तीन महीने से तीन आरोपियों ने किया 9वीं क्लास की छात्रा का बलात्कार, मुंह पर कपड़ा ठूंसकर कमरे में रखते थे बंद

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Prabhasakshi
निधि अविनाश । Jul 26, 2022 3:26PM
पीड़िता जिले के जरीडीह थाना इलाके में रहती है और 20 अप्रैल को वह अपने घर से कपड़े खरीदने के लिए निकली थी। इस दौरान जब वह घर लौट रही थी, तभी मंतोष कुमार ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर छात्रा का अपहरण कर लिया और तीनों ने मिलकर उसे ऑटो में बिठा लिया।

झारखंड के बोकारो से बड़ा ही भयावह मामला सामने आया है जहां 9वीं क्लास की छात्रा का पहले अपहरण किया गया फिर उसके साथ बलात्कार हुआ। नाबालिग के साथ ये गंदा काम तीन युवकों ने किया है। आरोप के मुताबिक इन तीनों युवकों ने नाबालिग को एक कमरे में पिछले तीन महीने से बंद करके बलात्कार कर रहे थे। जब लड़की ने विरोध करने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट भी की गई। पीड़िता ने जैसे-तैसे अपने आपको आरोपियों के चुंगल से बचाया और घर पहुंची। तब जाकर पूरे मामले का खुलासा किया गया और पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि नाबालिग के परिजनों ने गुमशुदगी की लिखित शिकायत  जरीडीह थाने में दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। जब परिजन थाने गए तो बेटी को खुद खोज लेने की बात कही। पीड़िता के मुताबिक, बलात्कार के दौरान उसे काफी पीटा जाता था। 

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पीड़िता जिले के जरीडीह थाना इलाके में रहती है और 20 अप्रैल को वह अपने घर से कपड़े खरीदने के लिए निकली थी। इस दौरान जब वह घर लौट रही थी, तभी मंतोष कुमार ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर छात्रा का अपहरण कर लिया और तीनों ने मिलकर उसे ऑटो में बिठा लिया। इस दौरान लड़की के मुंह को बांध दिया था ताकि वह चिल्ला न सके। फिर उसे  पिंडराजोरा थाना इलाके के तेलीडीह ले गए और वहां एक कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान लड़की के साथ लगातार तीनों ने बारी-बारी से 3 महीने तक रेप किया। यहीं नहीं जब तीनों आरोपी कमरे से बाहर जाते थे तो पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे अंदर ही छोड़ देते थे और बाहर कमरे में ताला लगा देते थे। वहीं पीड़िता को बाहर से खाना खिलाया करते थे। 19 जुलाई को जब आरोपी लड़की को कमरे में बंद करके गए तो पड़ोस में रह रही एक महिला ने यह सब देख लिया और उसके आसपास के लोगों की मदद से ताला तोड़कर पीड़िता को बाहर निकाला गया और परिजनों को इसकी सूचना दी गई।  पीड़िता के पास उसका मोबाइल था लेकिन वह टूट चुका था।

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पीड़िता और उसके परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने वारादत वाली जगह का केवल मुआयना लिया और वापस लौट आए। परिजनों को फोन करके बोला कि लड़की मिल गई है उसे घर ले जाए और अब मामला दर्ज करके की कोई जरूरत नहीं है। परिजनों ने फिर भी थाने महिला में जाकर मामला दर्ज कराया। पीड़िता के बयान पर महिला पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत गैंगरेप की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में मनोज कुमार, बिष्णु कुमार और मंतोष कुमार को आरोपी बनाया गया है। पीड़िता की मां ने एक मीडिया चैनल को बताया कि पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही कोई सुनवाई नहीं की। जब बेटी मिली तो पुलिस ने कहा कि आरोपी शादीशुदा है, अगर वह अविवाहिता होता तो आपकी बेटी से उसकी शादी करा देते। अब लड़की को घर ले जाओ और पढ़ा-लिखाकर शादी करा देना। डीएसपी सिटी कुलदीप कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।पीड़िता के बयानों के आधार पर छापेमारी की गई है। इस वारदात में शामिल एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

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