शिवलिंग पर ऐसे चढ़ाए बेलपत्र, खत्म होगी धन संबंधी दिक्कत

  •  कमल सिंघी
  •  जुलाई 31, 2019   17:36
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शिवलिंग पर ऐसे चढ़ाए बेलपत्र, खत्म होगी धन संबंधी दिक्कत

भगवान शिव की अनेक प्रकार से पूजा होती है। जिससे भगवान अलग-अलग कामनाओं को पूरा करते है। लेकिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से आपकी धन संबंधित परेशानियां बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी। इस श्रावण सोमवार को आप खास विधि के तहत भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा-अर्चना करें।

श्रावण माह में भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो श्रावण सोमवार को शिव कि विशेष पूजा की जाती है। भगवान शिव बड़े ही दयालु है वे अपने भक्त की मुराद जल्द ही सुन लेते है। श्रावण माह कोई आम महीना नहीं है। हिन्दू धर्म में इसे बहुत ही पवित्र माह माना गया है। आप श्रावण के हर सोमवार को शिव पूजा अवश्य करतें होंगे। अनेक प्रकार से शिव की पूजा की जाती है जिससे शिव प्रसन्न होते है। लेकिन श्रावण माह के सोमवार को आप बेलपत्र से भगवान शिव की विशेष पूजा करें। जिससे आपके धन की दिक्कतें हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। साथ ही आपको अनेकों फायदे भी मिलेंगे। 

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शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने के फायदे- 

भगवान शिव की अनेक प्रकार से पूजा होती है। जिससे भगवान अलग-अलग कामनाओं को पूरा करते है। लेकिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से आपकी धन संबंधित परेशानियां बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी। इस श्रावण सोमवार को आप खास विधि के तहत भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा-अर्चना करें। क्योंकि भगवान शिव की विशेष पूजा करने का दिन श्रावण का सोमवार रहता है और शिवजी को बेलपत्र अत्यधिक पसंद है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है, बड़े से बड़ा रोग दूर होता है, संतान सुख प्राप्त होता है तथा कोर्ट के मुकदमों में जीत हासिल होती है।

ऐसे चढ़ाई शिवलिंग पर बेलपत्र-

भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा करने की खास विधि आज हम आपको बता रहें है। श्रावण सोमवार को अगर आप इस विधि से शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएंगे तो आपकी धन संबंधित समस्या खत्म हो जाएगी। सबसे पहले आप वृक्ष से बेलपत्र ले आइए। इनमें सें बिना कटे-फटे 11 या 21 बेल पत्र को शुद्ध पानी से साफ कर लीजिए। जिसके बाद एक कटोरे में गाय का दूध लीजिए। जिसमें आपके स्वच्छ बेलपत्र डाल दीजिए। इतने आप जिस विधि से शिवलिंग पर पूजा करते है वह कर लीजिए। अब आप दूध के कटोरे से बेलपत्र निकाल लीजिए और उन्हें गंगाजल से स्वच्छ कर दीजिए। 11 या 21 बेलपत्र जो आपने स्वच्छ किए है उनके हर पत्ते पर चंदन से ॐ बना दीजिए और इत्र छिड़ककर शिवलिंग पर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र  का जाप करते हुए सभी बेल पत्र चढ़ा दीजिए। इसके एक हफ्ते बाद ही आपको इसका परिणाम दिखाई देगा। यह एक प्रकार का टोटका भी है जो श्रावण सोमवार को किया जाता है। आप चाहे तो बेलपत्र की माला भी इस विधि से शिवलिंग पर चढ़ा सकते है। 

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इसलिए भगवान को पसंद है बेलपत्र-

