NSA डोभाल जा रहे थे चीन, इधर ट्रंप ने झट से भारत को बहुत बड़ा ऑफर भेजा

ट्रंप के करीबी सर्गियो गोर अचानक दिल्ली में लैंड करते हैं और कहते हैं कि मोदी या ट्रंप तो इतने अच्छे दोस्त हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए इस समझौते को अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद-विरोधी उपायों, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कई देशों में डायरेक्ट इनवॉल्वमेंट दिखाकर वहां पर तख्तापलट करने की कोशिश की है। कई जगह पर वो कामयाब रहे हैं। कहीं पर वो दो देशों को लड़ा रहे हैं। कहीं पर टैरिफ टैरिफ खेल रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गौर से अजित डोभाल की मुलाकात होती है। जनवरी का महीना चल रहा है और इसी जनवरी में प्लानिंग की जा रही है कि अजीत डोबाल चाइना भी जाएंगे। हालांकि ये पहले से प्रस्तावित था जब वो एसइओ में शामिल होने के लिए गए थे। उस वक्त ये डील हो गई थी कि एक दौर की वार्ता जनवरी 2026 में भी होगी। तो ये तो उसी का पार्ट है। लेकिन उससे पहले भारत में अमेरिका के राजदूत से मुलाकात करना वो भी एक ऐसा शख्स जो ट्रंप का बहुत करीबी माना जाता है।
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ट्रंप के करीबी सर्गियो गोर अचानक दिल्ली में लैंड करते हैं और कहते हैं कि मोदी या ट्रंप तो इतने अच्छे दोस्त हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए इस समझौते को अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद-विरोधी उपायों, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम करना जारी रखेंगे। 10 दिसंबर को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता को लेकर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।
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गोयल ने कहा, "सभी समझौतों के कई विविध पहलू होते हैं। कई बिंदुओं को जोड़ा गया है। वार्ता में काफी प्रगति हुई है, हालांकि 2025 के पतझड़ तक पहले चरण को पूरा करने का मूल लक्ष्य अमेरिकी व्यापार नीति में नए घटनाक्रमों, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ भी शामिल हैं, के कारण विलंबित हो गया है।
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