UPI पर अब कौन सा बड़ा खेल करने वाला है भारत? भूटान पहुंचे जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर के भूटान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच यूपीआई के दूसरे चरण की शुरुआत हुई, जिससे नागरिकों के लिए सीमा पार डिजिटल भुगतान आसान हो गया है। इसके साथ ही भारत ने भूटान को 54 मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक गाड़ियां और 43 जर्सी गायें सौंपीं तथा शिक्षा क्षेत्र में छात्रवृत्ति विस्तार को लेकर भी समझौता किया।
भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर इस वक्त भूटान के दौरे पर हैं। जहां उनके इस दौरे से ही लगातार कई बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी कि यूपीआई का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। अब भारत और भूटान के बीच डिजिटल लेनदेन को पूरी तरीके से टू वे सिस्टम कर दिया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोपगे ने मिलकर इंटरनेशनल यूपीआई के फेज टू को आधिकारिक तौर पर ल्च कर दिया है। इस कदम का जो सीधा फायदा होगा वो यह होगा कि अब भूटान से भारत आने वाले नागरिक बिना किसी कैश एक्सचेंज के झंझट के सीधे अपने बैंक खाते और यूपीआई के जरिए भारत में कहीं भी डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। इससे पहले भूटान के अंदर भारतीय नागरिकों के लिए यूपीआई सेवा शुरू कर दी गई थी और अब इसे दोनों देशों के नागरिकों के लिए लगा दिया गया है।
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अब इस दूसरे चरण के शुरू होने से दोनों देशों के बीच डिजिटल पेमेंट की कनेक्टिविटी पूरी तरीके से दो तरफ़ा यानी कि सीमलेस हो जाएगी। डॉ एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस ऐतिहासिक कदम की जानकारी देते हुए बताया कि यह साझेदारी दोनों देशों के नागरिकों के लिए लेनदेन को बेहद आसान और आधुनिक बनाएंगे। सिर्फ यूपीआई ही नहीं हरित क्रांति को लेकर भी भारत और भूटान साथ आ रहे हैं। डिजिटल क्रांति के साथ-साथ भारत ने भूटान के सस्टेनेबल और ग्रीन ट्रांसपोर्ट विज़न को भी बड़ा बूस्ट दिया है। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री तोपगे को 54 मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी सौंपी हैं। यह कदम दिखाता है कि भारत किस तरह अपने पड़ोसी मित्र देशों को ईोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण में आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग कर रहा है। इतना ही नहीं शिक्षा और डेयरी के सेक्टर में भी दोनों देशों ने नई ताकत देने का काम किया है। जिसके लिए दोनों देशों के बीच अहम स्कॉलरशिप स्कीम के विस्तार को लेकर समझौता हुआ है। यानी कि एमओयू हुआ है। नेहरू वांगचुक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत भूटान के होनहार छात्र भारत के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
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वहीं डेयरी सेक्टर को मजबूती देने के लिए भारत की ओर से भूटान को 43 प्योर लाइन जर्सी गाय भी सौंपी गई। इतना ही नहीं अपने इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऐतिहासिक वांगडू चोलिंग पैलेस का दौरा भी किया और भूटान के पवित्र कोंगजोई लहांगथांग में पूजा अर्चना भी की। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते हैं जिसको दोनों ही देश सम्मानित कर रहे हैं। यशंकर ने भूटान के राजा के साथ भी मुलाकात की है और भारत की ओर से पड़ोसी फर्स्ट यानी कि नेबरहुड फर्स्ट की नीति के तहत भारत और भूटान के रिश्ते पारंपरिक से आगे बढ़कर कूटनीतिक टेक्नोलॉजी सस्टेनेबल एनर्जी और डिजिटल इकॉनमी के मॉडल पर काम कर रहे हैं।
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