फर्स्ट लेडी मेलानिया को अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा? ट्रंप की नई नागरिकता स्कीम ने फंसाया

Trump
@realDonaldTrump
अभिनय आकाश । Jul 5 2025 2:21PM

मेलेनिया ट्रंप को देश से बाहर भेजने की मांग के पीछे वजह है अमेरिका के नैचरुलाइज नागरिकों के लिए डॉनल्ड ट्रंप की एक स्कीम इस स्कीम के फेरे में मेलानिया ट्रंप कैसे फंस गईं। आलोचक कह रहे हैं कि अगर ट्रम्प आव्रजन नियमों का लाभ उठाने के लिए प्राकृतिक नागरिकों की जांच करना और उन्हें निर्वासित करना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी पत्नी के मामले को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

अमेरिका में इन दिनों मेलेनिया ट्रंप को देश निकाला देने की मांग उठ रही है। आखिर अमेरिकी नागरिक अपनी ही फर्स्ट लेडी के लिए देश निकाला क्यों मांग रहे हैं, ये समझने के लिए आपको इसका थोड़ा सा बैकग्राउंड जानना होगा। सबसे पहले आपको बताते हैं कि अमेरिका के एक सामाजिक अधिकार संगठन मूव ऑन ने मेलेनिया ट्रंप को लेकर एक सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया। इस अभियान के जरिए मांग उठाई जा रही है कि डोनाल्ड ट्रंप के विदेश मूल के लोगों की नागरिकता खत्म करने की योजना में सबसे पहले मेलेनिया ट्रंप की नागरिकता खत्म होनी चाहिए। इस कैंपेन पर अब तक हजारों साइन हो चुके हैं और ट्रंप विरोधी डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ नेता भी मेलेनिया को देश निकाला देने की मांग कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: उन्हें अब कोई गंभीरता से नहीं लेता...राहुल गांधी पर पीयूष गोयल का पलटवार

मेलेनिया ट्रंप को देश से बाहर भेजने की मांग के पीछे वजह है अमेरिका के नैचरुलाइज नागरिकों के लिए  डॉनल्ड ट्रंप की एक स्कीम इस स्कीम के फेरे में मेलानिया ट्रंप कैसे फंस गईं। आलोचक कह रहे हैं कि अगर ट्रम्प आव्रजन नियमों का लाभ उठाने के लिए प्राकृतिक नागरिकों की जांच करना और उन्हें निर्वासित करना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी पत्नी के मामले को अनदेखा नहीं करना चाहिए। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि मेलानिया का जन्म पूर्व यूगोस्लाविया (अब स्लोवेनिया) में हुआ था और 2006 में वह अमेरिकी नागरिक बन गईं। वह पहली अमेरिकी प्रथम महिला हैं जो प्राकृतिक नागरिक हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने 2018 में बताया कि प्रथम महिला ने अपने माता-पिता, जो वर्तमान स्लोवेनिया से थे, को ग्रीन कार्ड और फिर नागरिकता के लिए प्रायोजित किया, क्योंकि उन्होंने खुद नागरिकता हासिल कर ली थी।

इसे भी पढ़ें: Abraham Accords 2.0: ईरान, गाजा, इजरायल, व्हाइट हाउस में ट्रंप और सऊदी प्रिंस की सीक्रेट मीटिंग में क्या डील हुई

हालाँकि यह याचिका मूल रूप से पाँच महीने पहले बनाई गई थी, लेकिन आयरलैंड के एक अख़बार, आयरिश स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में इसने नए सिरे से गति पकड़ी है। कुछ दिन पहले इस पर 100 हस्ताक्षर थे, लेकिन जब यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई, तब तक यह बढ़कर 6,000 से अधिक हो गई थी। याचिका में मेलानिया ट्रम्प की आव्रजन स्थिति पर सवाल उठाया गया तथा ट्रम्प की आव्रजन नीति की आलोचना की गई।

Hindi me international news के लिए जुड़ें प्रभासाक्षी से

All the updates here:

अन्य न्यूज़