नम आंखों से सिद्धू मूसेवाला के लिए पढ़ी गयी अंतिम अरदास, भोग कार्यक्रम में उमड़ा चाहने वालों का सैलाब

Moosewala
ANI

सिद्धू मूसेवाला के भोग कार्यक्रम (मृत्यु के बाद की रस्म) में भाग लेने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में लोग यहां अनाज मंडी में एकत्र हुए। ये लोग पंजाब, हरियाणा और अन्य जगहों से आए थे। इस दौरान कई लोगों ने मूसेवाला की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी।

मानसा (पंजाब)। सिद्धू मूसेवाला के भोग कार्यक्रम (मृत्यु के बाद की रस्म) में भाग लेने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में लोग यहां अनाज मंडी में एकत्र हुए। ये लोग पंजाब, हरियाणा और अन्य जगहों से आए थे। इस दौरान कई लोगों ने मूसेवाला की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। कई बच्चे दिवंगत गायक जैसे कपड़े पहन रखे थे। कई लोगों के हाथों में पोस्टर थे जिन पर 29 मई काला दिन और मूसेवाला अमर रहें लिखा था। कई लोग मूसेवाला के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। कुछ लोगों के हाथों में गायक की तस्वीरों वाले झंडे थे।

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इस मौके पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। अंतिम अरदास में भाग लेने आए जालंधर के एक वकील ने मांग की कि राज्य सरकार गायक के परिवार को न्याय दिलाए। उन्होंने कहा, मूसेवाला की हत्या की जांच जल्दी की जानी चाहिए और हत्या में शामिल लोगों को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए। राजस्थान के गंगानगर से तीन दोस्त बुधवार सुबह चार बजे मूसेवाला को श्रद्धांजलि देने मानसा पहुंचे। उनमें से एक ने कहा जब हमें मूसवाला की मौत के बारे में पता चला तो हम स्तब्ध रह गए।

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मूसेवाला की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर हरियाणा के फतेहाबाद और सिरसा जिलों से युवाओं का एक समूह कार्यक्रम में शामिल होने आया। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दी जानी चाहिए। लुधियाना के एक परिवार ने मूसेवाला की तस्वीरों वाले बैज लोगों को बांटे। गौरतलब है कि पंजाब के मानसा जिले में 29 मई को अज्ञात हमलावरों ने मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मूसेवाला की हत्या के बाद राज्य पुलिस ने इस घटना को आपसी रंजिश का मामला करार दिया। हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ बताया जा रहा है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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