बताया जाता है कि भगवान शिव को पति रूप में पाने हेतु माता पार्वती ने कई प्रकार के जतन किए थे। कई व्रत भी शिवजी को पाने के लिए माता पार्वती ने किए थे। एक दिन भगवान शिव जंगल में बेलपत्र के वृक्ष के नीचे बैठकर तपस्या कर रहें थे। माता पार्वती जब शिवजी की पूजा के लिए सामग्री लाना भूल गई तो उन्होने नीचे गिरे हुए बेलपत्र से शिवजी को पूरी तरह ढक दिया। जिससे शिवजी अत्यधिक प्रसन्न हुए। तब से भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाया जाने लगा और माता पार्वती जब भी शिवजी की पूजा करती तो वे शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना बिल्कुल नही भूलती।

- कमल सिंघी







मकर संक्रांति के दिन नदियों में स्नान का है खास महत्व

  •  प्रज्ञा पाण्डेय
  •  जनवरी 14, 2021   10:52
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मकर संक्रांति के दिन नदियों में स्नान का है खास महत्व

हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति का कई कारणों से विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन ही भगवान आशुतोष ने श्री विष्णु को आत्मज्ञान दिया था। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन सूर्य जब उत्तरायण होते हैं तब देवताओं का दिन शुरू होता है उससे पहले रात रहती है।

सूर्य देवता के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाए जाने वाला मकर संक्रांति पर्व भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है। देश के हर हिस्से में मनाए जाने के कारण मकर संक्रांति को सामाजिक समरसता तथा एकता का प्रतीक भी माना जाता है। 

मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व 

हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति का कई कारणों से विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन ही भगवान आशुतोष ने श्री विष्णु को आत्मज्ञान दिया था। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन सूर्य जब उत्तरायण होते हैं तब देवताओं का दिन शुरू होता है उससे पहले रात रहती है। साथ ही भीष्म पितामह ने मकर संक्रांति के दिन ही अपनी देह त्यागी थी। साथ ही मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भगीरथ के पीछे चलते हुए सागर में जाकर मिल गयी थीं। इसलिए इस दिन तीर्थ स्थलों पर स्नान का खास महत्व है। इन्हीं कारणों से हिन्दू धर्म में इस दिन गंगा स्नान या पवित्र नदियों में स्नान तथा दान का खास महत्व है। 

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मकर संक्रांति पर इन कार्यों से होगा लाभ 

मकर संक्रांति के दिन गंगा नदी में स्नान का खास महत्व है। लोग इस दिन गंगा नदी या अन्य पवित्र नदियों में स्नान अवश्य करते हैं। लेकिन अगर आप नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो गंगा जल को घर में नहाने के पानी में मिला लें और उससे स्नान करें इससे आपको लाभ मिलेगा। स्नान करने के पश्चात पवित्र मन से भगवान सूर्य को जल अर्पित करें इससे सूर्य देव आपको आर्शीवाद देंगे। इसके बाद अपने घर का मंदिर साफ कर शिव जी, विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की पूजा करे। अपनी शक्ति अनुसार गरीबों को दान दें। दान में तिल और गुड़ से बने सामान, कपड़े और अन्न जरूरतमंद लोगों को दे सकते हैं। मकर संक्रांति के दिन झाड़ू खरीदें इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है। घर के बड़े लोगों का आर्शीवाद लें। तिजोरी में रखें आभूषणों को बाहर निकाल गंगा जल से धोएं और उन पर हल्दी लगाकर रखें। इसके अलावा घर में खिचड़ी बनाएं और ब्राह्मणों को भोजन कराएं। इन कार्यों से आपके जीवन में सुख तथा समृद्धि आएगी।

