलाने और उन्हें हटाने के लिए मामले को पेश करना उनका (प्रबंधकों) संवैधानिक कर्तव्य है।’’ प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप को उनके पद से हटाने के लिए अमेरिका के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से 25वां संशोधन लागू करने की अपील करने का प्रस्ताव पारित किया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।पेंस ने 25वें संशोधन को लागू करने से इनकार कर दिया है। पेंस ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘हमारे संविधान में, 25वां संशोधन सजा देने या अधिकार छीनने का जरिया नहीं है।

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इस प्रकार से 25वां संशोधन लागू करना खराब उदाहरण पेश करेगा।’’ इससे पहले प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति के अध्यक्ष जेरोल्ड नैडलर ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए 50 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें महाभियोग चलाने के लिए मजबूत आधार पेश किए गए हैं। इस बीच ट्रंप ने यूएस कैपिटल पर छह जनवरी को किए हमले के बाद अपने पहले भाषण में कहा, ‘‘ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहले कभी इतने खतरे में नहीं थी। मुझे 25वें संशोधन से ज़रा सा भी खतरा नहीं है, लेकिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन के लिए यह आगे खतरा जरूर बन सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ देश के इतिहास में जानबूझकर किसी (ट्रंप) को परेशान करने के सबसे निंदनीय कृत्य को आगे बढ़ाते हुए महाभियोग का इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे काफी गुस्से एवं विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसका दर्द इतना अधिक है कि कुछ लोग इसे समझ भी नहीं सकते, जो कि खासकर इस नाजुक समय में अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक है।’’

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ट्रंप के खिलाफ एक साल पहले प्रतिनिधि सभा द्वारा महाभियोग प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद सीनेट में उनका बचाव करने वाले हॉर्वर्ड लॉ के प्रोफेसर एलन डेरशोवित्ज ने महाभियोग चलाने के ताजा कदम की निंदा की है। प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए। इससे पहले, सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने सोमवार को अपने पार्टी सहकर्मियों के साथ कान्फ्रेंस कॉल के दौरान कहा था कि महाभियोग को लेकर मतदान बुधवार को होगा। डेमोक्रेटिक सांसदों के पास ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त मत है, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं के पास 50 के मुकाबले 51 का मामूली अंतर से बहुमत है। सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों के मतों की आवश्यकता होती है।





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जो बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद UN के महासचिव ने दिया बड़ा बयान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:44
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जो बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद UN के महासचिव ने दिया बड़ा बयान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि जो बाइडेन प्रशासन के साथ ‘‘बेहद सक्रिय और सकारात्मक’’ तरीके से काम करेंगे।दुजारिक ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ शांति और सुरक्षा के मामलों पर अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य पूरे करने में अमेरिका की एक अहम भूमिका है।

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन ‘‘बेहद सक्रिय और सकारात्मक’’ तरीके से मिलकर काम करेंगे। प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि गुतारेस सही समय आने पर अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन से बात करेंगे। दुजारिक ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ शांति और सुरक्षा के मामलों पर अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य पूरे करने में अमेरिका की एक अहम भूमिका है। हम सतत विकास के लिए और दुनिया के सभी लोगों के लिए मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने के लक्ष्य से बाइडन प्रशासन के साथ काम करने को उत्साहित हैं।’’

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दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने जलवायु, वैश्विक स्वास्थ्य, विश्व स्वास्थ्य संगठन और कोरोना वायरस के मुद्दों पर बाइडन प्रशासन के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने से जुड़ी खबरें देखी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम इन खबरों का स्वागत करते हैं। हम इन घटनाक्रमों का स्वागत करते हैं। इन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर होने के बाद इनके नीति बनते ही हम इसका आधिकारिक रूप से भी स्वागत करेंगे।’’ दुजारिक ने कहा कि महासचिव और नया बाइडन प्रशासन ‘‘ बेहद सक्रिय और सकारात्मक तरीके से’’ मिलकर काम करेगा।





