बाथरूम की इन बातों को न करें नज़रअंदाज़ वरना जीवन में उठाने पड़ सकते हैं ये कष्ट

बाथरूम की इन बातों को न करें नज़रअंदाज़ वरना जीवन में उठाने पड़ सकते हैं ये कष्ट

यदि किसी घर में वास्तु दोष हो तो इसकी वजह से घर में कलह, परिवार के किसी सदस्य को बीमारी या धन-हानि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र में घर के अलग-अलग हिस्सों से नकारत्मक ऊर्जा को दूर करने के कई उपाय बताए गए हैं।

वास्तुशास्त्र के अनुसार यदि घर में कोई वास्तु दोष तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। घर में वास्तु दोष होने से जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी घर में वास्तु दोष हो तो इसकी वजह से घर में कलह, परिवार के किसी सदस्य को बीमारी या धन-हानि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र में घर के अलग-अलग हिस्सों से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के कई उपाय बताए गए हैं। आज के इस लेख में हम आपको बाथरूम के वास्तु दोष दूर करने के उपाय बताने जा रहे हैं - 

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में कभी भी ईशान कोण में बाथरूम नहीं बनाना चाहिए। माना जाता है कि इससे स्वास्थ्य खराब हो सकता है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

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वास्तुशास्त्र के अनुसार बाथरूम बनाने के लिए सबसे अच्छी पूर्व दिशा मानी जाती है। इसके अलावा अगर किसी और दिशा में बाथरूम बनवाया हो तो पानी का नल या शावर उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं।   

वास्तु दोष दूर करने के लिए नमक का प्रयोग किया जाता है। बाथरूम का वास्तु दोष करने के लिए एक कटोरी में नमक रख दें। इस नमक को महीने में एक बार बदल देना चाहिए। माना जाता है कि नमक आसपास की सारी नकारात्मकता सोख लेता है और इससे वातावरण बनता है। 

वास्तुशास्त्र के अनुसार यदि बाथरूम में आइना लगा हुआ है तो इस बात का ध्यान रखें कि आइना दरवाजे के ठीक सामने ना हो। इससे बाथरूम का दरवाजा खोलने पर घर की नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम में प्रवेश करती है। ऐसे में यदि दरवाजे के ठीक सामने आइना होगा तो नकारात्मक ऊर्जा उस आईने से टकराकर घर में वापस आ जाएगी।

वास्तुशास्त्र के मुताबिक घर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ बाथरूम भी साफ-सुथरा होना चाहिए। माना जाता है कि साफ-सफाई वाले घर में ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यदि बाथरूम गंदा होगा तो इससे घर में नकारात्मकता फैलेगी और इसका असर आपकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार बाथरूम के लिए धातु के बजाय लकड़ी के दरवाजे का इस्तेमाल करना चाहिए। वास्तु के अनुसार, जिस स्थान पर धातु के दरवाजे के लगे होते हैं वहाँ नकारात्मकता बढ़ती है। इससे सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। 

वास्तुशास्त्र के अनुसार यदि उपयोग में ना हो तो बाथरूम का दरवाजा बंद रखना चाहिए क्योंकि इससे बाथरूम में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को आपके घर के बाकी हिस्सों में प्रवेश कर सकती है।

- प्रिया मिश्रा