अल्टरनेटिव टू द वेस्ट! BRICS Summit को लेकर विदेशी मीडिया ने क्या छाप दिया?

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ANI/SS
अभिनय आकाश । Sep 12 2026 11:35AM

दुनिया भर में जंग के साए में दिल्ली की जमीन से ग्लोबल पॉलिटिक्स के इस चैप्टर पर विदेशी मीडिया ने बोल्ड हेडिंग में चैलेंजिंग बताया। पड़ोसी ने सवाल किया कि चीन के साथ कैसे बनेगी? नजर शी जिंपिंग के अराइवल पर है।

दिल्ली की सड़कें आम दिनों से ज्यादा चमक रही हैं। सिक्योरिटी टाइट है। वीआईपी मूवमेंट की वजह से कई रास्ते बंद किए गए तो ऑफिस वालों को दिक्कत हुई। प्रशासन ने दिल्ली वालों से अपील की है कि सहयोग की अपेक्षा है क्योंकि यह दुनिया भर की 40% जीडीपी और आधी आबादी को रिप्रेजेंट करने वाला ब्रिक्स समिट है जिसकी मेजबानी इस बार भारत कर रहा है। दुनिया भर में जंग के साए में दिल्ली की जमीन से ग्लोबल पॉलिटिक्स के इस चैप्टर पर विदेशी मीडिया ने बोल्ड हेडिंग में चैलेंजिंग बताया। पड़ोसी ने सवाल किया कि चीन के साथ कैसे बनेगी? नजर शी जिंनपिंग के अराइवल पर है। 

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दुनिया भर की मीडिया क्या लिख रही है 

पाकिस्तान के अखबार डॉन ने न्यूज़ एजेंसी एएफपी के हवाले से लिखा है। तो सबसे पहले यह हेडिंग देख लेते हैं। वॉर्स पोज अ टेस्ट एज इंडिया होस्ट ब्रिक्स समिट। दुनिया भर में चल रहे युद्धों के बीच ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करना भारत के लिए एक टेस्ट है। खबर में शी जिंपिंग के भारत दौरे पर जोर दिया गया है। लिखा गया है कि 2019 के बाद शी जिंनपिंग पहली बार भारत आएंगे। 6 साल पहले हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने की दिशा में इसे अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के रिश्ते हाल के दिनों में फिर से सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। फ्लाइट्स वीजा और हाई लेवल बैठक का सिलसिला धीरे-धीरे बहाल हो रहा है। लेकिन दोनों देशों के बीच एक दूसरे पर भरोसा अब भी बहुत कम है। बॉर्डर डिस्प्यूट्स लगातार बढ़ता व्यापार घाटा अब भी रिश्तों को जटिल बनाए हुए हैं। ऐसा इस रिपोर्ट में लिखा गया है। डॉन की ही एक दूसरी रिपोर्ट है। इसकी हेडिंग देखिए। इंडिया वेलकम्स रशिया ईरान लीडर्स फॉर ब्रिक्स समिट ओवर शैडोड बाय वॉर। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में युद्ध और आर्थिक संकट का माहौल है। ऐसा इस आर्टिकल में लिखा है। आगे लिखा गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। नई दिल्ली में दर्जनों निर्वासित तिब्बतियों ने शी जिंपिंग के दौरे के खिलाफ तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। 

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ईरान के राष्ट्रपति बनने के बाद पेजिशियान का यह पहला भारत दौरा है जिसे पश्चिम एशिया के इस कॉन्फ्लिक्ट के बाद सम्मेलन में यानी कि इस ब्रिक्स समिट में एजेंडे जो चलेंगे उसमें सबसे ऊपर रखा जाएगा। भारत के रिश्ते ईरान और इजराइल दोनों के साथ बेहतर रहे हैं। लेकिन वो अमेरिका के साथ अपने रिश्तों में भी बेहद नपातुला बैलेंस बनाए रखने की कोशिश करता है। ऐसा डॉन ने लिखा है। न्यूयॉर्क टाइम्स का यह आर्टिकल है जिसमें हेडिंग दी गई है इमर्जिंग पावर्स सीक एन अल्टरनेटिव टू द वेस्ट। बट वॉर डिवाइड्स देम। यानी कि जो भी विकासशील देश हैं वो पश्चिमी देशों का एक अल्टरनेटिव ढूंढ रहे हैं। पर जो युद्ध चल रहे हैं वो जैसे हालात हैं युद्ध में वो इन देशों को डिवाइड कर देते हैं।  इस आर्टिकल में लिखा है कि इस पूरी बैठक का असली मकसद दुनिया में अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबदबे को कम करना है। लेकिन इस समय दुनिया भर में जो जंग चल रही है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं वो इस पूरे गुड की एकता की परीक्षा जरूर लेगा।

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