इन कामों से करें परहेज 

मकर संक्रांति का दिन बहुत खास होता है इसलिए किसी प्रकार के अनुचित कार्य आपके भविष्य में आने वाली सुख-समृद्धि पर प्रभाव डाल सकते हैं। इस दिन आपने तन को स्वच्छ रखने के साथ मन को साफ रखें। किसी के प्रति भेदभाव न रखें और किसी का बुरा न करने का संकल्प करें। इसके अलावा फूलों तथा पत्तों को नुकसान न पहुंचाएं। तुलसी के पत्तों को बिल्कुल न तोड़ें। घर के बुजुर्ग लोगों का अपमान न करें इससे सूर्य तथा शनि देव नाराज हो सकते हैं। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन काले कपड़े न पहनें। घर में तामसिक भोजन न बनाएं और खाने में लहसुन, प्याज या मांसाहार का प्रयोग न करें। यदि शराब पीते हों तो मकर संक्रांति के दिन इससे परहेज करें। किसी गरीब के मन को दुखी न करें तथा उन्हें बासी भोजन न खिलाएं।

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अलग-अलग नामों से भी मनायी जाती है मकर संक्रांति

मकर संक्रांति को हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा में माघी, असम में भोगाली बिहु, कर्नाटक में मकर संक्रमण, पंजाब में लोहड़ी, तमिलनाडु में ताइ पोंगल, कश्मीर में शिशुर सेंक्रात, उत्तर प्रदेश तथा बिहार में खिचड़ी के नाम से मनाया जाता है। 

भारत से बाहर भी धूमधाम से मनायी जाती है मकर संक्रांति

मकर संक्रांति के साथ एक रोचक बात यह है कि इसे न केवल भारत में धूमधाम से मनाया जाता है बल्कि विदेशों में भी इसकी झलक दिखाई देती है। बांग्लादेश में पौष संक्रांति, नेपाल में माघी संक्रांति, कम्बोडिया में मोहा संगक्रान, म्यांमार में थिंयान तथा श्रीलंका में पोंगल के नाम से मनाया जाता है।

- प्रज्ञा पाण्डेय







मीन राशि के जातकों का वर्ष 2021 में कैसा रहेगा भविष्यफल, जानिए

  •  अनीष व्यास
  •  दिसंबर 30, 2020   17:28
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मीन राशि के जातकों का वर्ष 2021 में कैसा रहेगा भविष्यफल, जानिए

वर्ष 2021 मीन राशि के जातकों को अनुकूल परिणाम मिलेंगे। क्योंकि इस दौरान आपके करियर के भाव के स्वामी गुरु बृहस्पति, आपकी राशि के एकादश भाव में उपस्थित होंगे, जहाँ वो शनि के साथ युति करेंगे। इसके परिणामस्वरूप, आपको अपनी मेहनत का भरपूर लाभ मिल सकेगा

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष पर आधारित भविष्यफल पढ़ने के बाद आप साल 2021 में होने वाली सभी प्रकार के घटना-दुर्घटना से पूर्व में ही परिचित हो जाएंगे और आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप नए वर्ष की पूरी योजना बनाने में सफल रहेंगे। यह भविष्यवाणी चन्द्र राशि, लग्न तथा वैदिक ज्योतिष के आधार पर किया गया है। इस वार्षिक राशिफल को छह अलग-अलग विषयों में बाँटकर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें कॅरियर, आर्थिक स्थिति, परिवार, प्रेम-रोमांस, शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल है।

आइये विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते है कि नववर्ष 2021 में मीन राशि का राशिफल कैसा रहेगा।

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि मीन राशि के जातकों को वर्ष 2021 कॅरियर के मामले में मन के अनुकूल ही परिणाम प्राप्त होंगे। मीन राशि के जातक इस दौरान अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, आपको अपने सहकर्मियों का साथ मिलेगा और वो अपनी उच्च अवस्था में होते हुए आपको सहयोग करते दिखाई देंगे। आपको इस समय अपने वरिष्ठ अधिकारियों और अपने सहकर्मियों से अच्छे संबंध बनाकर चलने की ज़रूरत होगी। तभी आपके वरिष्ठ अधिकारी आपकी मेहनत को देख पाएंगे। नौकरी पेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में भाग्य का साथ मिलेगा और उनकी उन्नति और प्रमोशन होगा, मीन राशि के जातक प्रयास और अपनी मेहनत जारी रखें। इस वर्ष ना केवल आपको अपने कार्य में तरक्की मिलेगी बल्कि काम के इस वजह से ही आपका सम्मान भी बढ़ेगा। आपके भाई बहनों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। परिवार के बुजुर्गों तथा समाज के सम्मानित व्यक्तियों का आपको सानिध्य मिलेगा और उनके संरक्षण में आप काफी बेहतर कार्य करेंगे, जिसके कारण ना केवल आपके सम्मान में वृद्धि होगी आपको उन्नति प्राप्त होगी। स्वास्थ्य के लिहाज से समय सामान्य से बेहतर रहने वाला है क्योंकि वर्ष 2021 में ग्रह स्थिति अनुकूल रहेगी, लेकिन आपको अप्रैल से सितंबर तक के मध्य थोड़ा ध्यान देने की ज़रूरत होगी।