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कमला हैरिस ने कैपिटल की सीढ़ियों पर खड़े होकर पेंस को दी विदाई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:23
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कमला हैरिस ने कैपिटल की सीढ़ियों पर खड़े होकर पेंस को दी विदाई

कमला हैरिस ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद ऐसी भूमिका निभाई जिसका निर्वहन सामान्य तौर पर निवर्तमान राष्ट्रपति करते हैं।

वाशिंगटन। कमला हैरिस ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद ऐसी भूमिका निभाई जिसका निर्वहन सामान्य तौर पर निवर्तमान राष्ट्रपति करते हैं। हैरिस और उनके पति डग एमहॉफ ने बुधवार को अमेरिकी कैपिटल की सीढ़ियों पर खड़े होकर पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस और उनकी पत्नी केरेन को विदाई दी। दोनों दंपतियों ने सीढ़ी पर कुछ देर तक खड़े होकर बातचीत की और उसके बाद पेंस कार में सवार होकर रवाना हो गए। यह परिपाटी सामान्य रूप से पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को निभानी थी लेकिन वह शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए।





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जो बाइडन, कमला हैरिस ने अमेरिका के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:19
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जो बाइडन, कमला हैरिस ने अमेरिका के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली

जो बाइडन ने बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और देश को एकजुट करने का वादा करते हुए नागरिकों से देश को बांटने वाले ‘‘अशिष्ट युद्ध’’ को समाप्त करने का आह्वान किया।

वाशिंगटन। जो बाइडन ने बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और देश को एकजुट करने का वादा करते हुए नागरिकों से देश को बांटने वाले ‘‘अशिष्ट युद्ध’’ को समाप्त करने का आह्वान किया। कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली भारतीय अमेरिकी उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा संसद भवन पर छह जनवरी को हुए हमले के मद्देनजर आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा समारोह बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ।

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चेन्नई मूल की भारतीय प्रवासी माता और जमैका से ताल्लुक रखने वाले अफ्रीकी पिता की बेटी 56 वर्षीय हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास में नाम दर्ज कराया है। राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले भाषण में बाइडन ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा, ‘‘हमें इस असभ्य युद्ध को समाप्त करना ही होगा जो लाल को नीले के खिलाफ (अमेरिकी झंडे के रंग), गांवों को शहरों के खिलाफ और कट्टरपंथियों को उदारवादियों के खिलाफ खड़ा करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम यह कर सकते हैं, अगर हम अपने दिल के दरवाजे बंद करने की जगह उन्हें खोल दें। अगर हम थोड़ा धैर्य और मानवता दिखाएं, और अगर हम दूसरों के नजरिए से सोचने का प्रयास करें (हम ऐसा कर सकते हैं।)’’ बाइडन ने अमेरिका के साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करने और दुनिया के साथ एक बार फिर साझेदारी बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका ने परीक्षा दी है और मजबूत होकर उभरा है।

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हम अपने साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करेंगे और एक बार फिर दुनिया के साथ अपना मेल-जोल बढ़ाएंगे।’’ बाइडन ने कहा, ‘‘हम सिर्फ अपनी शक्ति के आधार पर नेतृत्व नहीं करेंगे, बल्कि उदाहरण पेश करेंगे और उसके आधार पर आगे चलेंगे। हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के लिए मजबूत तथा विश्वस्त साझेदार साबित होंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज अमेरिका का दिन है। आज लोकतंत्र का दिन है। इतिहास और आशा का दिन है।’’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘आज हम एक उम्मीदवार की जीत का नहीं बल्कि एक मकसद की जीत का जश्न मना रहे हैं। लोगों, लोगों की इच्छाओं को सुना गया है और उनकी आकांक्षाएं समझी गई हैं।’’ नवंबर में चुनाव में मिली जीत को अस्वीकार करने के पूर्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों का परोक्ष संदर्भ देते हुए बाइडन ने कहा, ‘‘हमने फिर से सीखा है कि लोकतंत्र मूल्यवान है। लोकतंत्र नाजुक है। मेरे दोस्तो, मौजूदा स्थिति में लोकतंत्र की जीत हुई है।’’ गौरतलब है कि ट्रंप ने देश की 152 साल पुरानी परंपरा को नजरअंदाज करते हुए बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया और व्हाइट हाउस से निकल कर सीधे फ्लोरिडा चले गए। अपने 21 मिनट लंबे भाषण में बाइडन ने चुनौती स्वीकार करने और लोकतंत्र को पुन: बहाल करने के लिए अमेरिकी नागरिकों की प्रशंसा की।

