PoK पर ऐसा क्या बोले पाकिस्तानी? घसीटकर ले गई शहबाज की पुलिस

पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब के सामने एक रैली हुई और इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस दबोच ले गई। यह प्रदर्शनकारी हिंसा की निंदा करने और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इकट्ठा हुए थे।
पाकिस्तान में लोगों को पुलिसकर्मी दबोच दबोच कर गाड़ियों में घसीट कर ले जा रहे हैं। दरअसल विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई हैं। यह विरोध हो रहा है पाकिस्तान की सेना का पाकिस्तान की सरकार का। पाकिस्तान के कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाया है और पीओके में हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज उठाया है। पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब के सामने एक रैली हुई और इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस दबोच ले गई। यह प्रदर्शनकारी हिंसा की निंदा करने और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इकट्ठा हुए थे। जहां पर पाकिस्तान की सेना इस वक्त खुलेआम अत्याचार कर रही है। पाकिस्तानी कश्मीर में सिविल सोसाइटी समूहों के गठबंधन प्रतिबंधित जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी के समर्थन में कश्मीर एकजुटता प्रदर्शन का आयोजन हुआ।
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इसमें छात्र संघ मजदूर संगठनों ने इस मौके पर एक बड़ी रैली की। इस दौरान पुलिसकर्मियों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों के हाथ में प्ले कार्ड थे। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के झंडे थे। वो नारे लगा रहे थे। जैसे ही उन्होंने रैली शुरू की कि देखिए कैसे उन पर पुलिस वाले टूट पड़े। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कारवाई की। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और तो और विरोध प्रदर्शन जैसे ही खत्म हुआ अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों पुलिस की जेल वैन में पहुंचा दिया गया। कैसे देखिए कि दबोच कर लोगों को इन गाड़ियों में ठूसा जा रहा है। इस मौके पर लोग क्या कुछ कह रहे हैं वह सुनवाते हैं। कश्मीर के लिए आवाज उठा रहे हैं कि कश्मीर में गोलियां बंद करें। पूरा मन जो है उनके साथ। दरअसल यह विरोध प्रदर्शन इसलिए हो रहा क्योंकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इस वक्त भीषण अत्याचार हो रहा है। पाकिस्तान की सेना लगातार पाक ऑक्यूपाइड कश्मीर में अपने हक मांगने वाले लोगों को सीधे गोली मार दे रही है। बताया जा रहा है कि अब तक पाकिस्तान की सेना ने सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। और इसमें सबसे ज्यादा विरोध इस बात का है क्योंकि पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में जिस तरीके से पाकिस्तान की सेना चुनाव करवा रही है उसी का सबसे ज्यादा विरोध है क्योंकि पाकिस्तान की सेना अपने मनपसंद पार्टी को चुनाव जितवा रही है और इसी का विरोध हो रहा है और यही देखने को मिला जब पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज को पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर के अंदर पहले फेज के चुनाव में चुनाव जितवाया गया।
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13 सीट पर चुनाव हुए और उसमें वो नौ सीटें जीत गई। पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं। जहां पहले चरण का चुनाव 27 जुलाई को हुआ। उसके बाद 2 अगस्त को चुनाव होने हैं और फिर 10 अगस्त को चुनाव होने हैं। क्षेत्र के मुख्य विरोध आंदोलन में जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी पर क्षेत्रीय सरकार ने जून में प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके कारण लगातार घातक प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इस वक्त भीषण तनाव है। सिर्फ भारत ही पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर के लिए आवाज नहीं उठा रहा। बल्कि ब्रिटेन के सांसदों तक ने पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्री को चिट्ठी लिखी है और अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
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