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कॅरियर 

वर्ष 2021 मीन राशि के जातकों को अनुकूल परिणाम मिलेंगे। क्योंकि इस दौरान आपके करियर के भाव के स्वामी गुरु बृहस्पति, आपकी राशि के एकादश भाव में उपस्थित होंगे, जहाँ वो शनि के साथ युति करेंगे। इसके परिणामस्वरूप, आपको अपनी मेहनत का भरपूर लाभ मिल सकेगा। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि साल की शुरुआत में जहाँ आपको मनचाही नौकरी मिलने के भी योग बनेंगे। वहीं अगर आप प्रशासनिक सेवाओं या सरकारी नौकरियों में अपनी किस्मत आज़माना चाहते हैं तो यह समय अवधि आपके लिए बेहद अनुकूल रहने वाली है। जहां तक व्यापारी जातकों की बात हैं तो, व्यापार के भाव के स्वामी बुध देव सूर्य के साथ मिलकर इस दौरान "बुधादित्य योग" का निर्माण करेंगे। इसलिए साल 2021 आपके बिज़नेस के लिए सबसे बेहतर सिद्ध हो सकता है। परंतु वर्ष 2021 में इस राशि के जातक सब जांच करने के बाद ही लोगों पर भरोसा करें अन्यथा उन्हें व्यापार में हानि हो सकती है। भोजन, रत्न और कपड़ों के बिजनेस से जुड़े लोगों को वर्ष 2021 में बहुत लाभ मिलेगा। नवंबर माह के दौरान कुछ मीन राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र से संबंधित किसी विदेश यात्रा पर जाने का अवसर भी मिल सकता है। 

आर्थिक स्थिति 

वर्ष 2021 में आपको धन संबंधी मामलों में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। साल 2021 की शुरुआत में ही गुरु बृहस्पति और शनि की आपके एकादश भाव में युति आपको निरंतर धन का प्रवाह प्रदान करने में मदद करेगी। जिसके कारण आप अपना धन को जोड़ते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकेंगे। कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि मंगल ग्रह धन और परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, और उनकी कृपा भी आपको आर्थिक लाभ देने में मदद करेगी। इससे आपकी हर प्रकार की आर्थिक समस्याओं का बहुत ही जल्द अंत हो सकेगा। वर्ष 2021 के दौरान शनि आपके एकादश भाव में उपस्थित होंगे, जो आपके ख़र्चों के भाव के स्वामी भी होते हैं। ऐसे में आप अपने संसाधनों और रुपए का ज्यादा खर्च, अपनी विलासिता, विदेश यात्राओं व अन्य सुख-सुविधाओं पर करेंगे। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों पर आपका धन कम ख़र्च होगा। घर-परिवार में हो रहे किसी शुभ कार्यक्रम पर भी आपको कुछ ख़र्चा करना पड़ सकता है। हालांकि मध्य सितंबर के बाद, आपको अपने लंबे समय से अटके हुए किसी धन की प्राप्ति होने से अचानक लाभ मिलने के योग भी बनते नज़र आ रहे हैं।