कोरोना वायरस संक्रमण और नस्ली अन्याय के खिलाफ लड़ाई जैसी चुनौतियों का संदर्भ देते हुए बाइडन ने कहा, ‘‘एकजुट होकर हम बहुत कुछ कर सकते हैं।’’ महामारी को हराने, हालात सुधारने, देश को एकजुट करने के अपने दृष्टिकोण से सभी को अवगत कराते हुए उन्होंने कहा, ‘‘एकजुटता ही आगे का रास्ता है।’’ बाइडन ने इस बात पर जोर दिया कि वह सभी अमेरिकी नागरिकों के राष्ट्रपति हैं, उन्हें वोट देने वालों के भी और नहीं देने वालों के भी। उन्होंने यह भी कहा कि देश को श्वेत नस्ल की श्रेष्ठता की मानसिकता के खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि उपराष्ट्रपति के रूप में हैरिस का शपथ ग्रहण दिखाता है कि देश में कितने सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह मत कहिए कि चीजें बदल नहीं सकती हैं।’’ उन्होंने क्रोध और विभाजन को शह देने वालों की आलोचना की और उनका विरोध करने वालों से कहा ‘‘एक बार मेरी बात सुनें।’’

बाइडन ने राजनीतिक सत्ता और लाभ के लिए झूठ बोलने वालों की आलोचना की और कहा ‘‘सच और झूठ सब सामने आते हैं।’’ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अपने संदेश में बाइडन ने अमेरिका के साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करने और दुनिया के साथ एक बार फिर साझेदारी बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि देश ने परीक्षा की घड़ी पार की है और मजबूत बनकर उभरा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के 78 वर्षीय अनुभवी नेता ने अपने भाषण में कहा, ‘‘हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत और विश्वस्त साझेदारी होंगे।’’ बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में तीन पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा (डेमोक्रेटिक पार्टी से), जॉर्ज डब्ल्यू बुश (रिपब्लिकन पार्टी से) और बिल क्लिंटन (डेमोक्रेटक पार्टी से) ने भाग लिया। शपथ ग्रहण के बाद बाइडन ने आधिकारिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल @पीओटीयूएस को स्वीकार कर लिया है।

अमेरिका में @पीओटीयूएस राष्ट्रपति का जबकि @एफएलओटीयूएस देश की प्रथम महिला का आधिकारिक ट्विटर हैंडल है। ट्विटर ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद हैंडल @पीओटीयूएस @एफएलओटीयूएस @वीपी और @व्हाइटहाउस को आधिकारिक रूप से बाइडन प्रशासन को सौंप दिया। ये सभी ट्विटर हैंडल अमेरिकी सरकार में शीर्ष पदों से जुड़े हुए हैं और किसी के निजी हैंडल नहीं हैं। ट्रंप के हैंडल @पीओटीयूएस को अब @पीओटीयूएस45 के नाम से आर्काइव कर दिया जाएगा, बिलकुल वैसे ही जैसे ओबामा के हैंडल को @पीओटीयूएस44 के नाम से किया गया था। शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति बाइडन और उपराष्ट्रपति हैरिस ने पारंपरिक सैन्य परंपरा के तहत ‘पास इन रिव्यू’ किया।





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