Gonda Tournament से विनेश की वापसी, Doping नियमों पर WFI से टकराव, दांव पर लगा करियर

डोपिंग नियमों पर स्पष्टता की कमी और कुश्ती महासंघ के सवालों के बीच विनेश फोगाट की वापसी खेल प्रशासन के साथ उनके संघर्ष की एक और कड़ी बन गई है, जो सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता न होकर उनके करियर के लिए एक बड़ी चुनौती है।
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट की वापसी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार विनेश फोगाट ने सेवानिवृत्ति के बाद वापसी के लिए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का पालन किया है, लेकिन इसके बावजूद उनके करियर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बता दें कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों के तहत किसी भी खिलाड़ी को संन्यास के बाद दोबारा प्रतियोगिता में लौटने के लिए कम से कम छह महीने पहले लिखित सूचना देनी होती है। इस संबंध में विनेश फोगाट के करीबी सूत्रों का दावा है कि उन्होंने जून 2025 में ही अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी को अपनी वापसी की जानकारी दे दी थी और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
गौरतलब है कि विनेश फोगाट ने दिसंबर 2025 में अपने संन्यास का फैसला वापस लिया था और अब वह 10 से 12 मई के बीच गोंडा में होने वाली सीनियर ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में 57 किलोग्राम वर्ग में उतरने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि उनकी वापसी के साथ कई विवाद भी जुड़े हुए हैं, जिनमें पंजीकरण प्रक्रिया में दिक्कतें, प्रतियोगिता के बाहर जांच से जुड़ी जानकारी में कमी और योग्यता को लेकर उठे सवाल शामिल हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ ने यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग से इस बात पर स्पष्टता मांगी है कि क्या विनेश फोगाट ने वापसी से पहले सभी जरूरी नियमों का पालन किया है। महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा है कि अगर खिलाड़ी पात्र होंगी तभी उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
दूसरी ओर, सूत्रों का कहना है कि यदि विनेश ने नियमों का पालन नहीं किया होता, तो अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की टीम दिसंबर 2025 में बेंगलुरु में उनका नमूना लेने नहीं पहुंचती। यह भी बताया जा रहा है कि यह परीक्षण छह महीने की अनिवार्य समय पूरी होने के बाद ही किया गया था।
हालांकि, इन सबके बीच एशियाई खेलों में उनके खेलने की उम्मीदें लगभग खत्म होती नजर आ रही हैं। बता दें कि भारतीय कुश्ती महासंघ की चयन नीति के अनुसार केवल 2025 सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप, 2026 फेडरेशन कप और 2026 अंडर-20 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के पदक विजेता ही ट्रायल में हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे में गोंडा प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद विनेश फोगाट के लिए एशियाई खेलों का रास्ता मुश्किल बना हुआ है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में विनेश फोगाट कई विवादों और संघर्षों के केंद्र में रही हैं, जिसमें खेल प्रशासन और अन्य मुद्दों को लेकर उनकी खुलकर राय भी सामने आई है। ऐसे में उनकी वापसी केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े संघर्ष और चुनौती का हिस्सा भी बन गई है।
फिलहाल सभी की नजरें गोंडा में होने वाली प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां विनेश फोगाट अपनी फिटनेस और प्रदर्शन के दम पर नई शुरुआत करने की कोशिश करेंगी, लेकिन उनके भविष्य को लेकर अंतिम स्थिति आने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी।
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