परिवार 

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वर्ष 2021 में मीन राशि के लोगों को अपने पारिवारिक जीवन में मन के अनुकूल परिणाम मिलेंगे। क्योंकि आपके और परिवार के सदस्यों के बीच चल रहा हर मतभेद समाप्त होगा, जिससे आपको एक दूसरे के साथ संबंध बेहतर करने में मदद मिलेगी। साल 2021 की शुरुआत में पारिवारिक जीवन सुखी और समृद्ध बनेगा, और इससे आपको घर में शांति की अनुभूति होगी। फरवरी माह के दौरान वृषभ राशि में मंगल का गोचर, आपके और परिवार के सदस्यों के रिश्तों में मजबूती और निकटता लाएगा। परिणामस्वरूप, इस दौरान आप जो भी काम करेंगे उसमें आपको भाई-बहन, विशेष रूप से अपने छोटे भाई का पूरा सहयोग मिलेगा। कई ग्रहों के शुभ प्रभाव से आप परिवार के सदस्यों या अपनी मेहनत के कारण, अगस्त और नवंबर के महीने में नया मकान खरीदने का प्लान भी कर सकते हैं। साल के मध्य में आपके और जीवनसाथी के बीच कुछ झगड़े और ग़लतफहमी पैदा होने की आशंका रहेगी। ऐसे में आपको इस दौरान एक-दूसरे पर, पूर्ण विश्वास रखने की सलाह दी जाती है। मीन राशि के जातकों के जीवन में किसी नन्हें मेहमान का आगमन भी संभव है।

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प्रेम-रोमांस 

प्रेम संबंध में वर्ष 2021 मीन राशि के जातकों को मिश्रित परिणाम मिलेंगे। क्योंकि प्रेम और रोमांस के पंचम भाव पर शनि की दृष्टि का प्रभाव, इस वर्ष प्रेमी जातकों के रिश्ते में कई चुनौतियाँ लेकर आएगा। कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस दौरान आप पर गुरु बृहस्पति की कृपा भी होगी। विशेष रूप से इस साल के शुरुआती महीने, प्रेम में पड़े जातकों के लिए सामान्य से कम ही अच्छे रहेंगे। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि, अपने गुस्से पर नियंत्रण रखते हुए, अपने प्रियतम पर बेवजह शक करने से बचें, अन्यथा आपको इसके लिए बाद में पछताना भी पड़ सकता है। जुलाई के माह के दौरान बुध का कर्क राशि में होने वाला गोचर, प्रेमी संग आपके रोमांस को पुनः जागृत करने का अवसर देगा। खासतौर पर अगर आप, लंबे समय से किसी प्रेम संबंध में हैं तो, आपके रिश्ते में इस दौरान नयापन आने की संभावना है। सितंबर के महीने में आपके और प्रेमी के बीच कुछ चुनौतियाँ भी आ सकती हैं। 

शिक्षा

वर्ष 2021 में मीन राशि के जातक छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने का फैसला भी ले सकते हैं। परंतु आपके पंचम भाव पर शनि देव की दृष्टि कुछ छात्रों की, पढ़ाई में रुकावटें उत्पन्न करने का मुख्य कारण बनेगी। इसलिए आपको शुरुआत से ही खुद को अपनी पढ़ाई-लिखाई के प्रति, केंद्रित रहने और अपनी मेहनत जारी रखने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि अप्रैल तक आपके पंचम भाव पर गुरु बृहस्पति की सकारात्मक दृष्टि, विधार्थियों को हर परीक्षा में सफलता प्रदान करेगी। वो जातक जो अभी तक बेरोज़गार हैं, उन्हें सितंबर के बाद नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं। खुद पर आत्मविश्वास रखने की ज़रूरत होगी। परंतु आपको ये सलाह भी दी जाती है कि इस दौरान खुद पर ज़रूरत से ज्यादा आत्मविश्वास न करें, अन्यथा ऐसा करना आपके लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य 

वर्ष 2021 में मीन राशि के जातकों को अपने स्वास्थ्य के अनुकूल परिणाम मिलेंगे। क्योंकि ग्रहों की स्थिति वर्ष 2021 की शुरुआत में आपके स्वास्थ्य जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इसलिए मीन राशि के जातक वर्ष शुरुआत में मानसिक रूप से संतुष्ट रहते हुए, हर कार्य को योजना अनुसार सफलता के साथ पूरा करते दिखाई देंगे। कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि यदि आप पहले से किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं तो इस वर्ष 2021 में आप बेहतर स्वस्थ्य जीवन का आनंद उठा सकेंगे। हालांकि, अप्रैल में आपके द्वादश भाव में गुरु बृहस्पति के गोचर से, कुछ छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी संभव है। इसलिए आपको सेहत के लिहाज़ से अगस्त माह तक, सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए, सही और स्थिर दैनिक दिनचर्या के साथ-साथ अच्छी भोजन की आदतों को अपनाने की कोशिश करें। इस वर्ष आपको मौसम जनित रोग विकसित होने की आशंका भी है।

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ज्योतिष उपाय

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि घर से निकलते हुए सदैव अपनी जेब में एक पीला साफ़ रुमाल ज़रूर रखें। हनुमान जी की आराधना और बजरंग बाण का पाठ करें। शनिवार के दिन छाया दान करें।

- अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक







कुंभ राशि के जातकों का वर्ष 2021 में कैसा रहेगा भविष्यफल, जानिए

  •  अनीष व्यास
  •  दिसंबर 29, 2020   14:30
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कुंभ राशि के जातकों का वर्ष 2021 में कैसा रहेगा भविष्यफल, जानिए

कुंभ राशि वाले बिजनेसमैन जातकों और नौकरी पेशा लोगों के लिए वर्ष 2021 थोड़ा प्रतिकूल रहेगा। आपको अपने कॅरियर में लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत और निरंतर प्रयास करने होंगे। ऐसे में इस समय कोई भी नया बिजनेस शुरू करने से बचें।

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष पर आधारित भविष्यफल पढ़ने के बाद आप साल 2021 में होने वाली सभी प्रकार के घटना-दुर्घटना से पूर्व में ही परिचित हो जाएंगे और आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप नए वर्ष की पूरी योजना बनाने में सफल रहेंगे। यह भविष्यवाणी चन्द्र राशि, लग्न तथा वैदिक ज्योतिष के आधार पर किया गया है। इस वार्षिक राशिफल को छह अलग-अलग विषयों में बाँटकर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें कॅरियर, आर्थिक स्थिति, परिवार, प्रेम-रोमांस, शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल है।

आइये विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते है कि नववर्ष 2021 में कुंभ राशि का राशिफल कैसा रहेगा।

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ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि साल 2021 में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और आपको मिलजुले परिणामों की प्राप्ति होगी। बिजनेस करने वाले जातकों को कार्यक्षेत्र के संबंध में किसी यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। साल 2021 में नौकरी में ट्रांसफर के योग भी बन रहे हैं। आर्थिक जीवन में अचानक से खर्च में बढ़ोत्तरी नजर आएगी, जिसके चलते कुछ समय के लिए आर्थिक तंगी महसूस होगी। अपनी मेहनत अनुसार फल की प्राप्ति होगी। इसलिए मेहनत पर विश्वास करना अधिक उचित रहेगा| विद्यार्थियों को इस साल अधिक मेहनत करनी होगी। हालांकि अपने देश में शिक्षा प्राप्त करने वालों की इच्छा पूरी हो सकती है। वर्ष 2021 में आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा क्योंकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आपको कष्ट दे सकती हैं। साल 2021 में बहुत सी यात्राएं होंगी जिनमें से कुछ में आपको मन के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। हालांकि आपकी आय अच्छी रहेगी लेकिन अधिक ख़र्चों की वजह से आर्थिक समस्या पैदा हो सकती है। विदेश जाने के इच्छुक लोगों की इच्छा साल 2021 में पूरी हो सकती है। आपका पारिवारिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। दांपत्य जीवन में भी मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग बनाए रखें। 

कॅरियर 

कुंभ राशि वाले बिजनेसमैन जातकों और नौकरी पेशा लोगों के लिए वर्ष 2021 थोड़ा प्रतिकूल रहेगा। आपको अपने कॅरियर में लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत और निरंतर प्रयास करने होंगे। ऐसे में इस समय कोई भी नया बिजनेस शुरू करने से बचें। कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि आपके कॅरियर के भाव के स्वामी मंगल है, जो अपने स्वंय के तीसरे भाव में मौजूद है। साथ ही वृश्चिक राशि में शुक्र और केतु की युति दशम भाव में होने से, वर्ष 2021 में आपको कुछ संघर्ष करना पड़ सकता है। जो जातक पहले से नौकरी कर रहे है, उन्हें इच्छानुसार शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। परंतु यदि आप किसी नई नौकरी से जुड़े है तो, आपको इस समय थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी। मध्य वर्ष उन जातकों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा, जो सरकारी नौकरी की तैयारी करना चाहते हैं। 

आर्थिक स्थिति

कुंभ राशि के जातकों के आर्थिक जीवन के लिए यह वर्ष अनुकूल नहीं रहेगा। क्योंकि धन के स्वामी गुरु बृहस्पति, इस दौरान आपके द्वादश भाव में होंगे। इसलिए, आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए आपकी निर्भरता, भाग्य के बजाय आपकी कड़ी मेहनत पर अधिक होगी। कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि धन प्राप्ति के अवसर इस दौरान सबसे अधिक बाधित होंगे, जिसके कारण आप अपना धन संचय करने में पूरी तरह असफल सिद्ध होंगे। वर्ष 2021 आपको सबसे अधिक निवेश से जुड़े मामलों से सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। ऐसे में जोखिम भरे किसी भी बिजनेस में धन का निवेश न करें। क्योंकि इस साल आपको अचानक से नुकसान होने के योग बनते दिखाई दे रहे हैं। आपके ख़र्चों के स्वामी शनि इस दौरान गुरु बृहस्पति के साथ आपके द्वादश भाव में युति करेंगे। ऐसे में आपको इस साल किसी भी कार्य में अपने प्रयास, ऊर्जा और समय लगाने से पहले, उसके बारे में ठीक से सोच-विचार करने की ज़रूरत होगी।

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परिवार 

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वर्ष 2021 में पारिवारिक जीवन में आपको मिले-जुले परिणाम देगा। राहु इस वर्ष आपके चतुर्थ भाव में उपस्थित होंगे, जिसके कारण आपको काम के चलते अपने घर से दूर जाना पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप, आप अपने परिवार को पर्याप्त समय देने में असमर्थ होंगे, और इससे कुछ मतभेद भी पैदा होने की आशंका है। फरवरी के महीने में शुक्र देव का गोचर, आपको महिलाओं के साथ अपने संबंध अच्छे करने के कई अवसर देगा। जिससे आप अपने परिवार की महिलाओं के साथ, अपने मजबूत और अच्छे संबंध विकसित कर सकेंगे। अप्रैल के महीने में मेष राशि में बुध का होने वाला गोचर, आपके और भाई-बहनों के संबंधों में कुछ तनाव उत्पन्न करने का मुख्य कारण बनेगा। इसके साथ ही चौथे भाव में मंगल देव का गोचर, आपकी मां के लिए तनाव और चिंता का कारण बन सकता है। ऐसे में आपको इस दौरान अपने व्यवहार में सुधार करने की ज़रूरत होगी। जो लोग काफी समय से अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर चिंतित थे, उनके लिए साल का यह समय भावनात्मक रूप से आपके रिश्ते को मजबूती देगा।

प्रेम-रोमांस 

कुंभ राशि के जातकों को प्रेम संबंधों में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। क्योंकि आपके प्रेम और रोमांस के भाव के स्वामी, वर्ष की शुरुआत में ही लाभ और आय के भाव में मौजूद होंगे। जिसके कारण कुंभ राशि के प्रेमी जातकों को, इस समय अपने रिश्ते के प्रति अधिक गंभीर और प्रतिबद्ध होने में मदद मिलेगी। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इसके साथ ही कुंभ राशि में गुरु बृहस्पति का गोचर, उनके प्रेम जीवन में सकारात्मक परिणाम लाएगा। क्योंकि इस दौरान गुरु बृहस्पति की दृष्टि आपके पंचम भाव पर होगी। वो प्रेमी जातक जो लंबे समय से अपने रिश्ते के प्रति प्रतिबद्ध हैं, उन्हें इस वर्ष प्रेमी संग विवाह के बंधन में बंधने के अवसर मिलेंगे। इस दौरान आपको मन ही मन ज्यादा सोचने की जगह, अपने प्रेमी से संवाद करने की ज़रूरत होगी, तभी आप अपने रिश्ते में शांत वातावरण सुनिश्चित कर सकेंगे। इसके साथ ही अपने प्रेम संबंधों में हर तरह की ग़लतफहमी और नकारात्मकता को भी दूर करने की कोशिश करना, इस समय आपके लिए उचित रहेगा।

शिक्षा

आपके शिक्षा के स्वामी बुध इस वर्ष आपकी राशि के एकादश भाव में सूर्य के साथ युति करते हुए, आपकी राशि में "बुधादित्य योग" का निर्माण करेंगे। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि जिसके परिणामस्वरूप, वर्ष 2021 निश्चित रूप से कुम्भ राशि के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बहुत लाभ देगा। प्रतियोगी परीक्षाओं या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को, राशि के छठे भाव पर शनि और गुरु बृहस्पति की सीधी दृष्टि, उन्हें शुभ फल देने का कार्य करेगी। इसके बाद जब शनि देव आपके नवम भाव को दृष्टि करेंगे, तब विदेश जाकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने का सोच रहे छात्रों को, लाभ मिलने की संभावना बन सकेगी। इस वर्ष जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने आपके लिए काफी फ़ायदेमंद रहेंगे। वो जातक जो अभी तक बेरोज़गार हैं, उन्हें इस दौरान रोज़गार के शुभ अवसर मिलने की संभावना है।

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स्वास्थ्य 

वर्ष 2021 आपकी सेहत के लिए थोड़ा प्रतिकूल रहेगा। क्योंकि आपके द्वादश भाव में गुरु बृहस्पति और शनि का गोचर, आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दे सकता है। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस कारण कुछ शारीरिक परेशानियों, जैसे: पैरों में दर्द, गैस, एसिडिटी, जोड़ों का दर्द, अपच, सर्दी, खांसी, आदि से भी आपको दो-चार होना पड़ सकता हैं। यदि आप पहले से ही किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो आपके लिए यह समय अधिक तनावपूर्ण सिद्ध होगा। कुछ जातक इस पूरे ही वर्ष तंत्रिका या पाचन समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं। परंतु यह परेशानी भी गंभीर या लंबे समय के लिए, आपके जीवन को प्रभावित नहीं करेंगी। ऐसे में आपको इस पूरे ही वर्ष, अधिक मसालेदार भोजन का परहेज करने की हिदायत दी जाती है। यूँ तो इस वर्ष कई विभिन्न ग्रहों का गोचर आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा, लेकिन मंगल देव आपको इस वर्ष उन सभी से सफलतापूर्वक लड़ने में मदद करेंगे।

ज्योतिष उपाय

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि गाय को रोटी खिलाएँ व हर शनिवार पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाएं। मंगलवार के दिन हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनिवार के दिन चींटियों को आटा खिलाएँ।

अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक







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